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हरियाणा NCR में अब केवल CNG और इलेक्ट्रिक वाहन ही बनेंगे कैब फ्लीट का हिस्सा, सरकार ने लागू किए नए नियम
हरियाणा कैब एग्रीगेटर पॉलिसी को मिली मंजूरी, यात्रियों की सुरक्षा और ड्राइवर बीमा पर विशेष जोर
हरियाणा सरकार ने NCR क्षेत्र में IT आधारित कैब एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाताओं के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब केवल CNG, इलेक्ट्रिक या अन्य स्वच्छ ईंधन वाले वाहन ही फ्लीट में शामिल किए जा सकेंगे।
हरियाणा सरकार ने लागू किए नए कैब एग्रीगेटर नियम
हरियाणा सरकार ने NCR क्षेत्र में संचालित IT आधारित कैब एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाताओं के लिए नए नियमों को मंजूरी दे दी है। सोमवार को हुई हरियाणा कैबिनेट बैठक में Haryana Motor Vehicles Rules, 1993 के तहत एग्रीगेटर लाइसेंस नियमों को स्वीकृति दी गई।
ये नियम सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की गाइडलाइन और Commission for Air Quality Management (CAQM) के निर्देशों के अनुरूप तैयार किए गए हैं।
अब केवल CNG और इलेक्ट्रिक वाहन ही होंगे शामिल
नई नीति के तहत NCR क्षेत्र में कैब एग्रीगेटर और डिलीवरी कंपनियां अब केवल CNG, इलेक्ट्रिक, बैटरी चालित या अन्य स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों को ही अपने फ्लीट में शामिल कर सकेंगी।प्रदूषण कम करने पर सरकार का फोकस
सरकार का उद्देश्य NCR क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।
लाइसेंस के लिए तय हुई फीस
सरकार ने एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाताओं के लिए लाइसेंस फीस भी निर्धारित कर दी है।
पांच साल के लिए वैध होगा लाइसेंस
- लाइसेंस फीस: 5 लाख रुपये
- नवीनीकरण शुल्क: 25 हजार रुपये
- लाइसेंस वैधता: 5 वर्ष
यात्रियों की सुरक्षा के लिए सख्त प्रावधान
नई नीति में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई अहम नियम शामिल किए गए हैं।
वाहन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य
सभी वाहनों में Vehicle Location and Tracking Device (VLTD) लगाना अनिवार्य होगा। यह सिस्टम राज्य सरकार के Integrated Command and Control Centre से जुड़ा रहेगा।
यदि चालक तय रूट से हटता है तो ऐप तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेगा और ड्राइवर व यात्री से संपर्क किया जाएगा।
ड्राइवर की पहचान और पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी
सरकार ने ड्राइवरों की पहचान और बैकग्राउंड जांच को भी अनिवार्य कर दिया है।
अपराध रिकॉर्ड वाले ड्राइवर नहीं कर सकेंगे काम
ऐसे व्यक्ति ड्राइवर नहीं बन सकेंगे जिन पर:
- शराब या नशे में ड्राइविंग का मामला हो
- धोखाधड़ी या यौन अपराध के आरोप हों
- हिंसा, चोरी या सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े अपराध दर्ज हों
ड्राइवरों का मेडिकल टेस्ट, साइकोएनालिसिस और पुलिस वेरिफिकेशन भी जरूरी होगा।
यात्रियों और ड्राइवरों के लिए बीमा अनिवार्य
हरियाणा सरकार ने पहली बार यात्रियों और ड्राइवरों के लिए न्यूनतम बीमा कवर अनिवार्य किया है।
5 लाख तक का हेल्थ इंश्योरेंस
- यात्रियों के लिए न्यूनतम 5 लाख रुपये का बीमा
- प्रत्येक ड्राइवर के लिए कम से कम 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा
- ड्राइवरों के लिए 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस
ड्राइवरों को देना होगा विशेष प्रशिक्षण
नई नीति के तहत ड्राइवरों के लिए कम से कम 40 घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य होगा।
जेंडर और दिव्यांग संवेदनशीलता पर भी ट्रेनिंग
प्रशिक्षण में शामिल होंगे:
- ऐप संचालन
- सड़क दुर्घटना में प्राथमिक सहायता
- व्यवहार और आचरण
- जेंडर सेंसिटिविटी
- दिव्यांगजन सहायता और मोबिलिटी जरूरतें
कम रेटिंग वाले ड्राइवरों को हर तिमाही रिफ्रेशर ट्रेनिंग लेनी होगी।
किराए को लेकर भी सरकार तय कर सकेगी नियम
नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार जरूरत पड़ने पर अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए बेस किराया या अधिकतम किराया तय कर सकेगी।
Key Highlights:
- NCR में अब केवल CNG और EV वाहन शामिल होंगे
- हरियाणा सरकार ने नए कैब एग्रीगेटर नियम लागू किए
- यात्रियों के लिए 5 लाख रुपये बीमा अनिवार्य
- ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट जरूरी
- 40 घंटे की ट्रेनिंग के बाद ही ड्राइवर बन सकेंगे
- सरकार किराए को भी नियंत्रित कर सकेगी
FAQ Section:
Q1. नए नियम किन पर लागू होंगे?
ये नियम NCR क्षेत्र में संचालित कैब एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाताओं पर लागू होंगे।
Q2. अब कौन-से वाहन फ्लीट में शामिल किए जा सकेंगे?
केवल CNG, इलेक्ट्रिक, बैटरी आधारित या अन्य स्वच्छ ईंधन वाले वाहन शामिल किए जा सकेंगे।
Q3. यात्रियों के लिए कितना बीमा अनिवार्य किया गया है?
कम से कम 5 लाख रुपये का बीमा कवर अनिवार्य किया गया है।
Q4. ड्राइवरों के लिए क्या नई शर्तें हैं?
पुलिस वेरिफिकेशन, मेडिकल जांच, साइकोएनालिसिस और 40 घंटे की ट्रेनिंग अनिवार्य होगी।
Conclusion:
हरियाणा सरकार की नई कैब एग्रीगेटर नीति NCR क्षेत्र में स्वच्छ परिवहन, यात्रियों की सुरक्षा और ड्राइवर कल्याण को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को बढ़ावा देने से जहां प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी, वहीं सख्त सुरक्षा नियम यात्रियों का भरोसा बढ़ाने में सहायक साबित हो सकते हैं।

