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अमृतसर में बनता है देश का खास ट्वीड कपड़ा, सर्दियों में बढ़ी मांग के बीच कीमतों में 25% तक उछाल
ट्वीड निर्माण के लिए देशभर में खास पहचान रखता है अमृतसर, ऊन और मिक्स्ड यार्न महंगे होने से बढ़ी उत्पादन लागत; शहर में करीब 50 छोटी इकाइयां और एक बड़ी संगठित इकाई सक्रिय।
पंजाब का अमृतसर खानपान और कला के साथ कपड़ा उद्योग के लिए भी अपनी अलग पहचान रखता है। शहर में बनने वाले ट्वीड कपड़े की सर्दियों में खास मांग रहती है, क्योंकि इसका इस्तेमाल फेरन जैसे गर्म परिधानों में किया जाता है। अप्रैल से अब तक ट्वीड की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।
पंजाब का अमृतसर अपनी खानपान की संस्कृति, कपड़ा उद्योग और कला के लिए देशभर में जाना जाता है। खास तौर पर सर्दियों में यहां बनने वाले ट्वीड कपड़े की मांग बढ़ जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, अमृतसर देश में ट्वीड का एकमात्र विनिर्माण केंद्र है, जहां इस कपड़े का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता है।
ट्वीड शुद्ध ऊन से तैयार किया जाता है। इसकी निर्माण प्रक्रिया में अधिक समय और मेहनत लगती है, जिसके कारण यह सामान्य कपड़ों की तुलना में महंगा होता है। इस साल अप्रैल से ट्वीड की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
सर्दियों में फेरन के लिए बढ़ती है ट्वीड की मांग
ट्वीड का इस्तेमाल सर्दियों में पहने जाने वाले गर्म कपड़ों में किया जाता है। खास तौर पर फेरन जैसे परिधानों के लिए इसकी मांग रहती है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अमृतसर में हर साल तैयार होने वाले लगभग 60 लाख मीटर ट्वीड में से करीब 40 प्रतिशत उत्पादन अप्रैल से जुड़ी रिपोर्ट में बताए गए आंकड़ों के अनुसार बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाता है।
ट्वीड की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसकी गर्माहट और टिकाऊपन है। हालांकि, ऊन की बढ़ती कीमतों और श्रम-प्रधान उत्पादन प्रक्रिया के कारण इसकी लागत भी बढ़ रही है।
ऊन और मिक्स्ड यार्न की कीमतों में बढ़ोतरी
अमृतसर के सबसे पुराने ट्वीड निर्माताओं में शामिल सुदर्शन कुमार वाधवा के अनुसार, कच्चे माल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि ऊन की कीमत 220 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 280 रुपये हो गई है। वहीं, मिक्स्ड यार्न की कीमत 200 रुपये से बढ़कर 270 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
कच्चे माल की कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर ट्वीड के उत्पादन खर्च और बाजार में इसकी कीमतों पर पड़ा है।
100 साल से अधिक पुराना है अमृतसर का ट्वीड उद्योग
सुदर्शन कुमार वाधवा के मुताबिक, अमृतसर में ट्वीड उद्योग का इतिहास लगभग एक सदी पुराना है। शहर में इस समय करीब 50 छोटी विनिर्माण इकाइयां और एक बड़ी इकाई काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि ज्यादातर इकाइयां असंगठित क्षेत्र में आती हैं। संगठित क्षेत्र में शामिल प्रमुख इकाई OCM है।
अमृतसर में तैयार होने वाले ब्लेजर और उच्च गुणवत्ता वाले ट्वीड कपड़े की देश के बाजार में विशेष पहचान है। यह उद्योग स्थानीय कारोबार और रोजगार के लिए भी महत्वपूर्ण है।
बढ़ती लागत के बीच उद्योग के सामने चुनौती
ट्वीड के उत्पादन में शुद्ध ऊन, यार्न और कुशल श्रम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। निर्माण प्रक्रिया में समय और मेहनत अधिक लगने के कारण कच्चे माल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ता है।
ऐसे में उद्योग के लिए बढ़ती लागत के बीच बाजार की मांग को पूरा करना एक महत्वपूर्ण चुनौती है। सर्दियों में मांग बढ़ने के साथ उत्पादकों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए आपूर्ति सुनिश्चित करनी होती है।
KEY HIGHLIGHTS:
• अमृतसर देश में ट्वीड निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता है।
• ट्वीड शुद्ध ऊन से तैयार किया जाता है और इसका इस्तेमाल गर्म कपड़ों में होता है।
• अप्रैल से ट्वीड की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
• ऊन की कीमत 220 रुपये से बढ़कर 280 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
• मिक्स्ड यार्न की कीमत 200 रुपये से बढ़कर 270 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई।
• शहर में लगभग 50 छोटी इकाइयां और एक बड़ी विनिर्माण इकाई है।
• OCM अमृतसर की संगठित क्षेत्र में शामिल प्रमुख इकाई है।
FAQ SECTION:
1. ट्वीड क्या है?
ट्वीड एक मोटा और गर्म कपड़ा है, जिसे मुख्य रूप से ऊन से बनाया जाता है। इसका इस्तेमाल सर्दियों के कपड़ों और ब्लेजर में किया जाता है।
2. अमृतसर का ट्वीड उद्योग क्यों महत्वपूर्ण है?
अमृतसर ट्वीड निर्माण के लिए देशभर में अपनी विशेष पहचान रखता है। यहां कई छोटी इकाइयां और एक बड़ी संगठित इकाई इस उद्योग से जुड़ी हैं।
3. ट्वीड की कीमतों में कितनी वृद्धि हुई है?
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से ट्वीड की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
4. ऊन और मिक्स्ड यार्न की कीमतें कितनी बढ़ी हैं?
ऊन की कीमत 220 रुपये से बढ़कर 280 रुपये प्रति किलोग्राम और मिक्स्ड यार्न की कीमत 200 रुपये से बढ़कर 270 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
5. अमृतसर में ट्वीड की कितनी विनिर्माण इकाइयां हैं?
उद्योग से जुड़े सुदर्शन कुमार वाधवा के अनुसार, अमृतसर में लगभग 50 छोटी इकाइयां और एक बड़ी इकाई संचालित है।
CONCLUSION:
अमृतसर का ट्वीड उद्योग शहर की पारंपरिक विनिर्माण पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सर्दियों में बढ़ती मांग इस कपड़े के कारोबार को गति देती है, लेकिन ऊन और मिक्स्ड यार्न की बढ़ती कीमतों ने उत्पादन लागत बढ़ा दी है। आने वाले समय में इस उद्योग की प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्माता बढ़ती लागत और बाजार की मांग के बीच किस तरह संतुलन बनाते हैं।

