ED का पंजाब में बड़ा एक्शन! औद्योगिक जमीन के Land Use मामले में Housing Department से मांगा जवाब

2019 में Residential Development की अनुमति से पहले जरूरी जांच क्यों नहीं हुई? GLADA Chief Administrator को 15 सितंबर को रिकॉर्ड के साथ बुलाया

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब में औद्योगिक प्लॉट के कथित Land Use Change और जमीन के डायवर्जन की जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने Housing Department से 2019 में जरूरी जांचों को दरकिनार करने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।

 

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (PSIEC) द्वारा आवंटित एक औद्योगिक प्लॉट के कथित डायवर्जन और Land Use Change से जुड़े मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जांच के तहत ED ने Housing Department से यह बताने को कहा है कि वर्ष 2019 में Residential Development की अनुमति देते समय जरूरी अनिवार्य जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया।

मामले में ED ने Greater Ludhiana Area Development Authority (GLADA) के Chief Administrator Vikar Hira को 15 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। उन्हें Ritesh Properties and Industries Ltd (RPIL) से जुड़े रिकॉर्ड साथ लाने को कहा गया है। RPIL का नाम अब Hampton Sky Realty Limited है और कंपनी का संबंध पूर्व मंत्री Sanjeev Arora से बताया गया है।

H2: 2019 में जरूरी जांच को लेकर ED के सवाल

ED की जांच का प्रमुख केंद्र यह है कि औद्योगिक जमीन के एक हिस्से को Residential Development के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देने से पहले निर्धारित शर्तों की जांच की गई थी या नहीं।

नीति के अनुसार, संबंधित प्राधिकरण को ऐसे दस्तावेज हासिल करने थे, जिनसे यह साबित हो सके कि कुल जमीन के कम से कम 50 प्रतिशत हिस्से को विकसित करके Industrial Plots के रूप में बेचा जा चुका है।

H3: 50 प्रतिशत जमीन से जुड़ी थी अहम शर्त

नियमों के तहत Sale Deeds, Transfer Records या अन्य संबंधित दस्तावेजों के जरिए यह प्रमाणित करना जरूरी था कि जमीन का 50 प्रतिशत हिस्सा औद्योगिक प्लॉट के तौर पर विकसित और बेचा गया है।

इस शर्त के पूरा होने के बाद ही बची हुई जमीन को Residential Development के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा सकती थी।

ED अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि 2019 में Residential Development की अनुमति देते समय इस अनिवार्य प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया।

H2: GLADA Chief Administrator को 15 सितंबर को पेश होने का निर्देश

जांच के सिलसिले में ED ने GLADA Chief Administrator Vikar Hira को 15 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा है। उन्हें RPIL से संबंधित जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं।

यह कदम ED की उस जांच का हिस्सा है, जिसमें औद्योगिक जमीन के कथित उपयोग परिवर्तन और उससे जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है।

H2: Hero Cycles से जुड़े रिकॉर्ड भी मांगे

सूत्रों के अनुसार, ED ने Hero Cycles से संबंधित रिकॉर्ड भी मांगे हैं। एजेंसी द्वारा इन दस्तावेजों की मांग से संकेत मिलता है कि जांच में जमीन के आवंटन और उसके उपयोग से जुड़े अन्य रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि मांगे गए सभी रिकॉर्ड में Hero Cycles की भूमिका क्या है। मामले में ED की जांच जारी है।

H2: क्या है पूरा मामला?

जांच का केंद्र PSIEC द्वारा आवंटित औद्योगिक जमीन के कथित Diversion और Land Use Change से जुड़ा है। ED यह जांच कर रहा है कि संबंधित जमीन को Residential Development के लिए इस्तेमाल करने से पहले निर्धारित शर्तों और दस्तावेजी जांच का पालन हुआ था या नहीं।

जांच में अब Housing Department, GLADA और संबंधित कंपनियों के रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। आगे की कार्रवाई ED द्वारा दस्तावेजों और अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तय की जा सकती है।

Key Highlights:

• ED ने पंजाब में औद्योगिक जमीन के कथित Land Use Change की जांच का दायरा बढ़ाया।
• Housing Department से वर्ष 2019 में जरूरी जांचों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया।
• GLADA Chief Administrator Vikar Hira को 15 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश।
• RPIL, जिसका नाम अब Hampton Sky Realty Limited है, से जुड़े रिकॉर्ड मांगे गए।
• कंपनी का संबंध पूर्व मंत्री Sanjeev Arora से बताया गया है।
• ED ने Hero Cycles से संबंधित रिकॉर्ड भी मांगे हैं।
• नियमों के तहत 50 प्रतिशत जमीन को Industrial Plots के रूप में विकसित और बेचने का प्रमाण जरूरी था।
• इस शर्त के बाद ही बाकी जमीन को Residential Development के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था।

FAQ Section:

Q1. ED किस मामले की जांच कर रहा है?

A: ED PSIEC द्वारा आवंटित एक औद्योगिक प्लॉट के कथित Diversion और Land Use Change से जुड़े मामले की जांच कर रहा है।

Q2. ED ने Housing Department से क्या पूछा है?

A: एजेंसी ने पूछा है कि वर्ष 2019 में Residential Development की अनुमति देते समय अनिवार्य दस्तावेजी जांच और निर्धारित प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया।

Q3. Vikar Hira को कब पेश होने के लिए कहा गया है?

A: GLADA Chief Administrator Vikar Hira को 15 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और संबंधित रिकॉर्ड साथ लाने का निर्देश दिया गया है।

Q4. Residential Development की अनुमति से पहले क्या शर्त थी?

A: नीति के अनुसार, पहले यह प्रमाणित करना जरूरी था कि कुल जमीन के 50 प्रतिशत हिस्से को Industrial Plots के रूप में विकसित और बेचा जा चुका है।

Q5. ED ने किन कंपनियों से जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं?

A: ED ने Ritesh Properties and Industries Ltd, जिसका नाम अब Hampton Sky Realty Limited है, से जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं। सूत्रों के अनुसार Hero Cycles से संबंधित रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं।

Conclusion:

PSIEC की औद्योगिक जमीन के कथित Land Use Change मामले में ED की जांच अब प्रशासनिक प्रक्रिया और संबंधित रिकॉर्ड की जांच तक पहुंच गई है। वर्ष 2019 में Residential Development की अनुमति देने से पहले 50 प्रतिशत औद्योगिक जमीन के विकास और बिक्री से जुड़ी अनिवार्य शर्तों का पालन हुआ था या नहीं, यह जांच का अहम हिस्सा बना हुआ है। अब अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं से मिले दस्तावेजों के आधार पर मामले में आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।Screenshot_1459

Edited By: Atul Sharma

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