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जिला जेल के कैदियों को डेयरी उद्यमिता की ट्रेनिंग, NDRI ने सिखाए स्वरोजगार के गुर
ICAR-NDRI और जिला जेल की संयुक्त पहल, कैदियों को पशुपालन, दूध उत्पादन, प्रोसेसिंग और डेयरी बिजनेस की दी जा रही जानकारी
ICAR-NDRI ने जिला जेल के सहयोग से कैदियों के लिए डेयरी उद्यमिता और प्रोसेसिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य रिहाई के बाद उन्हें स्वरोजगार और सम्मानजनक आजीविका के लिए तैयार करना है।
कैदियों के लिए डेयरी उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम
ICAR-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) ने जिला जेल के सहयोग से कैदियों के लिए डेयरी उद्यमिता और प्रोसेसिंग पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभागियों को डेयरी क्षेत्र से जुड़ा वैज्ञानिक ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और उद्यमिता की समझ देना है, ताकि वे सजा पूरी करने के बाद स्वरोजगार और बेहतर आजीविका के अवसर तलाश सकें।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि ICAR-NDRI के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि कैदियों का पुनर्वास केवल उन्हें जेल में रखने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें रिहाई के बाद उत्पादक और सम्मानजनक जीवन के लिए तैयार करना भी जरूरी है।
अतीत नहीं, भविष्य की संभावनाओं पर हो ध्यान
डॉ. धीर सिंह ने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान केवल उसके अतीत से नहीं की जानी चाहिए। ज्ञान और कौशल हासिल करने के अवसर मिलने से कैदी अपने जीवन को दोबारा व्यवस्थित कर सकते हैं और समाज में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं।उन्होंने डेयरी को एक व्यावहारिक आजीविका विकल्प बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में पशु प्रबंधन, दूध उत्पादन, मूल्य संवर्धन, प्रोसेसिंग और उद्यमिता जैसी कई संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम को मिशन मोड में लागू करने की प्रतिबद्धता जताई और कौशल विकास, कैदियों के कल्याण तथा रिहाई के बाद उनकी आजीविका की संभावनाओं पर जोर दिया।
कौशल विकास से पुनर्वास को मिलेगा बढ़ावा
जिला जेल के अधीक्षक लखबीर सिंह बराड़ ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कैदियों के पुनर्वास में व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने और NDRI की ओर से दी जा रही जानकारी का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
बराड़ ने कहा कि अनुशासन, समर्पण और लगातार सीखने से कैदियों में आत्मविश्वास बढ़ सकता है और रिहाई के बाद उनके लिए बेहतर रोजगार व आजीविका के अवसर पैदा हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रभावी पुनर्वास से सामाजिक बहिष्कार और दोबारा अपराध में शामिल होने के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही पूर्व कैदी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होकर समाज के उत्पादक सदस्य बन सकते हैं।
1 जुलाई 2026 को हुआ था MoU
ICAR-NDRI के संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. राजन शर्मा ने कार्यक्रम के उद्देश्यों और इसके महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला जेल प्रशासन और ICAR-NDRI के बीच प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर 1 जुलाई 2026 को समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे।
इसके बाद कैदियों को डेयरी क्षेत्र से संबंधित वैज्ञानिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की दिशा में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में इन विषयों पर जोर
कार्यक्रम के तहत कैदियों को डेयरी क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से:
- पशु प्रबंधन
- दूध उत्पादन
- डेयरी उत्पादों में मूल्य संवर्धन
- दूध एवं डेयरी उत्पादों की प्रोसेसिंग
- डेयरी उद्यमिता
- स्वरोजगार और आजीविका के अवसर
शामिल हैं।
रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बनाने की पहल
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कैदियों को ऐसी व्यावहारिक कौशल शिक्षा देना है, जिसका उपयोग वे जेल से बाहर आने के बाद अपनी आजीविका शुरू करने में कर सकें। डेयरी क्षेत्र में छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने की संभावनाओं को देखते हुए इसे स्वरोजगार के एक व्यावहारिक विकल्प के तौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
Key Highlights:
- ICAR-NDRI और जिला जेल ने संयुक्त रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
- कैदियों को डेयरी उद्यमिता और प्रोसेसिंग की जानकारी दी जा रही है।
- पशु प्रबंधन और दूध उत्पादन के साथ मूल्य संवर्धन पर जोर।
- रिहाई के बाद स्वरोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य।
- जिला जेल और ICAR-NDRI के बीच 1 जुलाई 2026 को MoU हुआ था।
- अधिकारियों ने कौशल विकास को कैदियों के पुनर्वास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
FAQ Section:
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किसने किया?
ICAR-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) ने जिला जेल के सहयोग से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य कैदियों को डेयरी क्षेत्र का वैज्ञानिक ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और उद्यमिता की समझ देना है, ताकि वे सजा पूरी करने के बाद स्वरोजगार तलाश सकें।
प्रशिक्षण में किन विषयों को शामिल किया गया है?
प्रशिक्षण में पशु प्रबंधन, दूध उत्पादन, मूल्य संवर्धन, डेयरी प्रोसेसिंग और उद्यमिता जैसे विषयों पर जोर दिया गया है।
ICAR-NDRI और जिला जेल के बीच MoU कब हुआ?
दोनों संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन 1 जुलाई 2026 को हुआ था।
Conclusion:
जिला जेल में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कैदियों के पुनर्वास को नई दिशा देने की पहल है। डेयरी जैसे व्यावहारिक क्षेत्र में वैज्ञानिक और उद्यमिता संबंधी प्रशिक्षण मिलने से रिहाई के बाद कैदियों के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर बढ़ सकते हैं। इससे उन्हें सम्मानजनक जीवन शुरू करने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
