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सोनभद्र पुलिस ने फर्जी आर्मी अफसर बनकर ब्लैकमेल करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया
AI से बनाए जाते थे नकली प्रोफाइल, ब्लैकमेल और उगाही से जुड़ा मामला एक व्यक्ति की आत्महत्या से सामने आया
Sonbhadra पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर एक अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी सेना और पुलिस अधिकारियों की प्रोफाइल बनाकर लोगों को ब्लैकमेल और उगाही का शिकार बनाता था। मामले का खुलासा एक व्यक्ति की आत्महत्या के बाद हुआ।
Sonbhadra Police ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फर्जी आर्मी और पुलिस अधिकारियों की प्रोफाइल तैयार कर सोशल मीडिया पर लोगों को जाल में फंसाता था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी नकली पहचान बनाकर लोगों से संपर्क करते थे और बाद में उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे की उगाही करते थे।
आत्महत्या मामले से खुला राज
जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह की गतिविधियों से परेशान होकर एक व्यक्ति ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस को इस साइबर रैकेट के बारे में अहम सुराग मिले।पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सेना और पुलिस अधिकारियों के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास जीता। इसके बाद वे लोगों को भावनात्मक या निजी बातचीत में उलझाकर उनसे पैसे ऐंठते थे।
AI तकनीक का किया इस्तेमाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरोह AI तकनीक का उपयोग कर नकली प्रोफाइल और तस्वीरें तैयार करता था ताकि उनकी पहचान असली अधिकारियों जैसी लगे।
इस तकनीक की मदद से आरोपी लोगों को आसानी से धोखा देने में सफल हो जाते थे।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और ऑनलाइन माध्यम से अपने शिकार तलाशता था।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट से और कितने लोग प्रभावित हुए हैं।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें, विशेषकर यदि कोई खुद को सेना, पुलिस या सरकारी अधिकारी बताता हो।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर सेल या स्थानीय पुलिस को दें।


