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124 किलो से 62 किलो तक का सफर, फिर बनीं मैराथन विजेता और पावरलिफ्टिंग चैंपियन; चेतना रुस्तगी की प्रेरक कहानी
2019 में वजन घटाने के लिए जिम शुरू किया था, सख्त डाइट और नियमित ट्रेनिंग ने बदल दी जिंदगी; 5XL से S-XS तक पहुंचा ड्रेस साइज
रेवाड़ी की चेतना रुस्तगी ने 124 किलो वजन और आत्मविश्वास की कमी से जूझते हुए 2019 में जिम जाना शुरू किया। करीब एक साल में उनका वजन 62 किलो तक पहुंचा और आगे चलकर उन्होंने मैराथन और पावरलिफ्टिंग में पहचान बनाई।
कहते हैं कि सच्चाई कभी-कभी कल्पना से भी ज्यादा हैरान करने वाली होती है। रेवाड़ी की रहने वाली और फिलहाल बेंगलुरु में रह रहीं चेतना रुस्तगी की कहानी इसका शानदार उदाहरण है। दो बेटियों की मां चेतना ने 2019 में सिर्फ अपना वजन कम करने के इरादे से जिम जाना शुरू किया था। उस समय उन्होंने शायद ही सोचा होगा कि फिटनेस का यह सफर उन्हें मैराथन विजेता और पावरलिफ्टिंग चैंपियन बना देगा।
कभी 124 किलो वजन से परेशान रहने वाली चेतना ने अपनी मेहनत, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर खुद को पूरी तरह बदल दिया। उनका सफर न सिर्फ शारीरिक बदलाव की कहानी है, बल्कि आत्मविश्वास और खुद को नई पहचान देने की मिसाल भी है।
शादी के समय 95 किलो से ज्यादा था वजन
चेतना ने बताया कि वह एक पारंपरिक बनिया परिवार से आती हैं, जहां नियमित व्यायाम को लेकर ज्यादा जागरूकता नहीं थी। किशोरावस्था से ही उनका शरीर तेजी से वजन बढ़ाने की ओर प्रवृत्त था।साल 2006 में करीब 20 साल की उम्र में शादी के समय उनका वजन 95 किलो से अधिक था। शादी के बाद भी उनका वजन लगातार बढ़ता रहा। 2013 में उन्होंने पहली बेटी और 2017 में दूसरी बेटी को जन्म दिया।
2018-19 तक वजन पहुंच गया 124 किलो
चेतना के मुताबिक, 2018-19 तक उनका वजन बढ़कर 124 किलो हो गया था। वह ज्यादातर समय घर पर रहती थीं और खुद को लेकर काफी असहज महसूस करती थीं।
उनके लिए अपने आकार के कपड़े ढूंढना भी मुश्किल था। वह 5XL साइज के कपड़े पहनती थीं। वजन कम करने के लिए उन्होंने खान-पान कम करने, रात का खाना छोड़ने और पैदल चलने जैसे कई प्रयास किए, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।
आखिरकार 2019 में उन्होंने जिम जाने का फैसला किया।
एक साल में 124 से 62 किलो हुआ वजन
जिम में नियमित व्यायाम और फिजिकल ट्रेनर की निगरानी के साथ सख्त डाइट अनुशासन ने चेतना की जिंदगी बदल दी। करीब एक साल के भीतर उनका वजन घटकर 62 किलो रह गया।
यह बदलाव उनके लिए किसी कायापलट से कम नहीं था।
उनका ड्रेस साइज 5XL से घटकर S और यहां तक कि XS तक पहुंच गया। लंबे समय बाद जब लोगों ने उन्हें देखा तो कई लोग उन्हें पहचान तक नहीं पाए।
पड़ोसियों ने पूछा- 'आप चेतना की बहन हो?'
अपने बदलाव को याद करते हुए चेतना ने बताया कि कई महीनों बाद जब पड़ोसियों ने उन्हें देखा तो वे उन्हें पहचान नहीं सके। कुछ पड़ोसियों ने तो उनसे पूछा, “आप चेतना की बहन हो?”
जब उन्हें बताया गया कि सामने खड़ी महिला खुद चेतना हैं, तो लोगों के चेहरे पर हैरानी देखने लायक थी।
लॉकडाउन में भी जारी रखा फिटनेस सफर
कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान भी चेतना ने अपनी फिटनेस को प्राथमिकता दी। उन्होंने इस समय का इस्तेमाल अपने फिटनेस रूटीन को जारी रखने में किया।
नियमित ट्रेनिंग और अनुशासन का असर उनकी शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक आत्मविश्वास पर भी दिखाई दिया। वजन घटाने के बाद उनका सफर यहीं नहीं रुका, बल्कि उन्होंने खेल और फिटनेस की दुनिया में नई उपलब्धियां हासिल करनी शुरू कर दीं।
वजन घटाने से मैराथन और पावरलिफ्टिंग तक पहुंचीं
चेतना का शुरुआती लक्ष्य सिर्फ वजन कम करना था, लेकिन धीरे-धीरे फिटनेस उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गई। आगे चलकर उन्होंने मैराथन में जीत हासिल की और पावरलिफ्टिंग चैंपियन के रूप में भी अपनी पहचान बनाई।
उनकी कहानी बताती है कि सही दिशा में लगातार मेहनत और अनुशासन के साथ इंसान अपने लिए तय सीमाओं को भी पीछे छोड़ सकता है।
Key Highlights:
- चेतना रुस्तगी ने 2019 में वजन कम करने के लिए जिम जॉइन किया।
- 2018-19 तक उनका वजन 124 किलो पहुंच गया था।
- शादी के समय उनका वजन 95 किलो से अधिक था।
- नियमित ट्रेनिंग और डाइट से करीब एक साल में वजन 62 किलो हुआ।
- उनका ड्रेस साइज 5XL से घटकर S और XS तक पहुंचा।
- कोविड लॉकडाउन में भी उन्होंने अपना फिटनेस रूटीन जारी रखा।
- आगे चलकर वह मैराथन विजेता और पावरलिफ्टिंग चैंपियन बनीं।
- चेतना रेवाड़ी की रहने वाली हैं और फिलहाल बेंगलुरु में रहती हैं।
FAQ Section:
सवाल: चेतना रुस्तगी ने जिम कब शुरू किया?
जवाब: चेतना ने 2019 में वजन कम करने के उद्देश्य से जिम जाना शुरू किया था।
सवाल: चेतना का अधिकतम वजन कितना था?
जवाब: 2018-19 के दौरान उनका वजन 124 किलो तक पहुंच गया था।
सवाल: चेतना ने अपना वजन कितना कम किया?
जवाब: नियमित व्यायाम और डाइट अनुशासन के बाद उनका वजन करीब एक साल में 124 किलो से घटकर 62 किलो हो गया।
सवाल: चेतना रुस्तगी की फिटनेस यात्रा की खास उपलब्धियां क्या हैं?
जवाब: वजन घटाने के बाद चेतना ने मैराथन में जीत हासिल की और पावरलिफ्टिंग चैंपियन के रूप में भी पहचान बनाई।
सवाल: चेतना की फिटनेस यात्रा कैसे शुरू हुई?
जवाब: उन्होंने शुरुआत सिर्फ वजन कम करने के लिए की थी, लेकिन नियमित ट्रेनिंग और अनुशासन के चलते फिटनेस उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई।
Conclusion:
चेतना रुस्तगी की कहानी इस बात की मिसाल है कि बदलाव की शुरुआत किसी भी उम्र और किसी भी परिस्थिति में की जा सकती है। 124 किलो वजन से परेशान रहने वाली चेतना ने 2019 में जिम की शुरुआत की और करीब एक साल में अपना वजन 62 किलो तक पहुंचा दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी फिटनेस यात्रा को आगे बढ़ाते हुए मैराथन और पावरलिफ्टिंग में सफलता हासिल की। उनका सफर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास की ताकत को दर्शाता है।
