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PMSMA के 10 साल पूरे: करनाल में 2,664 गर्भवती महिलाओं की हुई स्वास्थ्य जांच, 100 से अधिक विशेष शिविर आयोजित
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की वर्षगांठ पर जिला अस्पताल से लेकर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक चले विशेष स्वास्थ्य जांच कैंप
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर करनाल जिले में व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए। इस विशेष अभियान के तहत 2,664 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई और उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
करनाल में धूमधाम से मनाई गई PMSMA की 10वीं वर्षगांठ
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को करनाल जिले में विशेष कार्यक्रमों और स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन किया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला स्तर पर व्यापक अभियान चलाया गया।
जिला सिविल अस्पताल, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज (KCGMC) सहित जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष जांच शिविर लगाए गए।
2,664 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत कुल 2,664 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई।सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित और गुणवत्तापूर्ण जांच मां और शिशु दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जांच के दौरान दी गईं सेवाएं
- नियमित प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच (ANC Check-up)
- रक्तचाप और स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन
- आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श
- पोषण संबंधी मार्गदर्शन
- उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान
जिलेभर में 100 से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित
अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में बड़े पैमाने पर शिविर लगाए गए।
प्रमुख आयोजन स्थल
- जिला नागरिक अस्पताल
- कल्पना चावला सरकारी मेडिकल कॉलेज (KCGMC)
- प्रथम रेफरल इकाइयां (FRUs)
- उपमंडलीय अस्पताल
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHCs)
इनके अलावा जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी विशेष शिविर आयोजित किए गए।
शिविरों का आंकड़ा
- 19 प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष कैंप
- 82 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य शिविर
- कुल 100 से अधिक स्थानों पर जांच सुविधाएं
गर्भवती महिलाओं को दी गई व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही में महिलाओं को सुनिश्चित, व्यापक और गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह से गर्भावस्था से जुड़े जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए शुरू हुई थी योजना
डॉ. पूनम चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरुआत 9 जून 2016 को प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा की गई थी।
योजना के प्रमुख उद्देश्य
- गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना
- मातृ मृत्यु दर में कमी लाना
- शिशु मृत्यु दर को कम करना
- सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना
- उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत हर महीने की 9 तारीख को स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने की निगरानी
अभियान के सफल संचालन के लिए सभी डिप्टी सिविल सर्जनों ने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में शिविरों की निगरानी की।
वहीं, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (SMOs) और मेडिकल अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक शिविरों का आयोजन कर गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं।
मातृ स्वास्थ्य जागरूकता पर भी दिया गया जोर
शिविरों के दौरान महिलाओं को पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच, संस्थागत प्रसव और गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जागरूकता और नियमित जांच से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सकारात्मक सुधार संभव है।
Key Highlights:
- PMSMA की 10वीं वर्षगांठ पर करनाल में विशेष अभियान
- 2,664 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच
- 19 स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष शिविर आयोजित
- 82 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी लगे कैंप
- दूसरी और तीसरी तिमाही की महिलाओं पर विशेष फोकस
- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने की दिशा में प्रयास
- हर महीने की 9 तारीख को आयोजित होते हैं PMSMA कैंप
FAQ Section:
Q1. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) क्या है?
यह गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की पहल है।
Q2. इस अभियान की शुरुआत कब हुई थी?
इस योजना की शुरुआत 9 जून 2016 को की गई थी।
Q3. करनाल में कितनी महिलाओं की जांच की गई?
विशेष अभियान के दौरान 2,664 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई।
Q4. शिविर किन स्थानों पर आयोजित किए गए?
जिला अस्पताल, KCGMC, FRU, CHC, उपमंडलीय अस्पताल और 82 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में शिविर लगाए गए।
Q5. PMSMA का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना और गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना।
Conclusion:
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूरे होने पर करनाल में आयोजित विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाया है। नियमित प्रसव पूर्व जांच और जागरूकता कार्यक्रम न केवल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि सुरक्षित मातृत्व के लक्ष्य को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

