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जालंधर में सरकारी शिक्षकों का विरोध तेज, वेतन और पेंशन मुद्दों पर सरकार को घेरा
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट की मांग—OPS बहाल हो, DA और भत्तों का भुगतान तुरंत किया जाए
जालंधर के सरकारी स्कूल शिक्षकों ने वेतनमान, पेंशन और लंबित भत्तों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध तेज कर दिया है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और बकाया भुगतान जारी करने की मांग की।
जालंधर में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के बैनर तले वेतनमान, पेंशन नीतियों और लंबित भत्तों को लेकर चिंता जताते हुए सरकार के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है।
शिक्षकों ने 17 जुलाई 2020 की उस अधिसूचना को रद्द करने की मांग की, जो केंद्रीय वेतनमान पर आधारित है। उनका कहना है कि यह राज्य के अपने ढांचे के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से छठे पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार पंजाब वेतनमान लागू करने और वेतन में 15 प्रतिशत वृद्धि करने की मांग की।
एक बड़ा मुद्दा 1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए लागू नई पेंशन योजना (NPS) को लेकर उठाया गया। शिक्षकों ने इस योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग की, यह कहते हुए कि इससे सेवानिवृत्ति के बाद बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलती है।
फ्रंट ने लंबित देयों और कम किए गए भत्तों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) जारी करने और समय के साथ बंद किए गए 37 प्रकार के भत्तों को फिर से बहाल करने की मांग की। इनमें ग्रामीण क्षेत्र भत्ता, सीमा क्षेत्र भत्ता और सुनिश्चित करियर प्रगति (ACP) लाभ शामिल हैं, जो कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण बताए गए।
फ्रंट ने 23 अप्रैल को होशियारपुर में एक जिला सम्मेलन भी आयोजित किया था, जिसमें इन मुद्दों पर चर्चा की गई और आगे के विरोध प्रदर्शन की रणनीति तैयार की गई।
