केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री Manohar Lal Khattar ने शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर स्थित करनाल के Maharana Pratap Horticulture University (एमएचयू) का दौरा किया और निर्माणाधीन भवन की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने आगामी मुख्य परिसर भवन के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
खट्टर ने कहा कि करनाल में महाराणा प्रताप के नाम पर स्थापित यह बागवानी विश्वविद्यालय क्षेत्र में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य उन्नत बागवानी तकनीकों का विकास करना और कृषि क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है, तथा इस दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार फल एवं सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने और मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रोत्साहन और सुविधाएं प्रदान कर रही है। बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने ‘भावांतर भरपाई योजना’ लागू की है, जो बाजार में कीमतों में गिरावट के दौरान किसानों को जोखिम से सुरक्षा प्रदान करती है।
इसके अलावा, विशेष मंडियों का विकास किया जा रहा है ताकि किसानों को फल, फूल और सब्जियां बेचने के लिए दूर न जाना पड़े।
खट्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi का लक्ष्य किसानों की आय दोगुनी करना है। इसी दृष्टि को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार किसानों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है, ताकि उन्हें सीधे लाभ मिल सके। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की, जो प्राकृतिक जैव विविधता के संरक्षण में भी सहायक है।

