हरियाणा में सफाई संकट पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका, शहरों में कूड़े के ढेर से बढ़ी चिंता

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने दायर की PIL, तुरंत सफाई बहाल करने की मांग

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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हरियाणा के कई शहरों में बिगड़ती सफाई व्यवस्था और कूड़े के बढ़ते ढेरों को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है। सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने सफाई सेवाएं तुरंत बहाल करने, कचरा हटाने और स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग उठाई है।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हरियाणा के कई शहरों में बिगड़ती सफाई व्यवस्था और बढ़ते कूड़े के ढेरों को लेकर एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। यह स्थिति सफाई कर्मचारियों की जारी हड़ताल के कारण उत्पन्न हुई है।

यह याचिका सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया द्वारा दायर की गई, जिसमें सफाई सेवाओं की तुरंत बहाली, जमा कचरे को हटाने और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की गई है।

याचिका में गोकुल सेतिया ने सिरसा समेत हरियाणा के कई शहरों की खराब सफाई व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि कूड़े के ढेर लोगों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। याचिका में सफाई कर्मचारियों की मांगों के समाधान की भी मांग की गई है।

विधायक सेतिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश ने PIL पर त्वरित सुनवाई की अनुमति दी और इसकी सुनवाई 14 मई के लिए निर्धारित की गई।

याचिका में राज्य सरकार, नगर निगमों, नगर परिषदों और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी करने की मांग की गई है, ताकि तुरंत सफाई सेवाएं बहाल की जाएं, कचरा हटाया जाए और बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए जरूरी स्वास्थ्य उपाय किए जाएं।

13वें दिन भी जारी रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल

इधर सिरसा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को 13वें दिन में प्रवेश कर गई, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

नगर परिषद के चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों से बातचीत की। उनका यह दौरा उस समय हुआ जब हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के कथित बयान को लेकर यूनियन सदस्यों में नाराजगी बढ़ रही थी।

यूनियन नेताओं मनोज अठवाल और नरेश कुमार ने कहा कि सफाई कर्मचारी वर्ष 2018 से अपनी मांगें उठा रहे हैं। उन्होंने मंत्री के उस कथित बयान पर निराशा जताई, जिसमें कहा गया था कि उन्हें कर्मचारियों की समस्याओं की जानकारी नहीं है, जबकि कई दौर की बातचीत पहले हो चुकी है।

चेयरमैन ने कर्मचारियों से नाराजगी समाप्त करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि मंत्री उनकी मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे तथा यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करवाएंगे।

अधिकारियों के अनुसार, हड़ताल के कारण शहर में अब तक 1,700 टन से अधिक कचरा जमा हो चुका है। हालांकि, प्लास्टिक और पुनर्चक्रण योग्य कचरा इकट्ठा करने वाले कबाड़ी और रैगपिकर्स की वजह से लगभग 15 प्रतिशत कचरे में कमी आई है।

 
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Edited By: Karan Singh

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