गुरु रविदास जयंती कार्यक्रम में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच AAP नेताओं ने समानता का संदेश दिया

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में आयोजित सेमिनार में मंत्रियों ने गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को बताया सरकार की प्रेरणा

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Aam Aadmi Party सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच पंजाब के मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने Guru Nanak Dev University में आयोजित श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व से जुड़े विशेष सेमिनार में हिस्सा लिया।

पंजाब में Aam Aadmi Party सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बढ़ते विरोध के बीच पार्टी के कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता मंगलवार को Guru Nanak Dev University में आयोजित श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष सेमिनार में शामिल हुए।

सेमिनार को संबोधित करते हुए पंजाब के वित्त, योजना, कराधान, आबकारी और परिवहन मंत्री Harpal Singh Cheema ने कहा, “मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में पंजाब सरकार श्री गुरु रविदास जी द्वारा दिए गए समानता के सिद्धांतों के अनुसार कार्य कर रही है।”

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार Sri Guru Ravidass Memorial का विस्तार कर रही है। साथ ही फरीदपुर गांव में Sri Guru Ravidass Bani Study Centre की स्थापना की जा रही है, जिसका कार्य जल्द शुरू होगा।

गुरु रविदास जी की शिक्षाओं पर बोलते हुए चेमा ने कहा, “भारत सहित दुनिया के कई देशों के संविधान समानता और न्याय की बात करते हैं, लेकिन श्री गुरु रविदास जी ने करीब 650 वर्ष पहले ही अपनी आध्यात्मिक शिक्षाओं के माध्यम से मानवता को यह संदेश दिया था और दुनिया को ‘बेगमपुरा’ की अवधारणा दी।”

चर्चा में भाग लेते हुए Sant Gurdeep Giri ने कहा, “श्री गुरु रविदास जी के 40 शब्द और एक श्लोक Guru Granth Sahib में दर्ज हैं। गुरु रविदास जी ने अपनी शिक्षाओं में प्रेम और भक्ति को विशेष महत्व दिया तथा सामाजिक असमानता और जातिगत भेदभाव के खिलाफ कार्य किया।”

कैबिनेट मंत्री Lal Chand Kataruchak ने कहा, “हर व्यक्ति को गुरु रविदास जी द्वारा दिए गए समानता और समान अवसर के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब सरकार द्वारा गुरु रविदास जी का संदेश विश्वभर में फैलाने के प्रयास सराहनीय हैं।”

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के पंजाबी विभाग के प्रमुख Prof. Manjinder Singh ने कहा, “गुरु रविदास जी ने समाज के सबसे वंचित वर्गों का उत्थान किया और अपनी शिक्षाओं के माध्यम से लोगों में आत्मविश्वास पैदा किया। उनकी शिक्षाएं वैश्विक राजनीतिक चिंतन में बड़ा योगदान साबित हो सकती हैं। राजनीतिक विज्ञान के विद्वानों को ‘बेगमपुरा’ की अवधारणा का अध्ययन कर उसे राजनीतिक अध्ययन का हिस्सा बनाना चाहिए।”

 
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Edited By: Karan Singh

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