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5 साल बाद फिर खुली अमृतसर की महाराजा रणजीत सिंह हॉकी अकादमी, पंजाब के 60 युवा खिलाड़ियों को मिला मौका
कोरोना महामारी के बाद बंद था आवासीय कार्यक्रम, अब बॉर्डर जिलों की हॉकी प्रतिभाओं को तराशने के लिए दोबारा शुरू हुआ प्रशिक्षण
अमृतसर की महाराजा रणजीत सिंह हॉकी अकादमी करीब पांच साल के अंतराल के बाद फिर से शुरू हो गई है। आवासीय कार्यक्रम के तहत पंजाब के विभिन्न हिस्सों से चुने गए 60 युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कोरोना महामारी के बाद करीब पांच साल तक बंद रहने के बाद अमृतसर की महाराजा रणजीत सिंह हॉकी अकादमी ने दोबारा काम शुरू कर दिया है। अकादमी ने अपने आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को फिर से शुरू करते हुए पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से 60 युवा हॉकी खिलाड़ियों का चयन किया है।
अकादमी का मुख्य उद्देश्य पंजाब के सीमावर्ती जिलों में छिपी हॉकी प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। अब तक यह अकादमी चार अंतरराष्ट्रीय और दो जूनियर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार कर चुकी है।
2005 में हुई थी महाराजा रणजीत सिंह हॉकी अकादमी की शुरुआत
महाराजा रणजीत सिंह हॉकी अकादमी की स्थापना वर्ष 2005 में पूर्व हॉकी ओलंपियन बलविंदर सिंह शम्मी की पहल पर हुई थी। उन्होंने अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर के सीमावर्ती इलाकों में मौजूद युवा हॉकी प्रतिभाओं को पहचानने का अभियान शुरू किया था।अकादमी को सफल बनाने के लिए शम्मी ने कई परोपकारियों को भी इससे जोड़ा, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग मिल सके।
अकादमी ने तैयार किए कई बड़े हॉकी खिलाड़ी
अकादमी के पूर्व खिलाड़ियों में कई ऐसे नाम शामिल हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
- रामनदीप सिंह ने 2016 रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और वर्ष 2024 में महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार प्राप्त किया।
- अर्जुन पुरस्कार विजेता शमशेर सिंह 2020 टोक्यो और 2024 पेरिस ओलंपिक में भारतीय टीम का हिस्सा रहे।
- अर्जुन पुरस्कार विजेता दिलप्रीत सिंह टोक्यो ओलंपिक में भारत की टीम में शामिल रहे।
- अराजीत सिंह हुंदल 2024 एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम का हिस्सा रहे।
- हुंदल ने 2023 जूनियर एशिया कप, सलालाह और 2024 जूनियर एशिया कप, मस्कट में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया।
- लवदीप सिंह और गुरजंत सिंह ने 2009 जूनियर एशिया कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
400 खिलाड़ियों में से 60 का हुआ चयन
अकादमी को दोबारा सक्रिय करने के लिए बलविंदर सिंह शम्मी ने सीमावर्ती और दूरदराज के इलाकों में स्थित स्कूलों का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया। उन्होंने युवाओं को हॉकी ट्रायल में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।
उनके प्रयासों के बाद पंजाब भर से करीब 400 युवा खिलाड़ियों ने चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। तीन चरणों में हुई चयन प्रक्रिया के बाद 60 खिलाड़ियों को अंतिम रूप से चुना गया।
‘Catch Them Young’ नीति के तहत प्रशिक्षण
शम्मी ने बताया कि अकादमी ने महामारी से पहले अपनाए गए अपने स्काउटिंग मॉडल को ही फिर से लागू किया, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों तक पहुंच बनाई जा सके।
उन्होंने कहा कि पांच साल से निष्क्रिय नेटवर्क को दोबारा खड़ा करना आसान नहीं था।
आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए उन्होंने पंजाब के खेल निदेशक हरप्रीत सिंह सूडान और सहायक खेल निदेशक गुरजंत सिंह से मंजूरी प्राप्त की। गुरजंत सिंह खुद पूर्व ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता हैं।
‘Catch Them Young’ नीति के तहत चयनित 60 खिलाड़ी खालसा कॉलेज के पास गुरु नानक वाड़ा स्थित अकादमी के हॉस्टल में रह रहे हैं।
खिलाड़ियों की मुफ्त शिक्षा की भी व्यवस्था
अकादमी में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों की शिक्षा को भी ध्यान में रखा गया है। इसके लिए बलविंदर सिंह शम्मी ने अमृतसर स्थित स्प्रिंग डेल एजुकेशनल सोसायटी के साथ पुराने संबंध फिर से स्थापित किए।
सोसायटी के प्रमुख साहिलजीत सिंह संधू हैं, जो महाराजा रणजीत सिंह हॉकी अकादमी के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस सहयोग के जरिए प्रशिक्षु खिलाड़ियों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
Key Highlights:
- महाराजा रणजीत सिंह हॉकी अकादमी करीब पांच साल बाद दोबारा शुरू हुई।
- अकादमी का आवासीय हॉकी प्रशिक्षण कार्यक्रम फिर से शुरू किया गया।
- पंजाब से 400 युवा खिलाड़ियों ने चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
- तीन चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद 60 खिलाड़ियों का चयन हुआ।
- अकादमी की स्थापना 2005 में पूर्व ओलंपियन बलविंदर सिंह शम्मी ने की थी।
- अकादमी ने चार अंतरराष्ट्रीय और दो जूनियर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार किए हैं।
- रामनदीप सिंह, शमशेर सिंह, दिलप्रीत सिंह और अराजीत सिंह हुंदल इसके प्रमुख पूर्व खिलाड़ी हैं।
- चयनित खिलाड़ी गुरु नानक वाड़ा स्थित अकादमी हॉस्टल में रह रहे हैं।
- खिलाड़ियों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए स्प्रिंग डेल एजुकेशनल सोसायटी के साथ सहयोग किया गया है।
FAQ Section:
महाराजा रणजीत सिंह हॉकी अकादमी कब स्थापित हुई थी?
अकादमी की स्थापना वर्ष 2005 में पूर्व हॉकी ओलंपियन बलविंदर सिंह शम्मी की पहल पर हुई थी।
अकादमी कितने साल बाद फिर शुरू हुई?
कोरोना महामारी के बाद करीब पांच साल तक बंद रहने के बाद अकादमी का आवासीय कार्यक्रम दोबारा शुरू किया गया है।
इस बार कितने खिलाड़ियों का चयन हुआ है?
तीन चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद पंजाब के 60 युवा खिलाड़ियों का चयन किया गया है।
चयन प्रक्रिया में कितने खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया?
पंजाब भर से करीब 400 युवा खिलाड़ियों ने चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया था।
अकादमी के प्रमुख पूर्व खिलाड़ियों में कौन शामिल हैं?
रामनदीप सिंह, शमशेर सिंह, दिलप्रीत सिंह, अराजीत सिंह हुंदल, लवदीप सिंह और गुरजंत सिंह अकादमी के प्रमुख पूर्व खिलाड़ियों में शामिल हैं।
चयनित खिलाड़ी कहां रह रहे हैं?
60 चयनित खिलाड़ी खालसा कॉलेज के पास गुरु नानक वाड़ा स्थित अकादमी के हॉस्टल में रह रहे हैं।
Conclusion:
करीब पांच साल के लंबे अंतराल के बाद अमृतसर की महाराजा रणजीत सिंह हॉकी अकादमी का दोबारा शुरू होना पंजाब की युवा हॉकी प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। 60 खिलाड़ियों के आवासीय प्रशिक्षण और मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था के साथ अकादमी एक बार फिर सीमावर्ती क्षेत्रों से प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।
