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जलवायु स्मार्ट पुनर्योजी कृषि पर राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न
300 वैज्ञानिकों, छात्रों और किसानों ने लिया भाग, ‘वन हेल्थ-वन प्लैनेट’ पर चर्चा
गुरबचन सिंह फाउंडेशन में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में जलवायु स्मार्ट पुनर्योजी कृषि, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।
Gurbachan Singh Foundation for Research Education and Development (GSFRED) के अनुसंधान केंद्र में जलवायु स्मार्ट पुनर्योजी कृषि पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न हो गया। इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 300 वैज्ञानिकों, छात्रों और किसानों ने भाग लिया।
सम्मेलन के दौरान युवा वैज्ञानिकों, शोध सहयोगियों और पोस्ट-डॉक्टोरल छात्रों द्वारा लगभग 40 मौखिक प्रस्तुतियां और इतनी ही संख्या में पोस्टर प्रस्तुतियां दी गईं। ये प्रस्तुतियां सम्मेलन के सात उप-विषयों पर आधारित थीं। प्रत्येक सत्र की अध्यक्षता और सह-अध्यक्षता जलवायु परिवर्तन और पुनर्योजी कृषि के क्षेत्र के राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने की।
इस सम्मेलन की खास बात यह रही कि स्कूली छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के साथ संवाद करने का अवसर मिला। लगभग 60 छात्रों ने अपने मॉडल्स के माध्यम से जलवायु परिवर्तन, पुनर्योजी कृषि, खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, पर्यावरण सुरक्षा, वायु गुणवत्ता, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एकीकृत कृषि-खाद्य प्रणालियों जैसे विषयों को प्रस्तुत किया।
पहले पैनल चर्चा “वन हेल्थ-वन प्लैनेट” का संचालन Dr ML Madan (पूर्व उप महानिदेशक, ICAR, नई दिल्ली) ने किया। इसमें Dr JS Samra, Dr B Parkash, Dr SK Malhotra, Dr Gyanendera Singh और Dr RK Yadav ने विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया और महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
दूसरे पैनल “जलवायु नीति, अर्थशास्त्र और स्थिरता” का संचालन Dr Gurbachan Singh (संस्थापक अध्यक्ष, GSFRED) ने किया। इस पैनल में Dr ML Madan, Dr B Parkash, Dr Gyanendera Singh और Dr Randhir Singh ने विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया।
