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पंजाब के judoka हरशदीप सिंह बराड़ की दमदार वापसी, डोपिंग प्रतिबंध हटने के बाद अब 2028 ओलंपिक पर नजर
बठिंडा के किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले हरशदीप सिंह बराड़ को जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया ने हाल ही में प्रतिबंध से राहत दी।
पंजाब के जूडो खिलाड़ी हरशदीप सिंह बराड़ (81 किलोग्राम वर्ग) अपने खेल करियर में नई शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। 2023 में डोपिंग उल्लंघन के कारण प्रतिबंध झेलने के बाद उनका प्रतिबंध हाल ही में जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया ने हटा दिया। अब उनका लक्ष्य 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है।
पंजाब के बठिंडा जिले के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले जूडो खिलाड़ी हरशदीप सिंह बराड़ ने अपने खेल करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हरशदीप अब एक बार फिर प्रतियोगिताओं में वापसी की तैयारी कर रहे हैं।
81 किलोग्राम भार वर्ग में खेलने वाले हरशदीप को जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (JFI) ने हाल ही में डोपिंग प्रतिबंध से राहत दी है। इसके बाद उनकी नजर अब 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर है।
बठिंडा के किसान परिवार से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
हरशदीप सिंह बराड़ एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने पिछले लगभग 10 वर्षों से गुरदासपुर स्थित प्रसिद्ध शहीद भगत सिंह जूडो ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लिया है।
कोच देव सिंह ढालीवाल के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने खेल को निखारा और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। सीमित संसाधनों वाले परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का उनका सफर मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का उदाहरण है।
एशियाई खेलों सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में किया भारत का प्रतिनिधित्व
हरशदीप सिंह बराड़ एशियाई खेलों, एशियाई चैंपियनशिप, एशियाई कैडेट चैंपियनशिप और FISU वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें इस वर्ष महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। यह सम्मान पंजाब में खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है।
कोच देव सिंह ढालीवाल को हरशदीप की मेहनत पर भरोसा
हरशदीप के कोच देव सिंह ढालीवाल, जो पंजाब खेल विभाग में वरिष्ठ कोच रह चुके हैं, ने उनके समर्पण की सराहना की।
ढालीवाल के अनुसार, जब उन्होंने हरशदीप को शुरुआती दिनों में देखा था, तभी से उनकी मेहनत और लगन स्पष्ट नजर आती थी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी की सफलता के लिए प्रतिभा के साथ निरंतर मेहनत भी जरूरी है।
कोच ने यह भी बताया कि प्रशिक्षण केंद्र में खिलाड़ी और कोच एक-दूसरे की सफलता के लिए मिलकर काम करते हैं।
2023 में डोपिंग मामले के कारण लगा था प्रतिबंध
हरशदीप के करियर को वर्ष 2023 में बड़ा झटका लगा, जब डोपिंग उल्लंघन के मामले में उन पर प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लेने से प्रतिबंध लगा दिया गया था।
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) को उनके शरीर में प्रदर्शन बढ़ाने वाले प्रतिबंधित पदार्थ मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई थी।
हाल ही में जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा प्रतिबंध हटाए जाने के बाद उनके लिए प्रतिस्पर्धात्मक जूडो में वापसी का रास्ता खुला है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रतिबंध हटाने के विस्तृत कारणों का उल्लेख नहीं है।
अब 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए तैयारी
हरशदीप सिंह बराड़ अब अपने अगले लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उनका उद्देश्य 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भारतीय टीम में जगह बनाना है।
उन्होंने अपने मुश्किल दौर को याद करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा विश्वास था कि वह दोबारा मैट पर लौटेंगे और देश को गौरवान्वित करने का अवसर हासिल करेंगे।
उनकी वापसी अब इस बात पर निर्भर करेगी कि वह आगामी प्रतियोगिताओं में कैसा प्रदर्शन करते हैं और ओलंपिक क्वालीफिकेशन की आवश्यकताओं को किस तरह पूरा करते हैं।
KEY HIGHLIGHTS:
• पंजाब के जूडो खिलाड़ी हरशदीप सिंह बराड़ 81 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हैं।
• जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया ने हाल ही में उनका डोपिंग प्रतिबंध हटा दिया।
• वह बठिंडा के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
• उन्होंने गुरदासपुर के शहीद भगत सिंह जूडो ट्रेनिंग सेंटर में लगभग 10 साल प्रशिक्षण लिया है।
• वह एशियाई खेलों और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
• उन्हें इस वर्ष महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार मिला।
• उनका अगला बड़ा लक्ष्य 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए जगह बनाना है।
FAQ SECTION:
1. हरशदीप सिंह बराड़ कौन हैं?
हरशदीप सिंह बराड़ पंजाब के जूडो खिलाड़ी हैं, जो 81 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
2. हरशदीप सिंह बराड़ का डोपिंग प्रतिबंध कब लगा था?
वर्ष 2023 में डोपिंग उल्लंघन के मामले में उन पर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से प्रतिबंध लगाया गया था।
3. हरशदीप का प्रतिबंध किस संस्था ने हटाया?
जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (JFI) ने हाल ही में उनका प्रतिबंध हटाया है।
4. हरशदीप सिंह बराड़ को कौन-सा पुरस्कार मिला है?
उन्हें इस वर्ष महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
5. हरशदीप सिंह बराड़ का अगला लक्ष्य क्या है?
उनका लक्ष्य 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भारतीय टीम में जगह बनाना है।
CONCLUSION:
हरशदीप सिंह बराड़ की कहानी खेल के प्रति समर्पण और मुश्किल दौर के बाद दोबारा आगे बढ़ने की कोशिश को दर्शाती है। डोपिंग प्रतिबंध हटने के बाद उनके सामने प्रतिस्पर्धात्मक जूडो में अपनी जगह दोबारा मजबूत करने का अवसर है। अब उनकी नजर आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर है।

