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Zirakpur-Panchkula Bypass: 4,106 पेड़ों पर पड़ेगा असर, गोल्फ कोर्स का हिस्सा भी आएगा प्रोजेक्ट की जद में
19.2 किलोमीटर लंबे छह लेन बाईपास की लागत 1,878.31 करोड़ रुपये, पंजाब-हरियाणा में पेड़ों पर असर; ट्रैफिक जाम से राहत और हिमाचल की सीधी कनेक्टिविटी का लक्ष्य
प्रस्तावित Zirakpur-Panchkula छह लेन बाईपास परियोजना में पंजाब और हरियाणा के कुल 4,106 पेड़ प्रभावित होंगे। पंचकूला गोल्फ कोर्स का एक हिस्सा भी स्वीकृत अलाइनमेंट में आएगा।
Zirakpur-Panchkula Bypass Project को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। प्रस्तावित 19.2 किलोमीटर लंबे छह लेन बाईपास के निर्माण से पंजाब और हरियाणा में कुल 4,106 पेड़ प्रभावित होंगे। इसके अलावा पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित गोल्फ कोर्स का एक हिस्सा भी परियोजना के स्वीकृत अलाइनमेंट के दायरे में आएगा।
हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के चीफ व्हिप BB Batra के सवाल के जवाब में लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री Ranbir Gangwa ने परियोजना से जुड़ी यह जानकारी साझा की। इस बाईपास की कुल पूंजीगत लागत 1,878.31 करोड़ रुपये बताई गई है।
19.2 किलोमीटर लंबा होगा Zirakpur-Panchkula Bypass
प्रस्तावित बाईपास का निर्माण National Highways Authority of India (NHAI) के अधिकार क्षेत्र में किया जा रहा है। यह मार्ग Bir Chhat Light Point के पास NH-7 (Zirakpur-Patiala) के जंक्शन से शुरू होकर Old Panchkula के पास NH-5 (Zirakpur-Parwanoo) के जंक्शन तक जाएगा।इस छह लेन वाले बाईपास की कुल लंबाई 19.2 किलोमीटर होगी।
1,878.31 करोड़ रुपये है परियोजना की लागत
परियोजना की कुल पूंजीगत लागत 1,878.31 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसका निर्माण Hybrid Annuity Mode (HAM) के तहत किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता वाली Cabinet Committee on Economic Affairs ने 9 अप्रैल 2025 को इस परियोजना को मंजूरी दी थी। यह परियोजना PM Gatishakti National Master Plan के तहत एकीकृत परिवहन ढांचे को मजबूत करने की योजना का हिस्सा है।
पंजाब-हरियाणा में 4,106 पेड़ होंगे प्रभावित
PWD मंत्री के अनुसार Ministry of Environment, Forest and Climate Change (MoEF&CC) द्वारा 2026 में दी गई Stage-II Forest Clearance के तहत बाईपास परियोजना से पंजाब और हरियाणा में कुल 4,106 पेड़ प्रभावित होंगे।
मंत्रालय ने यह मंजूरी 8 जनवरी और 19 अगस्त 2026 को दी थी। पेड़ों पर पड़ने वाला यह प्रभाव परियोजना के निर्माण और स्वीकृत मार्ग के कारण होगा।
पंचकूला गोल्फ कोर्स का हिस्सा भी आएगा दायरे में
परियोजना के स्वीकृत अलाइनमेंट में पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित Panchkula Golf Course का एक हिस्सा भी शामिल है। यह गोल्फ कोर्स Haryana Shehri Vikas Pradhikaran (HSVP) की जमीन पर स्थित है।
गोल्फ कोर्स के हिस्से के परियोजना की जद में आने की जानकारी भी हरियाणा विधानसभा में सरकार की ओर से दी गई।
जाम से राहत और हिमाचल की बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर
Zirakpur-Panchkula Bypass का प्रमुख उद्देश्य Zirakpur, Panchkula और आसपास के शहरी क्षेत्रों में यातायात दबाव कम करना है। बाईपास के जरिए Patiala, Delhi और Mohali Aerocity से आने वाले ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके साथ ही परियोजना से Himachal Pradesh के लिए सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
NH-7, NH-5 और NH-152 पर घटेगा दबाव
सरकार के अनुसार बाईपास बनने से NH-7, NH-5 और NH-152 के भीड़भाड़ वाले शहरी हिस्सों में यातायात का दबाव कम होगा। इससे यात्रा समय घटने और वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारु होने की उम्मीद है।
यह परियोजना Chandigarh-Panchkula-Mohali urban agglomeration में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केंद्र की व्यापक योजना का हिस्सा है।
रिंग रोड नेटवर्क का अहम हिस्सा है बाईपास
केंद्र सरकार Chandigarh-Panchkula-Mohali के शहरी क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने के लिए ऐसे सड़क नेटवर्क को विकसित कर रही है, जो भविष्य में रिंग रोड के स्वरूप में काम करेगा।
Zirakpur-Panchkula Bypass इसी व्यापक नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इसके पूरा होने से शहरों के भीतर से गुजरने वाले लंबी दूरी के ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग मिलने की संभावना है।
Key Highlights:
- Zirakpur-Panchkula Bypass की लंबाई 19.2 किलोमीटर होगी।
- यह छह लेन का बाईपास होगा।
- परियोजना की कुल पूंजीगत लागत 1,878.31 करोड़ रुपये है।
- पंजाब और हरियाणा में 4,106 पेड़ प्रभावित होंगे।
- पंचकूला गोल्फ कोर्स का एक हिस्सा भी स्वीकृत अलाइनमेंट में आएगा।
- परियोजना NHAI के अधिकार क्षेत्र में है।
- CCEA ने 9 अप्रैल 2025 को परियोजना को मंजूरी दी थी।
- निर्माण Hybrid Annuity Mode के तहत किया जा रहा है।
- बाईपास का उद्देश्य Zirakpur और Panchkula में ट्रैफिक जाम कम करना है।
- इससे हिमाचल प्रदेश के लिए बेहतर सीधी कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
FAQ Section:
Zirakpur-Panchkula Bypass की लंबाई कितनी है?
प्रस्तावित छह लेन बाईपास की कुल लंबाई 19.2 किलोमीटर है।
Zirakpur-Panchkula Bypass की लागत कितनी है?
इस परियोजना की कुल पूंजीगत लागत 1,878.31 करोड़ रुपये है।
बाईपास निर्माण से कितने पेड़ प्रभावित होंगे?
MoEF&CC की Stage-II Forest Clearance के अनुसार पंजाब और हरियाणा में कुल 4,106 पेड़ प्रभावित होंगे।
क्या पंचकूला गोल्फ कोर्स भी परियोजना की जद में आएगा?
हां। सेक्टर-3 स्थित Panchkula Golf Course का एक हिस्सा परियोजना के स्वीकृत अलाइनमेंट में आता है।
Zirakpur-Panchkula Bypass क्यों बनाया जा रहा है?
इसका मुख्य उद्देश्य Zirakpur, Panchkula और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम करना, यात्रा समय घटाना और हिमाचल प्रदेश के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
परियोजना को कब मंजूरी मिली थी?
Cabinet Committee on Economic Affairs ने 9 अप्रैल 2025 को छह लेन Zirakpur-Panchkula Bypass परियोजना को मंजूरी दी थी।
Conclusion:
Zirakpur-Panchkula Bypass परियोजना Chandigarh-Panchkula-Mohali क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की केंद्र की व्यापक योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 1,878.31 करोड़ रुपये की इस परियोजना से जहां शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव कम होने और हिमाचल की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है, वहीं निर्माण के कारण 4,106 पेड़ों और पंचकूला गोल्फ कोर्स के एक हिस्से पर पड़ने वाला असर भी महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मुद्दा रहेगा।
