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Gurugram में जलभराव पर MCG सख्त, अवैध रैंप और ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण के खिलाफ होगी कार्रवाई
सड़कों पर बने अनधिकृत रैंप से घट रही सड़क की चौड़ाई, ट्रैफिक और ड्रेनेज व्यवस्था प्रभावित; शहर में 155 जलभराव हॉटस्पॉट चिन्हित
गुरुग्राम में जलभराव की समस्या को लेकर नगर निगम ने अवैध रैंप, ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ और सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। MCG के अनुसार ऐसे अतिक्रमण सड़क की क्षमता घटाने के साथ जलनिकासी में भी बाधा डाल रहे हैं।
गुरुग्राम में लगातार सामने आ रही जलभराव की समस्या के बीच नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने सार्वजनिक सड़कों और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर सड़कों पर बनाए गए अनधिकृत रैंप, ग्रीन बेल्ट और फुटपाथ पर कब्जे को हटाने की चेतावनी दी है।
MCG के मुताबिक, सार्वजनिक सड़कों और गलियों पर बनाए या बढ़ाए गए अवैध रैंप से सड़क की प्रभावी चौड़ाई कम हो रही है। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने के साथ कई जगहों पर पानी की निकासी भी बाधित हो रही है, जिसके कारण जलभराव की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
97 मिमी बारिश के बाद फिर सामने आई ड्रेनेज की समस्या
गुरुग्राम में 7 अगस्त को करीब 97 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। भारी बारिश के बाद शहर की कई प्रमुख सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया था।इस बारिश ने एक बार फिर गुरुग्राम की जलनिकासी व्यवस्था की कमियों को उजागर कर दिया। इसके बाद MCG की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
शहर में 155 जलभराव हॉटस्पॉट चिन्हित
इस मानसून में MCG और गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) ने शहर में 155 जलभराव वाले हॉटस्पॉट चिन्हित किए हैं।
इनमें:
- जोन VI में 30 जलभराव स्थल हैं।
- जोन VI में DLF कॉलोनियां और आसपास के सेक्टर शामिल हैं।
- पुराने गुरुग्राम में 28 जलभराव हॉटस्पॉट अभी भी बने हुए हैं।
- शीतला माता रोड इस मानसून में जलभराव के नए प्रमुख स्थान के रूप में सामने आया है।
ड्रेनेज पर हर साल ₹450-500 करोड़ खर्च
MCG और GMDA की ओर से ड्रेनेज से जुड़े कार्यों पर हर साल करीब ₹450-500 करोड़ खर्च किए जाते हैं। हालांकि, कई इलाकों में बार-बार जलभराव होने के कारण स्थानीय निवासियों और सिविक एक्टिविस्ट्स ने इस खर्च की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, चिन्हित जलभराव हॉटस्पॉट में से 70 प्रतिशत से अधिक के पीछे अवैध स्टिल्ट-प्लस-फोर और स्टिल्ट-प्लस-फाइव निर्माण भी एक बड़ा कारण है। ऐसे निर्माण प्राकृतिक जलनिकासी चैनलों को बाधित करते हैं और उन स्टॉर्मवॉटर सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, जिन्हें कम घनत्व वाले विकास के हिसाब से तैयार किया गया था।
अवैध रैंप के साथ कई तरह के अतिक्रमण भी जिम्मेदार
MCG ने सार्वजनिक सड़कों पर बने अनधिकृत रैंप के अलावा ग्रीन बेल्ट, सड़क किनारे और अन्य सार्वजनिक जमीन पर बने अस्थायी एवं अर्ध-स्थायी ढांचों को भी समस्या का हिस्सा बताया है।
इनमें:
- टिन शेड
- खोखे
- कियोस्क
- ढाबे
- सड़क किनारे अस्थायी निर्माण
शामिल हैं।
इसके अलावा व्यस्त बाजारों और भीड़भाड़ वाले चौराहों के आसपास स्ट्रीट हॉकर और वेंडरों द्वारा किए गए अतिक्रमण से भी वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होने की बात कही गई है।
उल्लंघन करने वालों से वसूली जाएगी कार्रवाई की लागत
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत अतिक्रमण, निर्माण, कब्जे और सार्वजनिक रास्तों में बाधा डालने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
MCG के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आने वाली लागत भी संबंधित उल्लंघनकर्ताओं से ही वसूल की जाएगी।
Key Highlights:
- गुरुग्राम में अवैध रैंप और अतिक्रमण के खिलाफ MCG ने चेतावनी जारी की।
- सार्वजनिक सड़कों पर अनधिकृत रैंप से सड़क की चौड़ाई कम हो रही है।
- अतिक्रमण से ट्रैफिक के साथ जलनिकासी भी प्रभावित हो रही है।
- 7 अगस्त को गुरुग्राम में 97 मिमी बारिश दर्ज हुई थी।
- शहर में इस मानसून 155 जलभराव हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं।
- जोन VI में सबसे ज्यादा 30 हॉटस्पॉट सामने आए हैं।
- पुराने गुरुग्राम में 28 जलभराव स्थल अभी भी बने हुए हैं।
- MCG और GMDA ड्रेनेज कार्यों पर सालाना ₹450-500 करोड़ खर्च करते हैं।
- 70% से अधिक हॉटस्पॉट के लिए अवैध स्टिल्ट-प्लस-4 और स्टिल्ट-प्लस-5 निर्माण को जिम्मेदार बताया गया है।
- उल्लंघनकर्ताओं से कार्रवाई की लागत वसूलने की चेतावनी दी गई है।
FAQ Section:
सवाल: गुरुग्राम में जलभराव के लिए MCG ने किन चीजों को जिम्मेदार बताया है?
जवाब: MCG ने अनधिकृत रैंप, ग्रीन बेल्ट और फुटपाथ पर अतिक्रमण, सार्वजनिक जमीन पर अवैध निर्माण और जलनिकासी में बाधा डालने वाले ढांचों को जलभराव बढ़ाने वाले कारकों में शामिल किया है।
सवाल: गुरुग्राम में कितने जलभराव हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं?
जवाब: MCG और GMDA ने इस मानसून शहर में 155 जलभराव हॉटस्पॉट चिन्हित किए हैं।
सवाल: 7 अगस्त को गुरुग्राम में कितनी बारिश हुई?
जवाब: 7 अगस्त को गुरुग्राम में करीब 97 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
सवाल: जलभराव से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र कौन सा है?
जवाब: जोन VI, जिसमें DLF कॉलोनियां और आसपास के सेक्टर शामिल हैं, में 30 जलभराव हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं।
सवाल: अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
जवाब: MCG ने अनधिकृत निर्माण, कब्जे और रास्तों में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। कार्रवाई की लागत संबंधित उल्लंघनकर्ताओं से वसूल की जाएगी।
Conclusion:
गुरुग्राम में जलभराव की समस्या के बीच MCG की ओर से अवैध रैंप और सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ जारी चेतावनी महत्वपूर्ण कदम है। नगर निगम के अनुसार, ऐसे अतिक्रमण सड़क की क्षमता और प्राकृतिक जलनिकासी दोनों को प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि, शहर में लगातार बने हुए जलभराव हॉटस्पॉट के कारण ड्रेनेज कार्यों की प्रभावशीलता पर सवाल भी उठ रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नगर निगम की कार्रवाई से जलनिकासी और यातायात व्यवस्था में कितना सुधार आता है।
