Samyukta Kisan Morcha (एसकेएम), विभिन्न ट्रेड यूनियनों और जनवादी संगठनों ने रविवार को Bharatiya Janata Party (भाजपा) के कार्यालय के बाहर तथा राज्यभर में Aam Aadmi Party (आप) के मंत्रियों के आवासों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर “जन-विरोधी” कानून लागू करने का आरोप लगाते हुए तीखी आलोचना की। उन्होंने चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड), ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM G) अधिनियम, जो Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (मनरेगा) का स्थान लेने का प्रस्ताव है, बिजली संशोधन विधेयक, बीज विधेयक तथा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ये कानून और समझौते श्रमिकों, किसानों और आम जनता के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इन फैसलों पर पुनर्विचार करे और जनहित को प्राथमिकता दे।

