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यमुनानगर में प्लाईवुड फैक्ट्रियों पर छापेमारी, कृषि ग्रेड यूरिया के दुरुपयोग की जांच
15 फैक्ट्रियों में संयुक्त टीमों ने की जांच, रिकॉर्ड और स्टॉक का किया सत्यापन
Yamunanagar में कृषि उपयोग के लिए मिलने वाले सब्सिडी वाले यूरिया के औद्योगिक इस्तेमाल को रोकने के लिए कृषि, उद्योग और जीएसटी विभाग की संयुक्त टीमों ने प्लाईवुड फैक्ट्रियों में औचक निरीक्षण किया।
Yamunanagar जिले में सब्सिडी वाले कृषि ग्रेड यूरिया के औद्योगिक उपयोग को रोकने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, उद्योग विभाग और जीएसटी विभाग की संयुक्त टीमों ने 15 प्लाईवुड फैक्ट्रियों में औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान टीमों ने तकनीकी ग्रेड यूरिया की खरीद से संबंधित बिलों और रिकॉर्ड की जांच की।
जानकारी के अनुसार यह निरीक्षण अभियान सोमवार से शुरू हुआ था और मंगलवार को भी जारी रहा।हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक Bal Mukund Sharma ने बताया, “संयुक्त टीमों ने सोमवार को 10 और मंगलवार को पांच प्लाईवुड फैक्ट्रियों की जांच की। निरीक्षण के दौरान किसी भी फैक्ट्री में सब्सिडी वाले कृषि ग्रेड यूरिया का अवैध भंडारण नहीं मिला।”
उन्होंने बताया कि प्लाईवुड इकाइयों से तकनीकी ग्रेड यूरिया की खरीद और उपयोग से संबंधित रिकॉर्ड, बिल और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था।
बाल मुकुंद शर्मा ने कहा, “इन इकाइयों ने 7,500 से अधिक बैग तकनीकी ग्रेड यूरिया के उपयोग का रिकॉर्ड दिखाया और जांच टीमों ने दस्तावेजों तथा स्टॉक रिकॉर्ड का गहन सत्यापन किया।”
निरीक्षण टीम में गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक बाल मुकुंद शर्मा, कराधान निरीक्षक अनिल कौशिक और अन्य अधिकारी शामिल थे।
Aditya Pratap Dabas ने बताया कि जिले में लगभग 250 प्लाईवुड इकाइयां संचालित हो रही हैं।
उन्होंने कहा, “कृषि ग्रेड यूरिया के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए भविष्य में भी संयुक्त निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।”
डॉ. डाबस ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों के लिए सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जाने वाला कृषि ग्रेड यूरिया औद्योगिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल न हो।


