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हरियाणा में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित
कर्नाल, कैथल और सोनीपत में प्रशासन, SDRF और स्वास्थ्य विभाग ने राहत एवं बचाव अभियान का किया अभ्यास
संभावित बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए हरियाणा सरकार ने राज्यभर में बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की। विभिन्न विभागों की टीमों ने राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास कर आपदा प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा की।
संभावित बाढ़ आपदाओं से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए हरियाणा सरकार ने गुरुवार को राज्यभर में बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की। इस अभ्यास में स्वास्थ्य विभाग, SDRF, पुलिस, फायर ब्रिगेड, लोक निर्माण विभाग और अन्य कई विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। चेतावनी सायरन बजते ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया और काल्पनिक बाढ़ आपदा से निपटने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।
कर्नाल जिले की इंद्री तहसील के जापती छपरा गांव में उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) डॉ. राहुल रैया ने प्रभावित स्थल और कलसोरा गांव के पंचायत घर में बनाए गए स्टेजिंग एरिया का दौरा कर आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
यह अभ्यास जिले में भारी बारिश और बाढ़ की काल्पनिक स्थिति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। मॉक ड्रिल के अनुसार जापती छपरा गांव के खेतों में बाढ़ का पानी भर गया था, जिससे कई किसान फंस गए थे।आपातकालीन चेतावनी जारी होते ही जिला प्रशासन ने इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर सक्रिय किया, जिसके बाद NDRF, पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियों की टीमों ने संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। फंसे हुए किसानों को सुरक्षित बाहर निकालकर इंद्री सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज किया गया और अन्य को प्राथमिक उपचार देकर राहत शिविरों में भेजा गया।
ADC राहुल रैया ने बताया कि यह मॉक ड्रिल जिले में संभावित बाढ़ स्थितियों से निपटने की तैयारियों का मूल्यांकन करने के लिए आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि सुबह 10:08 बजे आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया और 14 मिनट के भीतर बचाव दल मौके पर पहुंच गया। अभ्यास के दौरान बाढ़ में फंसे पांच लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए डमी रेस्क्यू ऑपरेशन भी किया गया।
उन्होंने आगे कहा कि चिन्हित संवेदनशील बाढ़ क्षेत्रों में रिटेनिंग वॉल और अन्य जरूरी सुरक्षा उपायों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
इसी प्रकार कैथल जिले में भी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह अभ्यास उपायुक्त अपराजिता और एसडीएम संजय कुमार की निगरानी में किया गया। ड्रिल के दौरान भारी बारिश और बाढ़ के कारण मिनी सचिवालय स्थित सरल केंद्र और कमेटी चौक के पास सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भवन गिरने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई।
सुबह 9 बजे आपातकालीन सायरन बजने के साथ ही अभियान शुरू हुआ और सूचना तुरंत इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर को भेजी गई। इसके बाद बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे और राहत अभियान शुरू किया।
ड्रिल के दौरान दोनों स्थानों से मलबे में फंसे कुल 21 लोगों को बाहर निकाला गया, जबकि प्रतीकात्मक रूप से तीन लोगों को मृत घोषित किया गया। उपायुक्त अपराजिता ने मिनी सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल से पूरे अभियान की निगरानी की और बाद में सभी विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
उन्होंने कहा कि आपदाएं कभी भी आ सकती हैं और ऐसे अभ्यास आपदा प्रबंधन योजना की प्रभावशीलता जांचने तथा आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं।
वहीं सोनीपत में नहर टूटने के कारण बाढ़ जैसी आपात स्थिति पैदा हो गई। हालात से निपटने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया। मिनी सचिवालय स्थित कंट्रोल रूम को मेहलाना गांव से गुजरने वाली नहर में तीन लोगों के डूबने की सूचना मिली, जिसके बाद SDRF और जिला आपदा प्रबंधन की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया।


