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इलेक्ट्रीशियन का काम कर परिवार संभालने वाले गुरप्रीत ने PSEB 12वीं में जिले में हासिल किया दूसरा स्थान
दिन में स्कूल और रात में काम, कठिन परिस्थितियों के बावजूद 97.2% अंक लेकर बने प्रेरणा
जालंधर जिले के 18 वर्षीय गुरप्रीत सिंह ने आर्थिक तंगी के बावजूद पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) की 12वीं परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान हासिल कर मिसाल पेश की है। गुरप्रीत पढ़ाई के साथ इलेक्ट्रीशियन का काम भी करते हैं और हर महीने करीब 12 हजार रुपये कमाकर परिवार की मदद करते हैं।
Gurpreet Singh ने कठिन परिस्थितियों और आर्थिक संघर्ष के बावजूद पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) की 12वीं परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।
18 वर्षीय गुरप्रीत ने जालंधर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने 500 में से 486 अंक प्राप्त कर 97.2 प्रतिशत स्कोर किया।
परिवार की मदद के लिए करते हैं नौकरी
गुरप्रीत के पिता मजदूरी करते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण गुरप्रीत ने करीब तीन साल पहले इलेक्ट्रीशियन का काम शुरू कर दिया था ताकि घर की आय में सहयोग कर सकें।वह हर महीने लगभग 12 हजार रुपये कमाते हैं, जिससे उनके व्यक्तिगत खर्चों के साथ परिवार की जरूरतें भी पूरी होती हैं।
गुरप्रीत School of Eminence के छात्र हैं।
विषयवार शानदार प्रदर्शन
गुरप्रीत ने विभिन्न विषयों में बेहतरीन अंक हासिल किए। उन्हें:
- इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी के तत्व में 90 अंक
- मटेरियल और वर्कशॉप प्रैक्टिस में 89 अंक
- इलेक्ट्रिकल घरेलू उपकरण विषय में 87 अंक
- पंजाबी में 98 अंक
- अंग्रेजी में 92 अंक प्राप्त हुए।
दिन में पढ़ाई, रात में काम
गुरप्रीत ने बताया कि वह दिन में स्कूल जाते थे और स्कूल के बाद इलेक्ट्रीशियन का काम करते थे। कई बार वह रात 9 बजे या आधी रात तक घर लौटते थे, लेकिन इसके बावजूद पढ़ाई के लिए समय निकालने की कोशिश करते थे।
उन्होंने कहा, “मैंने काम इसलिए शुरू किया क्योंकि परिवार की आय पर्याप्त नहीं थी। स्कूल के बाद काम पर जाता था और देर रात लौटता था। फिर भी जब ज्यादा थकान नहीं होती थी तो एक-दो घंटे पढ़ाई जरूर करता था। मैं रटने की बजाय विषयों को समझने पर ज्यादा ध्यान देता था।”
कक्षा में ध्यान देकर की तैयारी
गुरप्रीत ने बताया कि वह स्कूल में पढ़ाई के दौरान पूरी एकाग्रता बनाए रखते थे ताकि कक्षा में पढ़ाए गए पाठ को अच्छी तरह समझ सकें।
वह इलेक्ट्रिकल कार्य में व्यावसायिक प्रशिक्षण भी ले रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल सीखने में भी मदद मिल रही है।
गुरप्रीत की सफलता अब उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखते हैं।


