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झज्जर में सफाई कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर भड़के दीपेंद्र हुड्डा, बोले- सभी कर्मचारियों को तुरंत बहाल करें
DISHA बैठक में रोहतक सांसद ने विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा की, सरकारी स्कूलों की स्थिति पर भी जताई चिंता
झज्जर में DISHA बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सफाई कर्मचारियों की बर्खास्तगी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सभी कर्मचारियों की तत्काल बहाली की मांग की और सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति पर सरकार को घेरा।
झज्जर में DISHA बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सफाई कर्मचारियों की बर्खास्तगी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सभी कर्मचारियों की तत्काल बहाली की मांग की और सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति पर सरकार को घेरा।
Key Highlights:
- दीपेंद्र हुड्डा ने झज्जर में DISHA समिति की बैठक की अध्यक्षता की।
- विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
- सफाई कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर सरकार के फैसले का विरोध किया।
- बहादुरगढ़ में 39 और सोनीपत में 15 सफाई कर्मचारियों को हटाने का दावा किया।
- सांसद ने सभी बर्खास्त कर्मचारियों को तत्काल बहाल करने की मांग की।
- अधिकारियों से कर्मचारियों की बर्खास्तगी के आदेशों के स्रोत के बारे में सवाल किया।
- सरकारी स्कूलों की स्थिति पर भी दीपेंद्र हुड्डा ने चिंता जताई।
- उन्होंने कहा कि जिले में कोई नया सरकारी स्कूल नहीं बनाया गया।
- कई पुराने स्कूल भवन असुरक्षित घोषित होने या ध्वस्त किए जाने की बात सामने आई।
- शिक्षा विभाग के निर्माण बजट में झज्जर को सिर्फ एक फीसदी हिस्सा मिलने का आरोप लगाया।
DISHA बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा
रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने गुरुवार को झज्जर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने जिले में चल रहे विकास कार्यों, केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं तथा लंबित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अधूरे कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।सफाई कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर सरकार को घेरा
बैठक के दौरान सफाई कर्मचारियों की बर्खास्तगी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। दीपेंद्र हुड्डा ने कर्मचारियों को हटाए जाने पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सभी बर्खास्त कर्मचारियों को तत्काल बहाल करने की मांग की।
सांसद ने कहा कि सफाई कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनका आरोप था कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने या उनकी सेवाओं को नियमित करने के बजाय उन्हें नौकरी से निकाल रही है।
दीपेंद्र हुड्डा ने दावा किया कि बहादुरगढ़ में 39 और सोनीपत में 15 सफाई कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। उन्होंने इस कार्रवाई को अस्वीकार्य बताया।
अधिकारियों से पूछा- बर्खास्तगी के आदेश कहां से आए?
दीपेंद्र हुड्डा ने वरिष्ठ जिला अधिकारियों से कर्मचारियों की बर्खास्तगी से संबंधित आदेशों के बारे में सवाल किया। अधिकारियों ने जब उच्च स्तर से मिले निर्देशों का हवाला दिया, तो सांसद ने कहा कि सफाई कर्मचारी केवल अपनी रोजी-रोटी और अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
सरकारी स्कूलों की स्थिति पर भी उठे सवाल
DISHA की पिछली बैठक में सरकारी स्कूलों को लेकर हुई चर्चा के आधार पर तैयार रिपोर्ट भी सांसद के सामने रखी गई। रिपोर्ट की समीक्षा के बाद दीपेंद्र हुड्डा ने जिले में सरकारी स्कूलों की स्थिति पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि झज्जर जिले में कोई नया सरकारी स्कूल नहीं बनाया गया, जबकि कई मौजूदा स्कूल भवनों को असुरक्षित घोषित किया जा चुका है या उन्हें ध्वस्त कर दिया गया है।
दीपेंद्र हुड्डा ने सवाल उठाया कि जब पुराने स्कूल भवन लगातार कम हो रहे हैं, तो सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त कक्षाओं की व्यवस्था कैसे होगी।
झज्जर के साथ विकास में भेदभाव का आरोप
सांसद ने आरोप लगाया कि विकास के मामले में झज्जर जिले के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग के निर्माण बजट का हवाला देते हुए कहा कि जिले को राज्य के कुल निर्माण बजट का केवल एक फीसदी हिस्सा मिला है।
उन्होंने सरकारी स्कूलों की जर्जर स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे समय में निर्माण बजट में जिले की हिस्सेदारी इतनी कम होना चिंता का विषय है।
दीपेंद्र हुड्डा ने स्कूलों और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग करते हुए इसे BJP सरकार का “रिपोर्ट कार्ड” बताया।
विकास योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में सांसद ने विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा प्रशासनिक स्तर पर आ रही अड़चनों को दूर करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए और अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित निगरानी करनी चाहिए।
FAQ
दीपेंद्र हुड्डा ने झज्जर में किस बैठक की अध्यक्षता की?
दीपेंद्र हुड्डा ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक की अध्यक्षता की।
सफाई कर्मचारियों को लेकर दीपेंद्र हुड्डा ने क्या मांग की?
उन्होंने बर्खास्त किए गए सभी सफाई कर्मचारियों को तत्काल बहाल करने की मांग की।
कितने सफाई कर्मचारियों की बर्खास्तगी का दावा किया गया?
दीपेंद्र हुड्डा के अनुसार बहादुरगढ़ में 39 और सोनीपत में 15 सफाई कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है।
सरकारी स्कूलों को लेकर सांसद ने क्या चिंता जताई?
उन्होंने कहा कि झज्जर में कोई नया सरकारी स्कूल नहीं बनाया गया, जबकि कई मौजूदा स्कूल भवन असुरक्षित घोषित या ध्वस्त किए जा चुके हैं।
शिक्षा निर्माण बजट को लेकर क्या आरोप लगाया गया?
दीपेंद्र हुड्डा ने दावा किया कि झज्जर को राज्य के कुल शिक्षा निर्माण बजट का केवल एक फीसदी हिस्सा मिला है।
Conclusion
झज्जर की DISHA बैठक में सफाई कर्मचारियों की बर्खास्तगी और सरकारी स्कूलों की स्थिति दो प्रमुख मुद्दे रहे। दीपेंद्र हुड्डा ने कर्मचारियों की तत्काल बहाली की मांग के साथ जिले के विकास और शिक्षा ढांचे के लिए पर्याप्त बजट देने पर जोर दिया। उन्होंने सरकारी स्कूलों की कमी और पुराने भवनों की स्थिति को लेकर BJP सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए।
