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अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के विरोध में किसान संगठनों ने तेज किए आंदोलन
एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित लंबित मांगों को लेकर कुरुक्षेत्र में जुटने का आह्वान
अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के बाद किसान संगठनों ने आंदोलन तेज करने की घोषणा की है। Bhartiya Kisan Union (Shaheed Bhagat Singh) और Bhartiya Kisan Union (Charuni) ने किसानों से कुरुक्षेत्र में धरना व रैली में शामिल होने का आह्वान किया है।
अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के बाद किसान संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है।
Bhartiya Kisan Union (Shaheed Bhagat Singh) ने किसानों से सोमवार से मुख्यमंत्री आवास के निकट कुरुक्षेत्र में तीन दिवसीय धरने में पहुंचने का आह्वान किया है। वहीं Bhartiya Kisan Union (Charuni) ने अपने पदाधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने और 23 मार्च को कुरुक्षेत्र में प्रस्तावित रैली के लिए समर्थन जुटाने के निर्देश दिए हैं।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों के हितों से समझौता किया है और उनकी प्रमुख मांगों — न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी और फसल नुकसान का पर्याप्त मुआवजा — को स्वीकार नहीं किया है।
बीकेयू (चरूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह ने संगठन के नेताओं से गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाने और किसानों को 23 मार्च को पिपली अनाज मंडी में बड़ी संख्या में पहुंचने के लिए प्रेरित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते से किसानों के हितों को नुकसान पहुंचेगा और केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को कॉरपोरेट घरानों को सौंपने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। “भारतीय किसान कृषि क्षेत्र में अमेरिका से प्रतिस्पर्धा करने की स्थिति में नहीं हैं। हम व्यापार समझौते के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे,” उन्होंने कहा।
घोषित कार्यक्रमों के अनुसार, 27 फरवरी को सभी जिलों में प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के पुतले फूंके जाएंगे। 5 मार्च को ‘प्रचार रथ’ को हरी झंडी दिखाई जाएगी और 10 मार्च को तहसील स्तर पर ट्रैक्टर मार्च निकाले जाएंगे।
बैठक के बाद किसानों ने विरोध मार्च निकाला और प्रधानमंत्री मोदी तथा ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी की।
