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हरियाणा विधानसभा में ‘धक्का-मुक्की’ का मुद्दा गरमाया, भूपेंद्र हुड्डा ने मांगी हाउस कमेटी से जांच
विधानसभा के गेट पर कांग्रेस विधायकों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जांच की मांग उठाई, स्पीकर हरविंदर कल्याण ने प्रस्ताव ठुकराया।
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस और सरकार के बीच गेट पर कथित धक्का-मुक्की और प्लेकार्ड रोकने के मुद्दे पर तीखी बहस हुई। भूपेंद्र हुड्डा ने मामले की जांच के लिए हाउस कमेटी बनाने की मांग की, जिसे स्पीकर ने खारिज कर दिया।
हरियाणा विधानसभा में ‘धक्का-मुक्की’ पर घमासान
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस और सत्तापक्ष के बीच सदन के बाहर हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर टकराव देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा के प्रवेश द्वार पर विधानसभा स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों द्वारा कांग्रेस विधायकों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की किए जाने का मुद्दा उठाया।
हुड्डा ने पूरे मामले की जांच के लिए सदन की एक कमेटी गठित करने की मांग की। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
हुड्डा ने पूछा- किसके आदेश पर विधायकों को रोका गया?
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हुड्डा ने कहा कि उन्हें अभी तक यह जवाब नहीं मिला है कि कांग्रेस विधायकों को किसके आदेश पर धक्का दिया गया और विधानसभा के गेट के आगे प्लेकार्ड ले जाने की अनुमति क्यों नहीं दी गई।उन्होंने संसद का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि जब सांसद संसद के मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन के दौरान प्लेकार्ड लेकर खड़े हो सकते हैं, तो हरियाणा विधानसभा के प्रवेश द्वार पर ऐसी रोक क्यों लगाई गई।
स्पीकर ने कहा- कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभा रहे थे
विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने हुड्डा की हाउस कमेटी से जांच कराने की मांग को ठुकराते हुए कहा कि विधानसभा स्टाफ ने केवल अपनी ड्यूटी निभाई थी।
स्पीकर के मुताबिक सत्र से पहले हुई सुरक्षा बैठक में यह तय किया गया था कि विधानसभा परिसर का क्षेत्र प्रवेश बिंदु से शुरू माना जाएगा और उसके आगे किसी तरह का प्रदर्शन या प्लेकार्ड ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
प्लेकार्ड को लेकर पहले ही तय था नियम
हरविंदर कल्याण ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सत्र से पहले बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया था कि विधानसभा के प्रवेश द्वार के बाद प्रदर्शन या प्लेकार्ड की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसी व्यवस्था के तहत सुरक्षा कर्मियों और विधानसभा स्टाफ ने प्लेकार्ड को आगे ले जाने से रोका।
CM नायब सैनी की टिप्पणी पर भी विवाद
मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब भूपेंद्र हुड्डा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर कांग्रेस नेताओं के लिए ‘गुंडागर्दी’ शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
हुड्डा ने मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी को असंसदीय बताया।
इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सफाई दी कि उनकी टिप्पणी को पूरे सदन की कार्यवाही के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य सदन में बार-बार ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ के नारे लगा रहे थे।
‘गुंडागर्दी’ शब्द हटाने का सुझाव
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि उन्होंने केवल यह कहा था कि ‘गुंडागर्दी’ उनकी तरफ से नहीं बल्कि विपक्ष की तरफ से हो रही थी। उन्होंने अपने बयान में किसी भी असंसदीय भाषा के इस्तेमाल से इनकार किया।
कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने मुख्यमंत्री के इस तर्क को चुनौती दी और विधानसभा के नियमों का हवाला देते हुए ‘गुंडागर्दी’ शब्द को असंसदीय बताया।
इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
स्पीकर ने सुझाव दिया कि चूंकि दोनों पक्षों की ओर से ‘गुंडागर्दी’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है, इसलिए इसे कार्यवाही से हटाकर इसकी जगह ‘उत्पात’ शब्द का इस्तेमाल किया जाए।
वीडियो देखने का भी दिया गया विकल्प
विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों के सदस्यों को संबंधित घटनाक्रम का वीडियो अपने कक्ष में देखने का अवसर भी दिया। हालांकि, इसके बाद भी सदन में नारेबाजी जारी रही।
पूरे घटनाक्रम को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।
Key Highlights:
- हरियाणा विधानसभा में कथित धक्का-मुक्की का मुद्दा उठा।
- नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हाउस कमेटी से जांच की मांग की।
- स्पीकर हरविंदर कल्याण ने जांच की मांग ठुकरा दी।
- हुड्डा ने पूछा कि विधायकों को किसके आदेश पर रोका गया।
- प्लेकार्ड विधानसभा के प्रवेश द्वार से आगे ले जाने पर रोक को लेकर विवाद हुआ।
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ‘गुंडागर्दी’ टिप्पणी पर भी सदन में बहस हुई।
- कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने इस शब्द को असंसदीय बताते हुए नियमों का हवाला दिया।
- स्पीकर ने ‘गुंडागर्दी’ शब्द को कार्यवाही से हटाकर ‘उत्पात’ करने का सुझाव दिया।
FAQ Section:
हरियाणा विधानसभा में विवाद किस बात को लेकर हुआ?
विवाद विधानसभा के प्रवेश द्वार पर कांग्रेस विधायकों को कथित तौर पर रोके जाने और उनके साथ धक्का-मुक्की के आरोप तथा प्लेकार्ड आगे ले जाने की अनुमति नहीं मिलने को लेकर हुआ।
भूपेंद्र हुड्डा ने क्या मांग की?
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूरे मामले की जांच के लिए विधानसभा की हाउस कमेटी गठित करने की मांग की।
स्पीकर हरविंदर कल्याण ने क्या कहा?
स्पीकर ने कहा कि विधानसभा स्टाफ और सुरक्षा कर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। सत्र से पहले तय किया गया था कि प्रवेश बिंदु के आगे प्रदर्शन या प्लेकार्ड की अनुमति नहीं होगी।
‘गुंडागर्दी’ शब्द को लेकर क्या विवाद हुआ?
हुड्डा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा ‘गुंडागर्दी’ शब्द इस्तेमाल किए जाने को असंसदीय बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी टिप्पणी विपक्ष के लगातार लगाए जा रहे ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ के नारों के संदर्भ में थी।
स्पीकर ने ‘गुंडागर्दी’ शब्द पर क्या फैसला सुझाया?
स्पीकर ने दोनों पक्षों से सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए सुझाव दिया कि ‘गुंडागर्दी’ शब्द को कार्यवाही से हटाकर उसकी जगह ‘उत्पात’ शब्द का इस्तेमाल किया जाए।
Conclusion:
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में प्रवेश द्वार पर कथित धक्का-मुक्की और प्लेकार्ड को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच विवाद गहरा गया। भूपेंद्र हुड्डा ने मामले की जांच के लिए हाउस कमेटी की मांग की, लेकिन स्पीकर ने इसे स्वीकार नहीं किया। वहीं, ‘गुंडागर्दी’ शब्द को लेकर मुख्यमंत्री और विपक्ष के बीच हुई बहस ने सदन का माहौल और गरमा दिया। स्पीकर ने दोनों पक्षों से सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की है।
