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Rishikesh में जुटेंगे देशभर के मेयर, शहरी विकास और स्मार्ट सिटी मॉडल पर होगी बड़ी चर्चा
ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स की दो दिवसीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल होंगे 60 से अधिक मेयर, करनाल के मॉडल को भी किया जाएगा साझा
उत्तराखंड के ऋषिकेश में ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स की दो दिवसीय कार्यकारिणी बैठक आयोजित होने जा रही है। इस सम्मेलन में देशभर के करीब 60 मेयर भाग लेंगे और शहरी विकास, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, स्वच्छता और नगर प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
देश के विभिन्न राज्यों के मेयर जल्द ही उत्तराखंड के पवित्र शहर ऋषिकेश में एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में शामिल होंगे। ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स की कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में शहरी विकास, नगर प्रशासन, स्वच्छता और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं जैसे अहम विषयों पर मंथन किया जाएगा।
ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स की अध्यक्ष एवं करनाल की मेयर Renu Bala Gupta ने इस सम्मेलन की जानकारी देते हुए कहा कि यह आयोजन शहरी विकास के क्षेत्र में नए विचारों और अनुभवों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन
सम्मेलन का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami करेंगे।तैयारियां पूरी
आयोजकों के अनुसार, ऋषिकेश नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने सम्मेलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सम्मेलन में देशभर के नगर निकायों से जुड़े प्रतिनिधि और मेयर हिस्सा लेंगे।
60 से अधिक मेयर होंगे शामिल
बैठक में विभिन्न राज्यों के लगभग 60 मेयरों के शामिल होने की संभावना है।
शहरी विकास पर साझा होंगे अनुभव
सम्मेलन के दौरान विभिन्न शहरों में लागू की गई सफल योजनाओं, नवाचारों और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य नगर निकायों के बीच बेहतर समन्वय और सफल मॉडलों को साझा करना है।
करनाल के स्मार्ट सिटी मॉडल को किया जाएगा प्रस्तुत
मेयर रेनू बाला गुप्ता सम्मेलन में करनाल के विकास मॉडल को भी प्रस्तुत करेंगी।
इन विषयों पर साझा किए जाएंगे अनुभव
- स्मार्ट सिटी परियोजनाएं
- स्वच्छता अभियान
- आधुनिक शहरी प्रबंधन प्रणाली
- नागरिक सुविधाओं में सुधार
- नगर प्रशासन में नवाचार
उन्होंने कहा कि करनाल में लागू की गई कई सफल पहलें अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकती हैं।
तीन प्रमुख तकनीकी सत्र होंगे आयोजित
सम्मेलन के दौरान विभिन्न विषयों पर विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इन मुद्दों पर होगा मंथन
स्मार्ट सिटी परियोजनाएं
शहरों में डिजिटल तकनीक, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सेवाओं के विस्तार पर चर्चा होगी।
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता
हरित विकास, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों एवं समाधानों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
नगर निकायों की वित्तीय चुनौतियां
नगर निगमों के राजस्व स्रोत, वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच
रेनू बाला गुप्ता ने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन देश में शहरी विकास को नई दिशा देने में मददगार साबित होगा।
उन्होंने कहा कि नगर निगमों को जनसेवा और नागरिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करना चाहिए, ताकि शहरों का सतत और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके।
Key Highlights:
- ऋषिकेश में ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स की दो दिवसीय बैठक।
- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे उद्घाटन।
- देशभर के लगभग 60 मेयर सम्मेलन में होंगे शामिल।
- स्मार्ट सिटी, स्वच्छता और शहरी विकास पर होगी चर्चा।
- करनाल की मेयर रेनू बाला गुप्ता साझा करेंगी विकास मॉडल।
- नगर निकायों की वित्तीय चुनौतियों पर भी होगा मंथन।
- पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक नगर प्रशासन पर विशेष सत्र आयोजित होंगे।
FAQ Section:
Q1. यह सम्मेलन कहां आयोजित होगा?
उत्तर: ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स की कार्यकारिणी बैठक उत्तराखंड के ऋषिकेश में आयोजित होगी।
Q2. सम्मेलन का उद्घाटन कौन करेगा?
उत्तर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।
Q3. कितने मेयर सम्मेलन में भाग लेंगे?
उत्तर: देशभर के लगभग 60 मेयर सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है।
Q4. सम्मेलन में किन विषयों पर चर्चा होगी?
उत्तर: स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, शहरी प्रशासन और वित्तीय चुनौतियों जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
Q5. करनाल की मेयर क्या प्रस्तुत करेंगी?
उत्तर: रेनू बाला गुप्ता करनाल की स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, स्वच्छता अभियानों और नवाचार आधारित शहरी प्रबंधन मॉडल के अनुभव साझा करेंगी।
Conclusion:
ऋषिकेश में आयोजित होने वाला ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स का यह सम्मेलन देश के नगर निकायों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है। विभिन्न शहरों के सफल अनुभवों और चुनौतियों पर चर्चा से शहरी विकास की नई रणनीतियां तैयार करने में मदद मिलेगी। स्मार्ट सिटी, पर्यावरण संरक्षण और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों पर होने वाला यह मंथन भविष्य के शहरों को अधिक आधुनिक, स्वच्छ और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।

