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हरियाणा में रबी फसलों को लेकर कृषि अधिकारियों की कार्यशाला संपन्न, 21 नई सिफारिशों को मिली मंजूरी
HAU हिसार में वैज्ञानिकों और कृषि अधिकारियों ने की चर्चा, किसानों तक नई तकनीक और वैज्ञानिक खेती की सिफारिशें पहुंचाने पर जोर
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार में रबी फसलों पर दो दिवसीय कृषि अधिकारियों की कार्यशाला संपन्न हुई। इसमें वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 21 फसल सिफारिशों को अंतिम रूप दिया गया।
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार में रबी फसलों को लेकर आयोजित दो दिवसीय कृषि अधिकारियों की कार्यशाला गुरुवार को संपन्न हो गई। कार्यशाला के दौरान प्रदेश में वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने और नई कृषि तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के लिए 21 फसल संबंधी सिफारिशों को अंतिम रूप दिया गया।
कार्यशाला में HAU के कृषि वैज्ञानिकों और राज्य सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न रबी फसलों के साथ-साथ महत्वपूर्ण कृषि पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की।
किसानों तक पहुंचेंगी नई कृषि सिफारिशें
HAU के कुलपति बलदेव राज कांबोज ने वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों से कहा कि कार्यशाला में स्वीकृत सिफारिशों को जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों और नई सिफारिशों को अपनाकर किसान फसल उत्पादकता के साथ अपनी आय में भी सुधार कर सकते हैं।कुलपति ने कहा कि कार्यशाला ने किसानों के सामने खेत स्तर पर आने वाली समस्याओं को समझने और उनके संभावित समाधान तलाशने में भी मदद की है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से मजबूत होगा फीडबैक सिस्टम
बलदेव राज कांबोज ने कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों के बीच फीडबैक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों से मिलने वाली जानकारी और उनकी समस्याओं पर बेहतर तरीके से काम किया जा सकेगा।
गेहूं, जौ से लेकर दलहन और तिलहन पर चर्चा
HAU के Director of Extension Education Naresh Kaushik ने बताया कि कार्यशाला में अलग-अलग फसलों और कृषि क्षेत्रों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए।
इन सत्रों में गेहूं और जौ, गन्ना और मक्का, दलहन एवं चारा फसलें, तिलहन, कृषि वानिकी तथा शुष्क भूमि खेती जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
रबी सीजन से पहले किसानों को मिलेगी जानकारी
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के Additional Director Ram Pratap Sihag ने कहा कि नई सिफारिशों को जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि आगामी रबी सीजन में किसान इनका लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों और कृषि अधिकारियों के बीच हुई चर्चा का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है।
वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगी उत्पादकता और किसानों की आय
कार्यशाला में तैयार की गई सिफारिशों का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल उत्पादन के बेहतर वैज्ञानिक तरीकों से जोड़ना है। कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों के बीच सीधे संवाद से खेत स्तर पर सामने आने वाली चुनौतियों की पहचान करने और उनके व्यावहारिक समाधान पर विचार करने का अवसर भी मिला।
आगामी रबी सीजन को देखते हुए इन सिफारिशों को समय पर किसानों तक पहुंचाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है, ताकि वे खेती की तैयारी के दौरान नई तकनीकों और वैज्ञानिक उपायों को अपना सकें।
Key Highlights:
- HAU हिसार में रबी फसलों पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई।
- कार्यशाला में 21 फसल सिफारिशों को अंतिम रूप दिया गया।
- वैज्ञानिक खेती और नई कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
- HAU वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से चर्चा की।
- किसानों की खेत स्तर की समस्याओं और उनके संभावित समाधान पर विचार हुआ।
- गेहूं और जौ के लिए अलग सत्र आयोजित किया गया।
- गन्ना, मक्का, दलहन, चारा और तिलहन पर भी चर्चा हुई।
- कृषि वानिकी और शुष्क भूमि खेती को भी कार्यशाला में शामिल किया गया।
- HAU कुलपति बलदेव राज कांबोज ने सिफारिशों को किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसान फीडबैक व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया।
- आगामी रबी सीजन से पहले नई सिफारिशें किसानों तक पहुंचाने की तैयारी है।
FAQ Section:
Q1. HAU में कृषि अधिकारियों की कार्यशाला किस विषय पर आयोजित हुई?
उत्तर: कार्यशाला में मुख्य रूप से रबी फसलों, वैज्ञानिक खेती और किसानों तक नई कृषि तकनीकों को पहुंचाने पर चर्चा हुई।
Q2. कार्यशाला में कितनी कृषि सिफारिशों को अंतिम रूप दिया गया?
उत्तर: कार्यशाला के दौरान 21 फसल सिफारिशों को अंतिम रूप दिया गया।
Q3. किन फसलों और कृषि क्षेत्रों पर चर्चा हुई?
उत्तर: गेहूं, जौ, गन्ना, मक्का, दलहन, चारा फसलें, तिलहन, कृषि वानिकी और शुष्क भूमि खेती पर चर्चा हुई।
Q4. किसानों के लिए इन सिफारिशों का क्या लाभ होगा?
उत्तर: नई वैज्ञानिक सिफारिशों और तकनीकों को अपनाने से किसानों को फसल उत्पादकता और आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
Q5. नई कृषि सिफारिशें किसानों तक कब पहुंचाई जाएंगी?
उत्तर: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार, इन सिफारिशों को जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि वे आगामी रबी सीजन में इनका लाभ उठा सकें।
Conclusion:
हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित रबी फसलों की कार्यशाला ने वैज्ञानिक खेती को खेतों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। 21 नई फसल सिफारिशों को अंतिम रूप देने के साथ किसानों की जमीनी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। अब इन सिफारिशों को आगामी रबी सीजन से पहले किसानों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना प्राथमिकता होगी।
