पंजाब में पुलिस के दुरुपयोग पर भड़के कांग्रेस विधायक परगट सिंह, बोले- सत्ता के दबाव में काम करने वाले अधिकारियों पर हो सख्त कार्रवाई

मजीठा और होशियारपुर मामलों को लेकर सरकार पर साधा निशाना, कहा- झूठे मुकदमे लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था के लिए खतरा

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक परगट सिंह ने पंजाब में पुलिस के कथित दुरुपयोग को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव में काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और पुलिस को किसी भी दल का राजनीतिक हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।

पुलिस के दुरुपयोग को लेकर परगट सिंह का सरकार पर हमला

पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक Pargat Singh ने मजीठा प्रकरण और हाल के विवादित मामलों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए पुलिस के कथित दुरुपयोग पर गंभीर चिंता जताई है।

उन्होंने कहा कि चाहे किसी भी दल की सरकार रही हो, उन्होंने हमेशा राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से दर्ज किए जाने वाले मामलों का विरोध किया है।

सत्ता के इशारे पर काम करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

परगट सिंह ने कहा कि जो अधिकारी सत्ता में बैठे लोगों के दबाव या निर्देश पर कार्रवाई करते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा,

"ऐसे अधिकारियों को तत्काल सेवा से हटाया जाना चाहिए ताकि स्पष्ट संदेश जाए कि सत्ता का दुरुपयोग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।"

उनके अनुसार प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कानून के दायरे में निष्पक्ष होकर कार्य करना चाहिए।

होशियारपुर के ब्लास्फेमी केस पर भी उठाए सवाल

'झाड़ू' प्रतीक के कथित अपमान पर दर्ज मामले की निंदा

परगट सिंह ने होशियारपुर में एक युवक के खिलाफ दर्ज ब्लास्फेमी (धार्मिक भावनाएं आहत करने) के मामले की भी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह या प्रतीक से जुड़े विवाद को इस तरह के गंभीर कानूनी मामले में बदलना चिंताजनक है।

कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस का खुलकर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

पुलिस को राजनीतिक एजेंडे का साधन नहीं बनना चाहिए

परगट सिंह ने कहा कि पुलिस का दायित्व कानून-व्यवस्था बनाए रखना और निष्पक्ष जांच करना है।

उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को समझना चाहिए और किसी भी राजनीतिक दबाव में कानून का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

झूठे मुकदमे सामाजिक अन्याय का कारण

परिवार और समाज पर पड़ता है गहरा असर

कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करना केवल कानूनी गलती नहीं बल्कि गंभीर सामाजिक अन्याय भी है।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों के कारण:

  • परिवारों का जीवन प्रभावित होता है
  • लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है
  • न्याय व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर होता है
  • कानून के प्रति सम्मान घटता है

पंजाब पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचने का दावा

परगट सिंह ने कहा कि राज्य का माहौल लगातार खराब होता जा रहा है और इसका सबसे बड़ा नुकसान पंजाब पुलिस की छवि को हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पुलिस को निष्पक्ष और पेशेवर संस्था के रूप में कार्य करना चाहिए ताकि जनता का विश्वास कायम रह सके।

आम आदमी पार्टी पर साधा निशाना

पंजाब की संवेदनशीलताओं को न समझने का आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) पर हमला बोलते हुए परगट सिंह ने कहा कि या तो सरकार पंजाब की परिस्थितियों को समझने में विफल रही है या फिर दिल्ली से आई टीम राज्य के इतिहास, संस्कृति और सामाजिक संवेदनशीलताओं को नहीं समझ पाई है।

उन्होंने कहा कि होशियारपुर में झाड़ू के बिखरने के मामले को ब्लास्फेमी केस में बदलकर युवक को जेल भेजना पूरी तरह गलत, अनुचित और सत्ता के अहंकार को दर्शाने वाला कदम है।


Key Highlights:

  • परगट सिंह ने पंजाब में पुलिस के कथित दुरुपयोग पर सवाल उठाए।
  • सत्ता के दबाव में काम करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग।
  • होशियारपुर में दर्ज ब्लास्फेमी केस की आलोचना।
  • पुलिस को राजनीतिक एजेंडे का साधन न बनाने की सलाह।
  • झूठे मुकदमों को सामाजिक और कानूनी अन्याय बताया।
  • पंजाब पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचने का दावा।
  • AAP सरकार पर पंजाब की संवेदनशीलताओं को न समझने का आरोप।

FAQ Section:

परगट सिंह ने किस मुद्दे पर बयान दिया?

उन्होंने मजीठा प्रकरण और होशियारपुर में दर्ज ब्लास्फेमी केस को लेकर बयान दिया।

उन्होंने पुलिस को लेकर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि पुलिस का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।

अधिकारियों के बारे में उनकी क्या मांग है?

उन्होंने सत्ता के दबाव में काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

होशियारपुर मामले पर उनकी क्या प्रतिक्रिया थी?

उन्होंने युवक के खिलाफ दर्ज ब्लास्फेमी केस को गलत और अनुचित बताया।

उन्होंने किस राजनीतिक दल की आलोचना की?

उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधा।


Conclusion:

पंजाब में पुलिस की भूमिका और कानून के उपयोग को लेकर उठे सवालों के बीच परगट सिंह का बयान राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है। उन्होंने निष्पक्ष प्रशासन, कानून के सही इस्तेमाल और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए सरकार और अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने की सलाह दी है।Screenshot_2074

Edited By: Karan Singh

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