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बैंकों की हड़ताल से प्रभावित रही सेवाएं, पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर सार्वजनिक क्षेत्र के लगभग सभी बैंकों के कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहे
पांच दिन के कार्य सप्ताह और लंबित वेतन संबंधी मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर बैंक कर्मचारियों ने शुक्रवार को एक दिवसीय हड़ताल की। इससे जिले में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं।
शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर जिले के लगभग सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। इसके चलते बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हड़ताल का मुख्य उद्देश्य बैंकों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने और लंबे समय से लंबित वेतन संबंधी मुद्दों का जल्द समाधान कराने की मांग को लेकर दबाव बनाना था।
सेक्टर-6 में बैंक कर्मचारियों ने दिया धरना
हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारियों ने सेक्टर-6 स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय के सामने धरना दिया। कर्मचारियों ने हाथों में बैनर लेकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बैंकों में मौजूदा छह दिन के कार्य सप्ताह की जगह पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि पांच कार्य दिवसों में काम के घंटों को इस तरह समायोजित किया जा सकता है कि कुल कार्य अवधि पर्याप्त बनी रहे।
रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने की पेशकश
बैंक कर्मचारियों ने कहा कि वे पांच दिन के कार्य सप्ताह की व्यवस्था लागू होने पर प्रतिदिन अतिरिक्त 40 मिनट काम करने के लिए भी तैयार हैं। उनका तर्क है कि इससे कम कार्य दिवसों के बावजूद आवश्यक कुल कार्य घंटों को पूरा किया जा सकता है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुमार भाटिया ने कहा कि बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं और सरकार तथा संबंधित अधिकारियों से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की अपेक्षा करते हैं।
उन्होंने कहा कि पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की मांग वर्ष 2015 से लंबित है। कर्मचारियों का मानना है कि इसे अब और लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
भाटिया ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
28 से 30 सितंबर तक फिर तीन दिन की हड़ताल
बैंक कर्मचारियों ने आगे के आंदोलन की भी घोषणा की। भाटिया के अनुसार, 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
उन्होंने कहा कि पांच दिन के कार्य सप्ताह से बैंकिंग सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकता है और इससे आम जनता को अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों के समर्थन में एक दिन के वेतन की कटौती स्वीकार करते हुए हड़ताल में शामिल हुए हैं।
Key Highlights:
- जिले में सार्वजनिक क्षेत्र के लगभग सभी बैंकों की सेवाएं प्रभावित रहीं।
- UFBU के आह्वान पर कर्मचारियों ने एक दिवसीय हड़ताल की।
- पांच दिन के कार्य सप्ताह की प्रमुख मांग उठाई गई।
- लंबित वेतन संबंधी मुद्दों के समाधान की भी मांग की गई।
- सेक्टर-6 में यूनियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के सामने धरना दिया गया।
- कर्मचारी रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार होने की बात कही।
- 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा।
- 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी।
FAQ Section:
Q1. बैंक कर्मचारी किस मांग को लेकर हड़ताल पर रहे?
उत्तर: कर्मचारी पांच दिन के कार्य सप्ताह को लागू करने और लंबित वेतन संबंधी मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे।
Q2. बैंक कर्मचारियों ने कहां धरना दिया?
उत्तर: कर्मचारियों ने सेक्टर-6 स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय के सामने धरना दिया।
Q3. पांच दिन के कार्य सप्ताह में कर्मचारी अतिरिक्त कितना समय काम करने को तैयार हैं?
उत्तर: कर्मचारियों ने प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने की पेशकश की है।
Q4. बैंक कर्मचारियों ने आगे कब हड़ताल की घोषणा की है?
उत्तर: 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की हड़ताल तथा 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
Q5. पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग कब से लंबित बताई गई है?
उत्तर: प्रदर्शनकारियों के अनुसार यह मांग वर्ष 2015 से लंबित है।
Conclusion:
बैंक कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल के कारण जिले में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। कर्मचारियों ने पांच दिन के कार्य सप्ताह और लंबित वेतन संबंधी मुद्दों के समाधान की मांग दोहराते हुए स्पष्ट किया कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
