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करनाल हत्याकांड में तीसरा आरोपी गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ पर उठा विवाद
गोबिंद के पैर में लगी गोली, SC समुदाय ने मुठभेड़ को बताया संदिग्ध, निष्पक्ष जांच की मांग
करनाल में सूरज हत्याकांड के तीसरे आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। घटना के बाद SC समुदाय ने मुठभेड़ पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
करनाल पुलिस ने गोंदर गांव के 25 वर्षीय सूरज की हत्या के मामले में तीसरे आरोपी को रविवार देर रात एक कथित मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान गोंदर गांव निवासी गोबिंद के रूप में हुई है, जो अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से संबंध रखता है। इस मामले में दो अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घरौंडा क्षेत्र में गोबिंद ने कथित तौर पर CIA-2 टीम पर तीन राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें एक गोली गोबिंद के पैर में लगी। इसके बाद उसे इलाज के लिए करनाल के जिला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी।
इस घटना के बाद SC समुदाय के लोगों में आक्रोश फैल गया।
घटना के तुरंत बाद बड़ी संख्या में SC समुदाय के लोग सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में एकत्र हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मुठभेड़ फर्जी है और इसमें शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सोमवार को राजीव गोंदर, मलखान नंबरदार, कृष्ण कुटेल, अशोक कालसन, अधिवक्ता संजय, कृष्ण सरपंच समेत एक प्रतिनिधिमंडल ने मिनी सचिवालय में बैठक के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र बिजारनिया से मुलाकात की।
उन्होंने एक ज्ञापन सौंपते हुए गोबिंद के पिता और भाई की गिरफ्तारी पर चिंता जताई और कहा कि उन्हें साजिश में गलत तरीके से फंसाया गया है। उन्होंने मांग की कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान न किया जाए और केवल दोषियों के खिलाफ ही कार्रवाई हो।
प्रतिनिधिमंडल ने अधिवक्ता सोनिया तंवर को मिल रही कथित धमकियों का मुद्दा भी उठाया, जो SC समुदाय के विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही हैं।
राजीव गोंदर ने कहा, “हमने एसपी से मुलाकात कर अपनी चिंताएं रखीं। उन्होंने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।”
एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने भी भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी निर्दोष को सजा नहीं दी जाएगी।
इस बीच, समुदाय के प्रतिनिधियों ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर भड़काऊ या भ्रामक पोस्ट न करें और ऐसी किसी भी सामग्री की जानकारी समिति को दें, ताकि प्रशासन उचित कार्रवाई कर सके।

