Panipat के उद्योगों पर मंडराया पलायन का संकट, UP की ओर रुख कर रहे हैं बड़े Handloom Exporters

NCR की पाबंदियां, पानी की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव बनी बड़ी चिंता; UP सरकार के सब्सिडी और इंफ्रास्ट्रक्चर ऑफर से बढ़ी हलचल

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Panipat के कई Handloom और Export उद्योग Uttar Pradesh में शिफ्ट होने पर विचार कर रहे हैं। उद्योगपतियों के मुताबिक NCR प्रतिबंध, पानी की कमी और Common Facilities की कमी कारोबार के विस्तार में बाधा बन रही है।

 

हरियाणा के Panipat की पहचान देश-विदेश में एक बड़े Handloom और Textile Manufacturing Hub के रूप में है, लेकिन अब यहां के उद्योगों के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। कई उद्योगपति, जिनमें बड़े Exporters भी शामिल हैं, अपनी Units को NCR से बाहर Uttar Pradesh के पड़ोसी जिलों में स्थानांतरित करने पर विचार कर रहे हैं।

उद्योगपतियों के अनुसार, NCR से जुड़ी Operational Restrictions, पर्याप्त Basic और Common Facilities का अभाव तथा पानी की समस्या लगातार कारोबार को प्रभावित कर रही है। इसी बीच Uttar Pradesh के Industries Department के अधिकारियों ने Panipat के Industrialists से संपर्क कर वहां Units लगाने के लिए Incentives और Infrastructure Facilities की पेशकश की है।

₹65,000 करोड़ का है Panipat का Industrial कारोबार

Panipat का सालाना Industrial Turnover करीब ₹65,000 करोड़ बताया गया है। इसमें लगभग ₹20,000 करोड़ का Export Business और करीब ₹45,000 करोड़ का Domestic Market शामिल है।

शहर से करीब 400 Exporters Carpet, Cushion, Bed Linen, Blanket, Curtain, Bath Mat समेत कई अन्य Products का Export करते हैं। इन उत्पादों की मांग US, UK, Europe, Japan, Australia और Gulf Countries में है।

Panipat में छोटे-बड़े मिलाकर 20,000 से अधिक Industrial Units हैं, जिनसे चार लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलता है।

UP के Incentives से बढ़ी उद्योगपतियों की दिलचस्पी

Exporters’ Association के अध्यक्ष ललित गोयल के अनुसार, Noida में आयोजित एक Trade Fair के दौरान Uttar Pradesh Industries Department के अधिकारियों ने Panipat के Industrialists से संपर्क किया।

उन्होंने बताया कि UP में नई Industrial Units स्थापित करने के लिए विभिन्न Incentives और Subsidies की पेशकश की जा रही है।

UP में किन सुविधाओं का दावा?

ललित गोयल के मुताबिक, Uttar Pradesh की ओर से उद्योगों को कई तरह के Incentives की जानकारी दी गई है, जिनमें शामिल हैं:

  • Plant और Machinery पर 50% तक Capital Subsidy
  • Land Cost पर Subsidy
  • Stamp Duty और Electricity Duty में 10 साल तक पूरी छूट
  • Fixed Power Charges में 5 साल तक राहत
  • Employment Subsidy में 5 साल तक सहायता
  • नई Garmenting Units के लिए 25% से 75% तक Freight Subsidy
  • बेहतर Roads और Power Infrastructure
  • Water Facilities
  • Zero Liquid Discharge की सुविधा
  • Training Facilities

उद्योगपतियों का कहना है कि इन प्रस्तावों ने Panipat की मौजूदा Industrial Facilities की तुलना को तेज कर दिया है।

Panipat में Common Facilities को लेकर चिंता

Haryana Chamber of Commerce and Industries, Panipat Chapter के अध्यक्ष विनोद धमिजा ने कहा कि Exporters के बीच Units को UP में Shift करने का मुद्दा प्रमुखता से चर्चा में है।

उनके अनुसार, UP के अधिकारी Panipat के कई Industrialists के संपर्क में हैं और कुछ उद्योगपति अपनी Units को वहां Relocate करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

धमिजा ने कहा कि Panipat में अभी Zero Liquid Discharge, Common Boilers और Uninterrupted Power Supply जैसी सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही है। उनके मुताबिक, Free Zones को समाप्त किया जाना भी Industrial Expansion के लिए झटका है।

NCR की पाबंदियां भी बनी बड़ी वजह

Handloom Export Promotion Council के Vice-Chairman और Exporters’ Association के सदस्य राकेश जैन ने NCR से जुड़े Pollution Restrictions और पर्याप्त Water Supply नहीं होने को प्रमुख चिंताओं में शामिल बताया।

उद्योगपतियों के अनुसार, NCR में लागू Environmental और Pollution-related Restrictions का सीधा असर कई Industries के Operations पर पड़ता है।

“अगर 10% Exporters भी गए तो बड़ा नुकसान”

Handloom Exports Manufacturer Association के अध्यक्ष रमेश वर्मा ने Haryana Government से इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि Panipat को Handloom City के रूप में विकसित करने में उद्योगों को 50-60 वर्ष लगे हैं। उनके मुताबिक, यदि यहां के केवल 10% Exporters भी UP में स्थानांतरित होते हैं, तो इससे राज्य को बड़ा Industrial Loss हो सकता है।

Key Highlights:

  • Panipat के कई Handloom और Export Units के UP Shift होने की चर्चा।
  • Panipat का सालाना Industrial Turnover करीब ₹65,000 करोड़
  • करीब ₹20,000 करोड़ का Export Business
  • लगभग 400 Exporters International Markets में Products बेचते हैं।
  • 20,000+ Units में चार लाख से अधिक लोगों को रोजगार।
  • NCR Restrictions और Pollution-related Issues उद्योगों की प्रमुख चिंता।
  • Water Supply और Common Industrial Facilities को लेकर शिकायतें।
  • UP की ओर से Capital, Land, Power और Employment Subsidy सहित कई Incentives की पेशकश।
  • नई Garmenting Units के लिए 25% से 75% Freight Subsidy का दावा।
  • उद्योग संगठन Haryana Government से Industrial Infrastructure पर ध्यान देने की मांग कर रहे हैं।

FAQ Section:

Panipat के उद्योग UP में क्यों शिफ्ट होना चाहते हैं?

उद्योगपतियों ने NCR से जुड़ी पाबंदियों, Water Shortage, Power Supply और Common Industrial Facilities की कमी को प्रमुख समस्याओं के रूप में बताया है।

Panipat का Industrial Turnover कितना है?

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार Panipat का सालाना Industrial Turnover करीब ₹65,000 करोड़ है।

Panipat से कितने Exporters International Market में कारोबार करते हैं?

करीब 400 Exporters Carpets, Cushions, Bed Linen, Blankets, Curtains और अन्य Handloom Products का Export करते हैं।

UP उद्योगपतियों को क्या Incentives दे रहा है?

उद्योगपतियों के अनुसार UP में Plant और Machinery Capital Subsidy, Land Cost Subsidy, Stamp Duty और Electricity Duty में छूट, Power Charges में राहत, Employment Subsidy तथा Freight Subsidy जैसी सुविधाओं की पेशकश की जा रही है।

Panipat में कितने लोगों को Industrial Sector से रोजगार मिलता है?

Panipat में 20,000 से अधिक छोटे-बड़े Industrial Units में चार लाख से अधिक लोगों के रोजगार से जुड़े होने की जानकारी दी गई है।

Conclusion:

Panipat का Handloom और Export Sector लंबे समय से हरियाणा की Industrial Economy का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। अब NCR Restrictions, Water Supply और Common Facilities से जुड़ी समस्याओं के बीच UP की ओर से दिए जा रहे Incentives ने उद्योगपतियों के सामने नए विकल्प खोल दिए हैं। यदि बड़े Exporters और Manufacturers वास्तव में Relocation करते हैं, तो इसका असर Panipat के Industrial Ecosystem और रोजगार पर पड़ सकता है। ऐसे में उद्योग संगठन Haryana में बेहतर Infrastructure और सुविधाओं की मांग उठा रहे हैं।Screenshot_56

Edited By: Atul Sharma

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