IGU रेवाड़ी के शोधकर्ताओं ने भूटान में लहराया परचम, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पेश किया ESG रिपोर्टिंग पर शोधपत्र

इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के शिक्षकों और शोधार्थी ने भूटान के पारो में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में लिया हिस्सा, भारतीय कंपनियों की ESG रिपोर्टिंग पर किया शोध प्रस्तुत।

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हरियाणा के रेवाड़ी स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (IGU), मीरपुर के शिक्षकों और एक शोधार्थी ने भूटान में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। शोध में भारतीय कंपनियों की पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासनिक जवाबदेही (ESG) रिपोर्टिंग का विश्लेषण किया गया।

हरियाणा के रेवाड़ी जिले में स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (IGU), मीरपुर के शिक्षकों और शोधार्थी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने भूटान के पारो में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए।
यह सम्मेलन “Harmonising Nature, Economy, and Society: Pathways for Inclusive and Resilient Development” विषय पर आयोजित किया गया। इसमें दुनियाभर के शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
IGU के तीन प्रतिनिधियों ने किया शोध प्रस्तुत
सम्मेलन में विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. संदीप पुरवा, होटल एवं पर्यटन प्रबंधन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार और शोधार्थी सुप्रिया ने भाग लिया।
डॉ. संदीप पुरवा और शोधार्थी सुप्रिया ने “Environmental, Social, and Governance Reporting: A Perspective in Indian Scenario” विषय पर अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। इस शोध में भारतीय कंपनियों की पर्यावरणीय, सामाजिक और प्रशासनिक रिपोर्टिंग का अध्ययन किया गया।
BSE की 30 प्रमुख कंपनियों के आंकड़ों का विश्लेषण
शोध के तहत बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में सूचीबद्ध 30 प्रमुख कंपनियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसमें 13 अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों की कंपनियों को शामिल किया गया।
अध्ययन में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग (BRSR) ढांचे के तहत रिपोर्टिंग का आकलन किया गया। शोध में शामिल प्रमुख भारतीय कंपनियों के बीच निर्धारित मानकों के अनुपालन का स्तर 100 प्रतिशत पाया गया।
अलग-अलग क्षेत्रों में रिपोर्टिंग की गुणवत्ता में अंतर
शोधकर्ताओं ने वन-वे ANOVA नामक सांख्यिकीय परीक्षण के माध्यम से विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में ESG रिपोर्टिंग की गहराई और गुणवत्ता का अध्ययन किया।
विश्लेषण में ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल और फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) जैसे क्षेत्रों के बीच रिपोर्टिंग की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण अंतर सामने आया।
ESG रिपोर्टिंग कंपनियों की पर्यावरणीय जिम्मेदारी, सामाजिक प्रभाव और प्रशासनिक पारदर्शिता को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे अध्ययन कंपनियों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया और विभिन्न क्षेत्रों में स्थिरता संबंधी मानकों के अनुपालन को समझने में मदद करते हैं।
KEY HIGHLIGHTS:
• IGU मीरपुर, रेवाड़ी के प्रतिनिधियों ने भूटान में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोधपत्र प्रस्तुत किए।
• सम्मेलन का आयोजन भूटान के पारो में किया गया।
• डॉ. संदीप पुरवा, डॉ. पवन कुमार और शोधार्थी सुप्रिया ने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया।
• शोध का विषय भारतीय कंपनियों में पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासनिक (ESG) रिपोर्टिंग रहा।
• अध्ययन में BSE की 30 प्रमुख कंपनियों और 13 औद्योगिक क्षेत्रों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।
• शोध में शामिल कंपनियों के बीच SEBI के BRSR ढांचे के अनुपालन का स्तर 100 प्रतिशत पाया गया।
• सांख्यिकीय विश्लेषण में विभिन्न क्षेत्रों की रिपोर्टिंग की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण अंतर सामने आया।
FAQ SECTION:
1. IGU रेवाड़ी के प्रतिनिधियों ने किस सम्मेलन में हिस्सा लिया?
उन्होंने भूटान के पारो में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “Harmonising Nature, Economy, and Society: Pathways for Inclusive and Resilient Development” में भाग लिया।
2. शोधपत्र किस विषय पर प्रस्तुत किया गया?
शोधपत्र का विषय “Environmental, Social, and Governance Reporting: A Perspective in Indian Scenario” था।
3. शोध में कितनी कंपनियों का अध्ययन किया गया?
शोध में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध 30 प्रमुख कंपनियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया, जिसमें 13 औद्योगिक क्षेत्र शामिल थे।
4. ESG रिपोर्टिंग क्या है?
ESG रिपोर्टिंग के माध्यम से किसी कंपनी के पर्यावरणीय प्रदर्शन, सामाजिक जिम्मेदारियों और प्रशासनिक पारदर्शिता का आकलन किया जाता है।
5. शोध में क्या प्रमुख निष्कर्ष सामने आया?
शोध में शामिल प्रमुख भारतीय कंपनियों के बीच SEBI के BRSR ढांचे के अनुपालन का स्तर 100 प्रतिशत पाया गया। हालांकि, अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में रिपोर्टिंग की गहराई और गुणवत्ता में महत्वपूर्ण अंतर देखा गया।
CONCLUSION:
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के शिक्षकों और शोधार्थी की इस अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सम्मेलन में भागीदारी ने भारतीय कंपनियों की ESG रिपोर्टिंग से जुड़े शोध को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर दिया। BSE की प्रमुख कंपनियों पर आधारित यह अध्ययन रिपोर्टिंग मानकों के अनुपालन और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में उनकी गुणवत्ता के अंतर को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।Screenshot_528

Edited By: Atul Sharma

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