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Kurukshetra University में ‘Launchpad’ कार्यक्रम, BBA-MBA छात्रों को मिली करियर और व्यक्तित्व विकास की सीख
नए विद्यार्थियों के स्वागत के लिए आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने लक्ष्य तय करने और व्यावहारिक कौशल विकसित करने पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने UPSC तैयारी, असफलता और लाइफ स्किल्स पर मार्गदर्शन दिया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के Institute of Management Studies ने BBA और MBA में नए दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए ‘Launchpad: The Stepping Stone to Academic Journey’ कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें छात्रों को अकादमिक सफलता के साथ व्यक्तित्व और व्यावहारिक कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के Institute of Management Studies (IMS) की ओर से BBA और MBA कार्यक्रमों में नए दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के स्वागत के लिए ‘Launchpad: The Stepping Stone to Academic Journey’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए छात्रों को विश्वविद्यालयी जीवन, करियर की संभावनाओं और व्यक्तिगत विकास के लिए तैयार करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश केवल डिग्री हासिल करने की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को आकार देने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।
कुलपति ने छात्रों को लक्ष्य निर्धारित करने की दी सलाहकुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्यों को स्पष्ट रखने और लगातार सीखने की आदत विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छात्रों को मेहनत के साथ चुनौतियों का सामना करने का साहस भी रखना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में उपलब्ध हर सकारात्मक अवसर का बेहतर इस्तेमाल करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि अकादमिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करना भी जरूरी है, क्योंकि यही कौशल आगे चलकर करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
UPSC और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर मार्गदर्शन
हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोशन लाल सैनी ने विद्यार्थियों को UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए केवल अकादमिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। इसके लिए अनुशासन, समय प्रबंधन, नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास और धैर्य भी जरूरी हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखने और परीक्षा की तैयारी के दौरान व्यवस्थित रणनीति अपनाने की सलाह दी।
‘असफलता अंत नहीं, सीखने का अवसर’
NMIMS Chandigarh की निदेशक डॉ. ज्योत्सना सिंह ने विद्यार्थियों को सफलता और असफलता के बीच संबंध को समझाया। उन्होंने कहा कि असफलता को अंतिम परिणाम के तौर पर नहीं देखना चाहिए।
उनके अनुसार, असफलताएं व्यक्ति को अपनी गलतियों से सीखने, कमजोरियों को पहचानने और बेहतर तरीके से आगे बढ़ने का अवसर देती हैं। उन्होंने छात्रों को setbacks से सीख लेकर लगातार खुद को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
इंटरैक्टिव गतिविधियों से सिखाई गईं लाइफ स्किल्स
Executive Life Coach और Mentor शिवानी अडाया ने विद्यार्थियों को जरूरी जीवन कौशल से परिचित कराया। उन्होंने एक प्रभावशाली प्रस्तुति और विभिन्न इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को लाइफ स्किल्स के महत्व के बारे में समझाया।
कार्यक्रम में छात्रों को अकादमिक पढ़ाई के साथ व्यक्तिगत विकास, आत्मविश्वास और व्यावहारिक जीवन में उपयोगी कौशल विकसित करने की दिशा में प्रेरित किया गया।
Key Highlights:
- Kurukshetra University के IMS ने नए BBA और MBA छात्रों के लिए ‘Launchpad’ कार्यक्रम आयोजित किया।
- कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अकादमिक और व्यक्तिगत विकास के लिए तैयार करना था।
- कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने लक्ष्य निर्धारण और लगातार सीखने पर जोर दिया।
- छात्रों को अकादमिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने की सलाह दी गई।
- ACS रोशन लाल सैनी ने UPSC और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर मार्गदर्शन दिया।
- अनुशासन, समय प्रबंधन, नियमित अध्ययन और धैर्य को सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
- NMIMS Chandigarh की निदेशक डॉ. ज्योत्सना सिंह ने असफलता को सीखने का अवसर बताया।
- लाइफ कोच शिवानी अडाया ने इंटरैक्टिव गतिविधियों के जरिए छात्रों को लाइफ स्किल्स सिखाईं।
FAQ Section:
Kurukshetra University में ‘Launchpad’ कार्यक्रम किसके लिए आयोजित किया गया?
यह कार्यक्रम BBA और MBA में नए दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के स्वागत और मार्गदर्शन के लिए आयोजित किया गया।
‘Launchpad’ कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?
कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालयी जीवन, करियर, व्यक्तित्व विकास और व्यावहारिक कौशल के लिए तैयार करना था।
कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने छात्रों को क्या सलाह दी?
उन्होंने छात्रों से स्पष्ट लक्ष्य तय करने, लगातार सीखने, मेहनत करने, चुनौतियों का सामना करने और व्यावहारिक कौशल विकसित करने की अपील की।
UPSC की तैयारी को लेकर क्या बताया गया?
ACS रोशन लाल सैनी ने कहा कि UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अकादमिक ज्ञान के साथ अनुशासन, समय प्रबंधन, निरंतर अध्ययन, आत्मविश्वास और धैर्य भी जरूरी हैं।
असफलता को लेकर डॉ. ज्योत्सना सिंह ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि असफलता को अंत नहीं मानना चाहिए, बल्कि उससे सीखकर आगे बढ़ने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर समझना चाहिए।
Conclusion:
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का ‘Launchpad’ कार्यक्रम नए BBA और MBA विद्यार्थियों के लिए अकादमिक यात्रा की शुरुआत को बेहतर दिशा देने वाला रहा। कार्यक्रम में छात्रों को पढ़ाई के साथ लक्ष्य निर्धारण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास और असफलताओं से सीखने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन मिला। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को लगातार तैयार रखने का संदेश दिया।
