लुधियाना सिविल अस्पताल के मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में पहली बार महिला सुरक्षा गार्ड तैनात

मरीजों की सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के लिए उठाया गया कदम, हर शिफ्ट में महिला गार्ड की मौजूदगी

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लुधियाना के सिविल अस्पताल स्थित मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (MCH) में पहली बार महिला सुरक्षा गार्ड तैनात की गई हैं। इस पहल का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित और सहज माहौल सुनिश्चित करना है।

लुधियाना के सिविल अस्पताल स्थित मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (MCH) में मरीजों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। यहां पहली बार महिला सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति की गई है।

नई व्यवस्था के तहत तीन महिला सुरक्षा गार्डों को पुरुष सुरक्षा कर्मियों के साथ तैनात किया गया है, ताकि माताओं और बच्चों को चौबीसों घंटे सुरक्षा मिल सके। हर शिफ्ट में एक महिला गार्ड अपने साथ पांच पुरुष गार्डों के साथ ड्यूटी पर तैनात रहती है। वर्तमान में अस्पताल में कुल 16 पुरुष सुरक्षा गार्ड भी मौजूद हैं।

अस्पताल आने वाले परिवारों ने इस पहल पर संतोष व्यक्त किया है। एक गर्भवती महिला के पति राजेश कुमार ने कहा, “जब मेरी पत्नी जांच के लिए यहां आती है, तो महिला गार्ड को देखकर मुझे ज्यादा सुरक्षा का एहसास होता है। इससे वातावरण अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनता है।”

वहीं, अपनी बहू के साथ आई सुनीता देवी ने कहा, “महिला सुरक्षा गार्ड ने हमसे पूछा कि सब ठीक है या नहीं और क्या हमें किसी मदद की जरूरत है। यह एक बहुत ही अच्छा और आशाजनक कदम है।”

नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ ने भी इस पहल की सराहना की है।

सीनियर मेडिकल ऑफिसर Rohit Rampal ने इस बदलाव के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “यह सिर्फ सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि संवेदनशीलता का भी है। माताओं और बच्चों को ऐसा माहौल चाहिए जहां वे खुद को सुरक्षित और सहज महसूस करें। महिला गार्डों की मौजूदगी से मरीज खुलकर बात कर पाते हैं और अधिक आराम महसूस करते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल अस्पताल की मरीज-केंद्रित सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। “हमें गर्व है कि हम जिले के पहले सरकारी अस्पताल हैं जिसने इस व्यवस्था को लागू किया है। यह अन्य संस्थानों के लिए एक उदाहरण बनेगा।”

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, MCH में रोजाना लगभग 200-250 गर्भवती महिलाएं ओपीडी में जांच के लिए आती हैं, जबकि 30-40 महिलाएं प्रसव के लिए पहुंचती हैं। इसके अलावा 200-250 बच्चे भी इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में महिला सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी से वातावरण अधिक सुरक्षित और अनुकूल बनेगा।

फिलहाल महिला गार्डों को केवल MCH में तैनात किया गया है, लेकिन भविष्य में उन्हें सिविल अस्पताल के अन्य हिस्सों में भी तैनात करने की योजना है।

 
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Edited By: Karan Singh

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