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हरियाणा पुलिस अकादमी में राष्ट्रीय सुरक्षा पर तीन दिवसीय कार्यशाला, विदेशी हस्तक्षेप के खतरों पर हुआ मंथन
मधुबन स्थित Haryana Police Academy में 20 न्यायिक अधिकारियों और हरियाणा की आठ लॉ यूनिवर्सिटीज के प्रोफेसरों ने लिया हिस्सा
मधुबन की हरियाणा पुलिस अकादमी में विदेशी हस्तक्षेप और उसके राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव को लेकर तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों और कानून विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
हरियाणा में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर कानून विशेषज्ञों और न्यायिक अधिकारियों को जागरूक करने के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। Haryana Police Academy, Madhuban में आयोजित इस कार्यक्रम में विदेशी हस्तक्षेप के तौर-तरीकों और इसके देश की आंतरिक सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की गई।
कार्यशाला का आयोजन अकादमी के Sardar Patel Conference Hall में किया गया। इसमें हरियाणा की आठ लॉ यूनिवर्सिटीज से जुड़े प्रोफेसरों के साथ कुल 20 न्यायिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
विदेशी हस्तक्षेप और राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा
कार्यशाला का विषय “Modus Operandi of Foreign Interference in Our Internal Affairs and its Adverse Implications on Our National Security” रखा गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विदेशी हस्तक्षेप के विभिन्न तरीकों और उससे उत्पन्न राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों को समझना था।न्यायिक अधिकारियों और कानून विशेषज्ञों ने लिया हिस्सा
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में हरियाणा की आठ लॉ यूनिवर्सिटीज के प्रोफेसरों और 20 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों के माध्यम से जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम की Course Director Geetanjali, District Attorney ने कार्यशाला की रूपरेखा की जानकारी दी और प्रतिभागियों का स्वागत किया।
उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों पर संबोधन
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में Security, CID, Panchkula के Superintendent of Police Lokendra Singh ने विदेशी हस्तक्षेप से राष्ट्रीय सुरक्षा के सामने उत्पन्न होने वाली चुनौतियों पर संबोधन किया।
उन्होंने “Challenges to National Security Arising from Foreign Interference” विषय पर अपने विचार साझा किए।
महत्वपूर्ण विषय पर कार्यशाला के आयोजन के लिए जताया आभार
Lokendra Singh ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए Haryana Police Academy की Director Charu Bali के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर न्यायिक अधिकारियों और कानून शिक्षकों के लिए इस तरह के प्रशिक्षण की उपयोगिता पर जोर दिया।
कार्यशाला में विदेशी हस्तक्षेप के संभावित तौर-तरीकों और उसके आंतरिक मामलों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को समझने पर विशेष ध्यान दिया गया।
Key Highlights:
- Haryana Police Academy, Madhuban में तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
- कार्यशाला का विषय विदेशी हस्तक्षेप और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उसके प्रभावों से संबंधित था।
- कार्यक्रम Sardar Patel Conference Hall में आयोजित हुआ।
- 20 न्यायिक अधिकारियों ने कार्यशाला में हिस्सा लिया।
- हरियाणा की आठ लॉ यूनिवर्सिटीज के प्रोफेसर भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
- Course Director Geetanjali ने कार्यक्रम का अवलोकन प्रस्तुत किया।
- SP Security, CID Panchkula Lokendra Singh ने उद्घाटन सत्र में संबोधन किया।
- विदेशी हस्तक्षेप से राष्ट्रीय सुरक्षा को होने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई।
- Haryana Police Academy की Director Charu Bali के आयोजन प्रयासों की सराहना की गई।
FAQ Section:
हरियाणा पुलिस अकादमी में कार्यशाला किस विषय पर हुई?
कार्यशाला विदेशी हस्तक्षेप के तौर-तरीकों और देश के आंतरिक मामलों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा पर उसके प्रतिकूल प्रभावों पर केंद्रित थी।
कार्यशाला में कितने न्यायिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया?
कार्यक्रम में कुल 20 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया।
कितनी लॉ यूनिवर्सिटीज के प्रोफेसर कार्यशाला में शामिल हुए?
हरियाणा की आठ लॉ यूनिवर्सिटीज के प्रोफेसरों ने कार्यशाला में हिस्सा लिया।
कार्यशाला का उद्घाटन सत्र किसने संबोधित किया?
Security, CID, Panchkula के Superintendent of Police Lokendra Singh ने उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर संबोधन किया।
कार्यशाला कहां आयोजित की गई?
तीन दिवसीय कार्यशाला Haryana Police Academy, Madhuban के Sardar Patel Conference Hall में आयोजित की गई।
Conclusion:
मधुबन स्थित Haryana Police Academy में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान विदेशी हस्तक्षेप और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संबंधों पर कानून विशेषज्ञों और न्यायिक अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। 20 न्यायिक अधिकारियों और आठ लॉ यूनिवर्सिटीज के प्रोफेसरों की भागीदारी वाले इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा के सामने उभरती चुनौतियों को समझने और उनसे निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर रहा।
