आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को यहां एएपी विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का सामना किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को शांत कराने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि एएपी के सत्ता में आने के बाद से ही दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव जारी है।
सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक लखवीर सिंह लखा के नेतृत्व में विधायक ग्यासपुरा के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इसी दौरान ग्यासपुरा के समर्थक भी वहां इकट्ठा हो गए और उन्होंने इसे “कांग्रेस का हमला” बताते हुए विरोध जताया।
दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और नारेबाजी होने लगी। इस दौरान विधायक ग्यासपुरा ने चेतावनी दी कि वह लोगों के समूहों को पूर्व विधायक लखा के घर भेजेंगे, ताकि उनसे 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादों के बारे में सवाल पूछे जा सकें।
अपने सोशल मीडिया संदेश में ग्यासपुरा ने लखा को चुनौती देते हुए कहा कि वे बेरोजगार युवाओं का सामना करें, जिन्हें कांग्रेस ने चुनाव से पहले प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था।
ग्यासपुरा ने कहा कि बेरोजगार युवा लगातार 15 दिनों तक लखा के घर जाकर उनसे सवाल पूछेंगे।
दूसरी ओर, एएपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदर्शनकारियों का सामना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की उपलब्धियों को भी गिनाया।
वहीं ग्यासपुरा के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता एएपी के अधूरे वादों से जुड़े पोस्टर और तख्तियां लेकर पहुंचे थे। इनमें सबसे प्रमुख मुद्दा महिलाओं को दिया जाने वाला सम्मान राशि (मानदेय) था, जिसे चार साल की देरी के बाद हाल ही में मंजूरी मिली है।

