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पंजाब रोडवेज कर्मचारियों का बड़ा ऐलान, 25 से 27 मई तक पूरे राज्य में चक्का जाम
संविदा कर्मचारियों ने सरकार पर लगाए अनदेखी के आरोप, 20 मई से संगरूर में स्थायी धरना शुरू करने की चेतावनी
पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने पंजाब सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। यूनियन ने 20 मई से संगरूर में स्थायी धरना और 25 से 27 मई तक राज्यव्यापी परिवहन हड़ताल की घोषणा की है।
पंजाब में सरकारी परिवहन सेवाएं आने वाले दिनों में प्रभावित हो सकती हैं। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने सरकार के खिलाफ अपना आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। यूनियन ने 20 मई से संगरूर में स्थायी धरना शुरू करने और 25 से 27 मई तक पूरे पंजाब में चक्का जाम करने की घोषणा की है।
यह फैसला यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता राज्य संस्थापक कमल कुमार और चेयरमैन बलविंदर सिंह राठ ने की।
सरकार की नीतियों पर यूनियन ने उठाए सवाल
बैठक के दौरान यूनियन नेताओं ने सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की। नेताओं का आरोप है कि परिवहन कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।राज्य अध्यक्ष रेशम सिंह गिल और वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरकेश कुमार विक्की ने कहा कि मौजूदा सरकार को बने चार साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन परिवहन विभाग के बेड़े में एक भी नई सरकारी बस शामिल नहीं की गई।
निजी बसों को बढ़ावा देने का आरोप
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार “किलोमीटर स्कीम” के तहत निजी बस ऑपरेटरों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने इसे परिवहन विभाग के निजीकरण की दिशा में उठाया गया कदम बताया।
कर्मचारियों का कहना है कि इससे सरकारी परिवहन व्यवस्था कमजोर हो रही है और स्थायी रोजगार के अवसर भी प्रभावित हो रहे हैं।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों पर केस दर्ज होने से नाराजगी
यूनियन नेताओं ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर IPC की धारा 307 समेत गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए जाने पर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि कई कर्मचारी पिछले छह महीनों से केवल अपने संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग उठाने के कारण जेल में बंद हैं।
‘स्पेशल कैडर पॉलिसी’ को लेकर भी विरोध
राज्य सचिव शमशेर सिंह और उपाध्यक्ष जतिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार प्रस्तावित “स्पेशल कैडर पॉलिसी” के जरिए अस्थायी कर्मचारियों का 58 वर्ष की उम्र तक शोषण करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कर्मचारियों के पक्ष में फैसलों के बावजूद सरकार स्थायी समाधान देने से बच रही है।
वेतन और विभागीय खर्चों पर भी असर
यूनियन नेताओं ने कहा कि मुफ्त यात्रा योजनाओं के रिइम्बर्समेंट में देरी के कारण परिवहन विभाग वित्तीय संकट से जूझ रहा है। इससे कर्मचारियों के वेतन भुगतान और बसों के स्पेयर पार्ट्स की खरीद पर असर पड़ रहा है।
20 मई से संगरूर में धरना, 25 मई से चक्का जाम
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों की मांगों और जेल में बंद कर्मचारियों की रिहाई को लेकर संतोषजनक समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इसके तहत 20 मई से संगरूर में स्थायी धरना और विरोध मार्च शुरू होगा, जबकि 25 से 27 मई तक पूरे पंजाब में परिवहन सेवाओं का चक्का जाम किया जाएगा।
Key Highlights:
- पंजाब रोडवेज कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया
- 20 मई से संगरूर में स्थायी धरना शुरू होगा
- 25 से 27 मई तक पूरे पंजाब में चक्का जाम की घोषणा
- सरकार पर निजीकरण को बढ़ावा देने का आरोप
- प्रदर्शनकारी कर्मचारियों पर दर्ज मामलों को लेकर नाराजगी
FAQ Section:
Q1. पंजाब रोडवेज कर्मचारियों ने क्या घोषणा की है?
यूनियन ने 25 से 27 मई तक पूरे पंजाब में चक्का जाम और 20 मई से संगरूर में स्थायी धरने की घोषणा की है।
Q2. कर्मचारियों की मुख्य मांग क्या है?
कर्मचारी लंबित मांगों के समाधान, गिरफ्तार कर्मचारियों की रिहाई और परिवहन विभाग में सुधार की मांग कर रहे हैं।
Q3. यूनियन ने सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
यूनियन का आरोप है कि सरकार निजी बसों को बढ़ावा देकर परिवहन विभाग का निजीकरण कर रही है।
Q4. आंदोलन कब से शुरू होगा?
20 मई से संगरूर में स्थायी धरना शुरू होगा।
Conclusion:
पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कर्मचारियों द्वारा घोषित आंदोलन राज्य की परिवहन सेवाओं पर बड़ा असर डाल सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। अब सभी की नजर सरकार और यूनियन के बीच होने वाली आगामी बातचीत पर टिकी है।

