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GNDU में कृषि और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित
विशेषज्ञों ने कहा—AI से कृषि को बनाया जा सकता है अधिक टिकाऊ और आधुनिक
Guru Nanak Dev University में “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से कृषि स्थिरता को सशक्त बनाना” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें देश और विदेश के विशेषज्ञों ने कृषि क्षेत्र में AI की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की।
Punjab School of Economics द्वारा हाल ही में “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से कृषि स्थिरता को सशक्त बनाना” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गई।
यह संगोष्ठी Centre for Agricultural Research and Innovations (CARI) के सहयोग से RUSA 2.0 के अंतर्गत आयोजित हुई।
कृषि क्षेत्र में AI की बढ़ती भूमिका पर जोर
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति Karamjeet Singh ने अध्यक्षीय संबोधन दिया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती उपयोगिता और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।उन्होंने गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं के “सरबत दा भला” सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि AI का उपयोग समाज और किसानों के कल्याण के लिए होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “AI हमारा साधन होना चाहिए, इंसान AI का साधन न बने। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली और पोलैंड विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के साथ हमारा सहयोग टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और छात्रों तथा स्थानीय किसानों को ज्ञान से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
कृषि क्षेत्र को जोड़ने वाली तकनीकों पर चर्चा
मुख्य वक्ता Gagandeep Sharma ने अपने संबोधन में कृषि क्षेत्र को एकीकृत करने वाली तकनीकों के विकास पर जोर दिया।
उन्होंने Zomato का उदाहरण देते हुए बताया कि इंटीग्रेशन आधारित मॉडल बड़े स्तर पर दक्षता और विस्तार हासिल कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं में कृषि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई सोच और समाधान विकसित करने की अपार क्षमता है।
पोलैंड के विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
Dariusz Sala ने कृषि अध्ययन और AI के संबंधों पर प्रकाश डाला और AGH University of Science and Technology तथा गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के बीच सहयोग की सराहना की।
वहीं Dariusz Cichon ने ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से विश्वविद्यालय में उपलब्ध मास्टर्स और पीएचडी कार्यक्रमों की जानकारी दी।
AI आधारित खेती पर विशेषज्ञों की चर्चा
संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने प्रिसिजन फार्मिंग, फसल निगरानी, मिट्टी विश्लेषण, जल संरक्षण और कृषि उत्पादकता बढ़ाने में AI आधारित समाधानों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
इसके अलावा अंतर्विषयक सहयोग, शोध और आधुनिक तकनीकों के जरिए कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श किया गया।


