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रोहतक में पहली मानसूनी बारिश ने खोली जलनिकासी व्यवस्था की पोल, 118 मिमी बारिश से शहर जलमग्न; 8 वर्षीय बच्चे की मौत
सड़कों, बाजारों और निचले इलाकों में घंटों भरा रहा पानी, राजीव नगर में पानी से भरे प्लॉट में डूबने से बच्चे ने गंवाई जान
रोहतक में शनिवार को मानसून की पहली तेज बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। 118 मिमी से अधिक बारिश के बाद कई इलाकों में घंटों जलभराव रहा, जबकि राजीव नगर में पानी से भरे प्लॉट में डूबने से 8 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।
हरियाणा के रोहतक में शनिवार को हुई मानसून की पहली तेज बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। शहर में 118 मिमी से अधिक बारिश दर्ज होने के बाद कई सड़कें, बाजार और निचले इलाके घंटों तक पानी में डूबे रहे। जलभराव के कारण स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई।
इसी बीच राजीव नगर में पानी से भरे एक प्लॉट में डूबने से आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घटना ने भारी बारिश के दौरान खुले और जलभराव वाले स्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
118 मिमी बारिश से कई इलाके जलमग्न
शनिवार को रोहतक शहर में 118 मिमी से अधिक बारिश हुई। तेज बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कों, बाजारों और निचले इलाकों में पानी जमा हो गया।स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश का पानी लंबे समय तक नहीं निकल सका, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। दुकानदारों और व्यापारियों के लिए भी जलभराव चिंता का कारण बना रहा।
बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था पर उठे सवाल
पहली ही मानसूनी बारिश में कई घंटों तक जलभराव बने रहने से शहर की फ्लड-कंट्रोल और ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
राष्ट्र्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुलशन डांग ने आरोप लगाया कि पहली मानसूनी बारिश ने जिला प्रशासन के पर्याप्त इंतजाम किए जाने के दावों की पोल खोल दी। उन्होंने कहा कि जलभराव से स्थानीय लोगों और दुकानदारों की चिंताएं बढ़ी हैं।
राजीव नगर में 8 वर्षीय बच्चे की डूबने से मौत
रोहतक के राजीव नगर में पानी से भरे एक प्लॉट में डूबने से आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। भारी बारिश के बाद प्लॉट में पानी जमा हो गया था।
इस घटना के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों में बच्चों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
24 घंटे सक्रिय रहेगा जिला कंट्रोल रूम
जलभराव और बारिश से उत्पन्न संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने जिला बाढ़, सूखा एवं नियंत्रण कक्ष को सक्रिय रखा है।
यह कंट्रोल रूम मिनी सचिवालय में स्थापित किया गया है। प्रशासन के अनुसार, यहां लोग बाढ़, जलभराव, भारी बारिश, जलनिकासी, सूखा या किसी अन्य आपदा एवं आपात स्थिति से जुड़ी शिकायत या सूचना दे सकते हैं।
जिला प्रशासन ने दावा किया है कि कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित रहेगा और संबंधित विभागों को मिलने वाली शिकायतों तथा सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
ADC ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने लोगों से भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।
उन्होंने लोगों से किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की सूचना तुरंत जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम को देने को कहा है।
बारिश के बाद बीमारियों से बचाव पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
ADC नरेंद्र कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को जलभराव और जमा पानी से पैदा होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने विशेष रूप से इन उपायों पर जोर दिया है:
- मलेरिया और डेंगू की निगरानी
- एंटी-लार्वा गतिविधियां
- स्वच्छता व्यवस्था
- सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता
- लोगों में जागरूकता अभियान
- दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता
- जांच सुविधाएं
- जरूरी स्वास्थ्य कर्मचारियों की उपलब्धता
प्रशासन का उद्देश्य मानसून के दौरान जलभराव और ठहरे हुए पानी के कारण फैलने वाली जलजनित तथा अन्य संक्रामक बीमारियों को नियंत्रित करना है।
Key Highlights:
- रोहतक में शनिवार को 118 मिमी से अधिक बारिश दर्ज हुई।
- पहली मानसूनी बारिश के बाद कई सड़कें और बाजार जलमग्न रहे।
- निचले इलाकों में कई घंटे तक पानी जमा रहा।
- राजीव नगर में पानी से भरे प्लॉट में डूबने से 8 वर्षीय बच्चे की मौत।
- जिला बाढ़, सूखा एवं नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रखा गया।
- मिनी सचिवालय में स्थापित कंट्रोल रूम पर लोग शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- ADC नरेंद्र कुमार ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की।
- स्वास्थ्य विभाग को डेंगू, मलेरिया और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के निर्देश।
- व्यापार संगठन ने प्रशासन के बारिश से पहले किए गए इंतजामों पर सवाल उठाए।
FAQ Section:
सवाल: रोहतक में शनिवार को कितनी बारिश हुई?
जवाब: रोहतक शहर में शनिवार को 118 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।
सवाल: बारिश के कारण रोहतक में क्या स्थिति बनी?
जवाब: कई सड़कें, बाजार और निचले इलाके घंटों तक जलभराव की चपेट में रहे।
सवाल: राजीव नगर में क्या हादसा हुआ?
जवाब: राजीव नगर में पानी से भरे एक प्लॉट में डूबने से आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।
सवाल: रोहतक में बारिश से जुड़ी शिकायत कहां दर्ज की जा सकती है?
जवाब: लोग मिनी सचिवालय में स्थापित जिला बाढ़, सूखा एवं नियंत्रण कक्ष में जलभराव, भारी बारिश या किसी आपात स्थिति की सूचना दे सकते हैं।
सवाल: बारिश के बाद स्वास्थ्य विभाग को क्या निर्देश दिए गए हैं?
जवाब: स्वास्थ्य विभाग को मलेरिया, डेंगू और जलजनित बीमारियों की निगरानी, एंटी-लार्वा गतिविधियों, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
Conclusion:
रोहतक में मानसून की पहली तेज बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था और बाढ़ नियंत्रण तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। 118 मिमी से अधिक बारिश के बाद कई इलाकों में घंटों जलभराव रहा, जबकि राजीव नगर में आठ वर्षीय बच्चे की डूबने से मौत ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखते हुए लोगों से सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति की तत्काल सूचना देने की अपील की है।
