दिल्ली एयरपोर्ट से बिना इमिग्रेशन क्लियरेंस विदेश उड़ गए 3 यात्री, Air India पर गंभीर सुरक्षा चूक का आरोप

अमृतसर से दिल्ली पहुंचे तीन यात्रियों को गलती से इंटरनेशनल ट्रांसफर एरिया में भेजा गया, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने Air India को 7 दिन में जवाब देने को कहा

On

तीन विदेशी यात्रियों के दिल्ली एयरपोर्ट से अनिवार्य डिपार्चर इमिग्रेशन क्लियरेंस के बिना जर्मनी रवाना होने का मामला सामने आया है। मंत्रालय ने इसे गंभीर सुरक्षा और इमिग्रेशन चूक मानते हुए Air India को शो-कॉज नोटिस जारी किया है।

 

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुरक्षा और इमिग्रेशन प्रक्रिया से जुड़ी गंभीर चूक का मामला सामने आया है। तीन विदेशी नागरिक अनिवार्य डिपार्चर इमिग्रेशन क्लियरेंस पूरा किए बिना ही भारत से बाहर चले गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने Air India को शो-कॉज नोटिस जारी किया है।

मंत्रालय ने एयरलाइन से पूछा है कि हब-एंड-स्पोक ऑपरेशन से संबंधित निर्धारित SOP का पालन नहीं करने और यात्रियों को इमिग्रेशन प्रक्रिया से बच निकलने से रोकने के लिए पर्याप्त जांच व्यवस्था नहीं रखने पर उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

अमृतसर से दिल्ली पहुंचे थे तीनों यात्री

मंत्रालय के नोटिस के अनुसार, तीनों यात्री 3 और 4 सितंबर की मध्यरात्रि को Air India की फ्लाइट AI1115 से अमृतसर से दिल्ली पहुंचे थे। विमान रात करीब 12:50 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा।

इसके बाद तीनों को Lufthansa की फ्लाइट LH763 से म्यूनिख जाना था। यह फ्लाइट 4 सितंबर को रात 1:45 बजे दिल्ली से रवाना हुई।

बिना इमिग्रेशन क्लियरेंस कैसे निकल गए यात्री?

जांच में सामने आया कि तीनों यात्रियों को अमृतसर में ही अमृतसर-दिल्ली यात्रा और आगे की Lufthansa यात्रा के बोर्डिंग पास जारी कर दिए गए थे।

दिल्ली पहुंचने के बाद यात्रियों को कथित तौर पर गलत तरीके से इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल यानी I-to-I ट्रांसफर एरिया में ले जाया गया। इस व्यवस्था के कारण वे अनिवार्य डिपार्चर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए बिना ही अपनी आगे की अंतरराष्ट्रीय उड़ान तक पहुंच गए।

तीनों यात्रियों की पहचान Surjit Singh, Balwinder Kaur और Gurdev Singh के रूप में हुई है।

Air India को 7 दिन में देना होगा जवाब

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए Air India को सात दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।

नोटिस में एयरलाइन से पूछा गया है कि निर्धारित SOP के उल्लंघन और इमिग्रेशन प्रक्रिया को बायपास करने से रोकने के लिए पर्याप्त जांच व्यवस्था नहीं रखने के मामले में उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।

हब-एंड-स्पोक SOP में क्या है प्रावधान?

मंत्रालय के अनुसार, हब-एंड-स्पोक SOP के तहत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अलग रखने तथा उनकी उचित जांच और सत्यापन के लिए सख्त नियम निर्धारित हैं।

इस SOP में एयरलाइंस की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट रूप से तय की गई हैं। यात्रियों की सही श्रेणी में प्रोसेसिंग और उनके दस्तावेजों की उचित जांच इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है।

बोर्डिंग पास को लेकर भी उठे सवाल

मंत्रालय के नोटिस में यात्रियों को जारी किए गए बोर्डिंग पास के प्रकार को लेकर भी सवाल उठाया गया है।

आरोप है कि Air India ने Lufthansa की आगे की यात्रा के लिए निर्धारित “D” या “I” बोर्डिंग पास के बजाय बोर्डिंग पास की तीसरी श्रेणी जारी की। मंत्रालय ने इसे हब-एंड-स्पोक प्रक्रिया का उल्लंघन माना है।

नोटिस के अनुसार, बोर्डिंग पास से जुड़ी यह प्रक्रिया और यात्रियों को गलत ट्रांसफर एरिया में भेजे जाने की घटना सुरक्षा प्रोटोकॉल के उस टूटने से जुड़ी है, जिसके कारण तीनों यात्री बिना अनिवार्य इमिग्रेशन क्लियरेंस के भारत से बाहर जा सके।

Key Highlights:

  • तीन विदेशी नागरिक दिल्ली एयरपोर्ट से बिना अनिवार्य डिपार्चर इमिग्रेशन क्लियरेंस के विदेश चले गए।
  • तीनों यात्री अमृतसर से Air India की AI1115 फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे थे।
  • दिल्ली से उन्हें Lufthansa की LH763 फ्लाइट से म्यूनिख जाना था।
  • यात्रियों को कथित तौर पर गलत तरीके से I-to-I इंटरनेशनल ट्रांसफर एरिया में भेजा गया।
  • तीनों की पहचान Surjit Singh, Balwinder Kaur और Gurdev Singh के रूप में हुई।
  • नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने Air India को शो-कॉज नोटिस जारी किया।
  • एयरलाइन को सात दिन के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया।
  • बोर्डिंग पास जारी करने की प्रक्रिया को लेकर भी मंत्रालय ने सवाल उठाए।
  • मामले को गंभीर सुरक्षा और इमिग्रेशन से जुड़ी चूक माना गया है।

FAQ Section:

Q: दिल्ली एयरपोर्ट पर क्या सुरक्षा चूक हुई?
A: तीन यात्री अनिवार्य डिपार्चर इमिग्रेशन क्लियरेंस पूरा किए बिना ही अंतरराष्ट्रीय उड़ान से भारत से बाहर चले गए।

Q: तीनों यात्री दिल्ली कैसे पहुंचे थे?
A: वे Air India की फ्लाइट AI1115 से अमृतसर से दिल्ली पहुंचे थे।

Q: तीनों यात्रियों को दिल्ली से कहां जाना था?
A: उन्हें Lufthansa की फ्लाइट LH763 से म्यूनिख जाना था।

Q: यात्रियों को इमिग्रेशन से बच निकलने का मौका कैसे मिला?
A: मंत्रालय के अनुसार, उन्हें कथित तौर पर गलत तरीके से इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर एरिया में भेज दिया गया, जिसके कारण वे अनिवार्य डिपार्चर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए बिना आगे बढ़ गए।

Q: Air India को क्या निर्देश दिया गया है?
A: नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने Air India को सात दिन के भीतर शो-कॉज नोटिस का जवाब देने को कहा है।

Conclusion:

दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन यात्रियों के बिना अनिवार्य इमिग्रेशन क्लियरेंस के विदेश चले जाने की घटना ने एयरपोर्ट सुरक्षा और एयरलाइन प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इसे SOP और सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़ी गंभीर चूक माना है। अब Air India के जवाब के बाद यह तय होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।Screenshot_1471

Edited By: Atul Sharma

खबरें और भी हैं

हरियाणा में किसानों से धान का एक-एक दाना खरीदेगी सरकार, 58 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य

Advertisement

नवीनतम

हरियाणा में किसानों से धान का एक-एक दाना खरीदेगी सरकार, 58 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य हरियाणा में किसानों से धान का एक-एक दाना खरीदेगी सरकार, 58 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य
    हरियाणा सरकार ने आगामी धान सीजन में 58 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। कृषि मंत्री
पंजाब में GST चोरी पर बड़ी कार्रवाई, 170 वाहन जब्त; 5 करोड़ से अधिक के आयरन-स्टील माल की जांच
हिंदी दिवस पर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में राज्य स्तरीय काव्य पाठ प्रतियोगिता, जल्द बनेगा देश का पहला साहित्यिक केंद्र
दिल्ली एयरपोर्ट से बिना इमिग्रेशन क्लियरेंस विदेश उड़ गए 3 यात्री, Air India पर गंभीर सुरक्षा चूक का आरोप
फतेहाबाद में 5 दिन से लापता राजमिस्त्री 20 फीट गहरे सीवर टैंक में मिला जिंदा, गंदे पानी में पड़ा था
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software