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पाकिस्तान में 92 सिख श्रद्धालुओं को फ्लाइट में चढ़ने से रोका, NOC नहीं होने का दिया हवाला
फैसलाबाद से शारजाह होकर भारत आने वाले थे श्रद्धालु; वैध पासपोर्ट और भारतीय वीजा के बावजूद एयरपोर्ट पर रोका गया जत्था
पाकिस्तान के फैसलाबाद एयरपोर्ट पर 92 सिख श्रद्धालुओं को भारत आने के लिए फ्लाइट में सवार होने की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों ने NOC उपलब्ध नहीं होने का हवाला दिया। श्रद्धालु शारजाह के रास्ते उत्तराखंड स्थित गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब जाने वाले थे।
पाकिस्तान के फैसलाबाद एयरपोर्ट पर 92 सिख श्रद्धालुओं का जत्था गुरुवार देर रात उस समय परेशानी में फंस गया, जब उन्हें शारजाह जाने वाली फ्लाइट में सवार होने की अनुमति नहीं दी गई। श्रद्धालु शारजाह के रास्ते भारत पहुंचकर उत्तराखंड स्थित गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब की यात्रा करने वाले थे।
फ्लाइट को रात 2:10 बजे उड़ान भरनी थी। सभी श्रद्धालु यात्रा के लिए फैसलाबाद एयरपोर्ट पहुंच चुके थे, लेकिन कथित तौर पर No Objection Certificate (NOC) उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
जत्थे में बुजुर्गों के साथ महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। यात्रा रुकने के बाद श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।वैध पासपोर्ट और भारतीय वीजा के बावजूद रोका गया
जत्थे के नेता पप्पेंदर सिंह ने फोन पर श्रद्धालुओं की स्थिति की जानकारी Delhi Sikh Gurdwara Management Committee (DSGMC) के यात्रा विभाग के चेयरमैन परमजीत सिंह चंडोक को दी।
पप्पेंदर सिंह के अनुसार, श्रद्धालुओं से NOC प्रस्तुत करने को कहा गया, जबकि उनके पास वैध पासपोर्ट और भारत के वीजा मौजूद थे।
NOC को लेकर DSGMC ने उठाए सवाल
परमजीत सिंह चंडोक ने कहा कि पाकिस्तानी पासपोर्ट के लिए NOC की आवश्यकता सरकारी, अर्ध-सरकारी या स्वायत्त निकायों के कर्मचारियों के मामले में होती है।
उन्होंने Directorate General of Immigration and Passports से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि सामान्य नागरिकों को पासपोर्ट बनवाने या उसका नवीनीकरण कराने के लिए NOC की जरूरत नहीं होती।
चंडोक ने सवाल उठाया कि जब श्रद्धालुओं के पास वैध पासपोर्ट और भारतीय वीजा हैं, तो उन्हें यात्रा करने से किस आधार पर रोका गया।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदला यात्रा मार्ग
सिख श्रद्धालुओं को भारत पहुंचने के लिए सीधे हवाई मार्ग का विकल्प उपलब्ध नहीं था। दोनों देशों के बीच हवाई क्षेत्र को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण जत्थे को Gulf के रास्ते भारत पहुंचना था।
योजना के मुताबिक, श्रद्धालु पहले फैसलाबाद से शारजाह जाने वाले थे और वहां से आगे की यात्रा कर भारत पहुंचते।
हेमकुंट साहिब की यात्रा पर जा रहा था जत्था
92 श्रद्धालुओं का यह जत्था उत्तराखंड स्थित गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब की धार्मिक यात्रा के लिए भारत आने वाला था। भारत में सिख श्रद्धालुओं के लिए हेमकुंट साहिब एक प्रमुख धार्मिक स्थल है।
यात्रा में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के शामिल होने के कारण फ्लाइट में सवार होने से रोके जाने के बाद उनकी परेशानी और बढ़ गई।
DSGMC ने जताया विरोध
परमजीत सिंह चंडोक ने श्रद्धालुओं को फ्लाइट में सवार होने से रोके जाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जत्थे में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी थे, जिन्हें एयरपोर्ट पर काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने संबंधित नियमों का हवाला देते हुए कहा कि सामान्य पाकिस्तानी नागरिकों के लिए पासपोर्ट से जुड़ी प्रक्रिया में NOC की अनिवार्यता नहीं है। ऐसे में वैध दस्तावेजों के बावजूद श्रद्धालुओं को रोकना सवाल खड़े करता है।
Key Highlights:
- फैसलाबाद एयरपोर्ट पर 92 सिख श्रद्धालुओं को फ्लाइट में चढ़ने से रोका गया।
- श्रद्धालु शारजाह के रास्ते भारत आकर हेमकुंट साहिब जाने वाले थे।
- फ्लाइट को रात 2:10 बजे उड़ान भरनी थी।
- NOC उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर यात्रा रोकी गई।
- जत्थे के पास वैध पाकिस्तानी पासपोर्ट और भारतीय वीजा होने की बात कही गई।
- DSGMC ने कहा कि सामान्य नागरिकों के लिए पासपोर्ट के लिए NOC जरूरी नहीं है।
- जत्थे में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
- दोनों देशों के बीच हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण Gulf के रास्ते भारत पहुंचने की योजना थी।
FAQ Section:
Q1. कितने सिख श्रद्धालुओं को फ्लाइट में सवार होने से रोका गया?
Answer: पाकिस्तान के फैसलाबाद एयरपोर्ट पर 92 सिख श्रद्धालुओं को फ्लाइट में सवार होने की अनुमति नहीं दी गई।
Q2. श्रद्धालु कहां जाना चाहते थे?
Answer: श्रद्धालु शारजाह के रास्ते भारत आकर उत्तराखंड स्थित गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब की यात्रा करने वाले थे।
Q3. श्रद्धालुओं को फ्लाइट में क्यों नहीं चढ़ने दिया गया?
Answer: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें No Objection Certificate (NOC) नहीं होने का हवाला देकर फ्लाइट में सवार होने से रोका गया।
Q4. DSGMC ने NOC को लेकर क्या कहा?
Answer: DSGMC यात्रा विभाग के चेयरमैन परमजीत सिंह चंडोक ने Directorate General of Immigration and Passports की जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि सामान्य नागरिकों को पाकिस्तानी पासपोर्ट के लिए NOC की आवश्यकता नहीं होती।
Q5. श्रद्धालु भारत सीधे क्यों नहीं आ सके?
Answer: दोनों देशों के बीच हवाई क्षेत्र को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण श्रद्धालुओं को Gulf के रास्ते भारत पहुंचने की योजना बनाई गई थी।
Conclusion:
फैसलाबाद एयरपोर्ट पर 92 सिख श्रद्धालुओं को फ्लाइट में सवार होने से रोके जाने से उनकी हेमकुंट साहिब यात्रा प्रभावित हुई है। श्रद्धालुओं के पास वैध पासपोर्ट और भारतीय वीजा होने के बावजूद NOC का मुद्दा सामने आने पर DSGMC ने नियमों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई है। जत्थे में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के शामिल होने से घटना को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
