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जब किसी ने नहीं पहचाना तो टूट गया रजनीकांत का अहंकार
आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम के अनुभव को याद कर सुपरस्टार ने कही दिल की बात
Rajinikanth ने एक कार्यक्रम में खुलासा किया कि बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम में एक बार ऐसा हुआ जब हजारों लोगों के बीच किसी ने उन्हें नहीं पहचाना। अभिनेता ने कहा कि इस घटना ने उनका अहंकार पूरी तरह तोड़ दिया।
देशभर में अपनी जबरदस्त लोकप्रियता के लिए मशहूर Rajinikanth ने हाल ही में एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने उन्हें भीतर तक बदल दिया।
मंगलवार को Art of Living Foundation के 45 वर्ष पूरे होने और Sri Sri Ravi Shankar के 70वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में रजनीकांत ने बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर की अपनी यात्रा को याद किया।
उन्होंने बताया कि एक बार गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने उन्हें आश्रम घूमने के लिए साथ चलने का निमंत्रण दिया था। उस समय रजनीकांत को लगा कि उनकी मौजूदगी से वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो जाएगी और असुविधा पैदा होगी।रजनीकांत ने कहा, “गुरुदेव ने मुझसे कहा कि उनके साथ चलूं। मैंने उनसे कहा कि इससे आपको काफी परेशानी होगी। लेकिन उन्होंने कहा, ‘कोई समस्या नहीं, कोई परेशानी नहीं, बस चलिए।’”
अभिनेता ने आगे कहा कि उन्हें स्वाभाविक रूप से लगा था कि वहां मौजूद लोग उन्हें पहचानेंगे, उनका नाम पुकारेंगे और तस्वीरें खिंचवाने की इच्छा जताएंगे।
उन्होंने कहा, “मैंने वहां तमिलनाडु से आए कई लोगों को भी देखा। हजारों लोग मौजूद थे। सच कहूं तो एक भी व्यक्ति ने मेरी तरफ नहीं देखा।”
रजनीकांत ने मुस्कुराते हुए कहा, “फोटो और ऑटोग्राफ तो दूर, किसी ने मेरी तरफ देखा तक नहीं और न ही मुझसे बात की। मैं हाथ हिला रहा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।”
उन्होंने स्वीकार किया कि इस अनुभव ने उनका अहंकार पूरी तरह तोड़ दिया।
सुपरस्टार ने कहा, “मैं कई बड़े राजनेताओं और उद्योगपतियों से मिला हूं, लेकिन इस घटना ने मेरे अहंकार को चकनाचूर कर दिया।”
गौरतलब है कि Rajinikanth हाल ही में Coolie में नजर आए थे।

