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पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला: महिलाओं को हर महीने ₹1000–₹1500 सहायता, ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ 1 अप्रैल से लागू
97% से अधिक महिलाओं को मिलेगा लाभ, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए खाते में आएगी राशि
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब कैबिनेट ने महिलाओं के लिए एक बड़ी योजना को मंजूरी दी है। ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है।
रविवार को मुख्यमंत्री Bhagwant Mann की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ को पूरे राज्य में लागू करने का निर्णय है।
इस योजना के तहत सभी महिलाओं को हर महीने ₹1000 और अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को ₹1500 की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह योजना 1 अप्रैल से लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस योजना की घोषणा बजट में की गई थी और इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। यह योजना महिलाओं को अपने खर्च, बचत और निवेश के बारे में निर्णय लेने की स्वतंत्रता देगी और उनके जीवन में सम्मान और गरिमा बढ़ाएगी।
यह योजना राज्य की 97% से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचाने की उम्मीद है, जिससे यह देश की सबसे व्यापक महिला-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक बन जाएगी।
यह एक डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना होगी, जिसके तहत सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।
इस योजना की खास बात यह है कि एक परिवार में कितनी भी पात्र महिलाएं हों, सभी इसका लाभ ले सकती हैं। साथ ही, जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, उन्हें यह राशि उनके पेंशन के अतिरिक्त दी जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए, वह पंजाब की मतदाता हो और उसके पास पंजाब निवास दर्शाने वाला आधार कार्ड और वैध वोटर आईडी होना जरूरी है।
सरकार इस योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगी। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सहायता के लिए दस्तावेज़ तैयार कराने, बैंक खाते सक्रिय करने और पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए ₹9300 करोड़ पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं। इसके बड़े स्तर और व्यापक प्रभाव को देखते हुए इसे पंजाब सरकार की सबसे बड़ी महिला कल्याण योजनाओं में से एक माना जा रहा है।
इसके अलावा, कैबिनेट ने योजना विभाग में 70 पदों पर सीधी भर्ती को मंजूरी दी। साथ ही, आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड और सांख्यिकी निदेशालय के विलय की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
कैबिनेट ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSTCL) में चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) और निदेशकों की नियुक्ति के लिए योग्यता और अनुभव से जुड़े नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी।
झारखंड में स्थित पच्छवारा सेंट्रल कोल माइन के संचालन और रखरखाव के लिए PSPCL द्वारा संविदा आधार पर स्टाफ की नियुक्ति को भी हरी झंडी दी गई। इसके लिए एक सशक्त समिति का गठन किया गया है।
इसके अलावा, औद्योगिक प्लॉट/शेड को लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में बदलने की नीति में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। अब बैंक या वित्तीय संस्थानों के पास गिरवी रखे गए प्लॉट भी, आवश्यक शर्तों और एनओसी के साथ, फ्रीहोल्ड में बदले जा सकेंगे।
ऐसे मामलों में, जहां वर्तमान दस्तावेजों में ‘अनअर्न्ड इन्क्रीज’ का उल्लेख नहीं है, वहां 5% का कन्वर्जन शुल्क लागू होगा।
