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भारतीय महिला जूडो टीम की कोच बनीं पंजाब पुलिस इंस्पेक्टर राजविंदर कौर, चोट के बाद 40 की उम्र में की दमदार वापसी
वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप और एशियन गेम्स के लिए मिली बड़ी जिम्मेदारी, दोनों घुटनों की चोट ने पांच साल रोका था करियर
अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी और पंजाब पुलिस इंस्पेक्टर राजविंदर कौर को आगामी वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप और एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला जूडो टीम का कोच नियुक्त किया गया है। चोट के बाद 40 की उम्र पार कर खेल में वापसी करने वाली राजविंदर की यह उपलब्धि उनके संघर्ष और जज्बे की मिसाल है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं पंजाब पुलिस की इंस्पेक्टर राजविंदर कौर ने अपने खेल करियर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें आगामी वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप और एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला जूडो टीम का कोच नियुक्त किया गया है।
राजविंदर कौर के लिए यह जिम्मेदारी इसलिए भी खास है क्योंकि गंभीर चोट के बाद उन्होंने करीब पांच साल तक प्रतिस्पर्धी खेल से दूरी बनाई थी। दोनों घुटनों में लिगामेंट की चोट के कारण उनका करियर लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच गया था। सर्जरी और लंबे फिजियोथेरेपी दौर के बाद उन्होंने 2024 में फिर से प्रतियोगी जूडो में वापसी की।
एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए बड़ी जिम्मेदारी
20वें एशियन गेम्स का आयोजन जापान के आइची प्रीफेक्चर और नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होगा। वहीं, 2026 वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप अजरबैजान के बाकू में 4 से 11 अक्टूबर तक आयोजित की जाएगी।भारतीय महिला जूडो टीम के कोच के रूप में राजविंदर कौर इन दोनों बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में टीम के साथ रहेंगी। उनके साथ कोच वरिंदर सिंह और जीवन शर्मा भी जिम्मेदारी संभालेंगे।
PAP कॉम्प्लेक्स में कोचिंग पर किया था फोकस
दोनों घुटनों में लिगामेंट की चोट के कारण राजविंदर करीब पांच साल तक प्रतिस्पर्धी जूडो से दूर रहीं। इस दौरान उन्होंने जालंधर स्थित PAP कॉम्प्लेक्स में कोचिंग पर अपना ध्यान केंद्रित किया।
2022 में उनकी सर्जरी हुई। इसके बाद करीब दो साल तक फिजियोथेरेपी और रिकवरी प्रक्रिया से गुजरने के बाद उन्होंने 2024 में दोबारा प्रतिस्पर्धी खेल में कदम रखा।
राजविंदर कौर 78 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करती हैं।
पदक जीतकर पहले ही बना चुकी हैं पहचान
राजविंदर कौर का अंतरराष्ट्रीय खेल रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। उन्होंने पिछले साल 27 जून से 6 जुलाई तक अमेरिका के बर्मिंघम, अलबामा में आयोजित प्रतिष्ठित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था।
इसके अलावा उन्होंने 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक हासिल किया था। इससे पहले उत्तराखंड में आयोजित नेशनल गेम्स में उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया था। वह दो बार एशियन गेम्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
40 की उम्र के बाद भी रिंग में कायम
राजविंदर कौर के लिए भारतीय टीम की कोच बनना उनके करियर की उपलब्धियों में जरूर शामिल है, लेकिन वह इसे अपनी सबसे बड़ी जीत नहीं मानतीं। उनके अनुसार, असली उपलब्धि गंभीर चोट से उबरकर दोबारा पूरी फिटनेस हासिल करना और 40 वर्ष की उम्र पार करने के बाद भी जूडो में सक्रिय रहना है।
उनका मानना है कि इस उम्र में खिलाड़ियों का प्रतिस्पर्धी खेल जारी रखना आम बात नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने चोट और उम्र दोनों को चुनौती देते हुए खेल में अपनी मौजूदगी कायम रखी।
Key Highlights:
- पंजाब पुलिस इंस्पेक्टर राजविंदर कौर भारतीय महिला जूडो टीम की कोच नियुक्त।
- आगामी एशियन गेम्स और वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप में संभालेंगी जिम्मेदारी।
- एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान में होंगे।
- वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप 4 से 11 अक्टूबर तक बाकू, अजरबैजान में होगी।
- दोनों घुटनों की लिगामेंट चोट के कारण करीब पांच साल खेल से दूर रहीं।
- 2022 में सर्जरी और करीब दो साल की फिजियोथेरेपी के बाद 2024 में वापसी की।
- 78 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करती हैं।
- 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता।
- वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल कर चुकी हैं।
- दो बार एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
FAQ Section:
राजविंदर कौर को किस टीम का कोच नियुक्त किया गया है?
राजविंदर कौर को भारतीय महिला जूडो टीम का कोच नियुक्त किया गया है।
राजविंदर कौर किन प्रमुख प्रतियोगिताओं के लिए कोच बनी हैं?
वह आगामी वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप और एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला जूडो टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा होंगी।
राजविंदर कौर किस भार वर्ग में खेलती हैं?
राजविंदर कौर 78 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करती हैं।
चोट के बाद उन्होंने कब जूडो में वापसी की?
दोनों घुटनों की चोट के बाद सर्जरी और लगभग दो साल की फिजियोथेरेपी से गुजरने के बाद उन्होंने 2024 में प्रतिस्पर्धी जूडो में वापसी की।
राजविंदर कौर ने कौन-कौन से प्रमुख पदक जीते हैं?
उन्होंने 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य, नेशनल गेम्स में रजत और वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है।
Conclusion:
राजविंदर कौर की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी के कोच बनने की उपलब्धि नहीं है, बल्कि गंभीर चोट और उम्र की चुनौती को पार कर खेल में वापसी करने की प्रेरक मिसाल भी है। भारतीय महिला जूडो टीम के साथ नई भूमिका में अब उनका अनुभव आगामी एशियन गेम्स और वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप में खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
