4 साल की उम्र से शुरू किया सफर, वंशिका यादव बनी राष्ट्रीय स्तर की कराटे स्टार

नेशनल स्कूल गेम्स में जीते कई पदक, कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग से हासिल की बड़ी सफलता

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लुधियाना की 18 वर्षीय वंशिका यादव ने कराटे में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। बचपन से शुरू हुआ उनका सफर अब कई पदकों और अंतरराष्ट्रीय अनुभव तक पहुंच चुका है।

महज चार साल की उम्र में कराटे की शुरुआत करने वाली 18 वर्षीय Vanshika Yadav ने अपने समर्पण, अनुशासन और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक खास पहचान बना ली है।

लुधियाना की रहने वाली Vanshika Yadav की सफलता उनके वर्षों की मेहनत और परिवार के अटूट समर्थन को दर्शाती है। वह सेक्रेड हार्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बीआरएस नगर की छात्रा रही हैं।

उनके पिता Pramod Kumar Yadav पेशे से वकील हैं और उनकी माता रमा ने भी हर कदम पर उनका साथ दिया है।

हाल ही में उन्होंने महाराष्ट्र के बारामती में आयोजित 69वें नेशनल स्कूल गेम्स में कांस्य पदक जीतकर अपने स्कूल जीवन का शानदार समापन किया।

इससे पहले, मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित 68वें नेशनल स्कूल गेम्स में उन्होंने अंडर-19 कुमिते (64 किलोग्राम) वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।

Vanshika Yadav ने दिसंबर 2012 में बीआरएस नगर स्थित “द ग्रेट स्कूल ऑफ मार्शल आर्ट्स” में कोच Gaurav Sachdeva के मार्गदर्शन में कराटे की शुरुआत की।

उन्होंने अपने पहले ही टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर अपने उज्ज्वल भविष्य के संकेत दे दिए थे।

कोच Gaurav Sachdeva के अनुसार, वंशिका बचपन से ही बेहद अनुशासित और मेहनती रही हैं, जो उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाता है।

छह साल की उम्र तक वह प्रतियोगी कराटे में हिस्सा लेने लगी थीं और 2017 में उन्होंने ब्लैक बेल्ट (फर्स्ट डैन) हासिल की, जो किसी भी कराटे खिलाड़ी के लिए एक बड़ी उपलब्धि होती है।

उसी वर्ष उन्होंने जापान के टोक्यो स्थित इटाबाशी वार्ड अजुसावा स्टेडियम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 2018 में भी उन्हें जापान में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चुना गया।

राज्य स्तर पर उनकी बड़ी सफलता 2018 में आई, जब उन्होंने अपने पहले आधिकारिक चैंपियनशिप में काता में स्वर्ण और कुमिते में रजत पदक जीता, जिससे उन्हें राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए राज्य टीम में जगह मिली।

2019 में जबलपुर में आयोजित नेशनल स्कूल गेम्स में चयन के साथ उनकी राष्ट्रीय यात्रा को और गति मिली।

कोविड-19 महामारी के दौरान भी Vanshika Yadav ने घर पर अभ्यास जारी रखा और ऑल इंडिया ऑनलाइन काता टूर्नामेंट में पहला स्थान हासिल किया।

2021 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें सम्मानित किया।

2023 में नई दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित नेशनल स्कूल गेम्स में उन्होंने अंडर-17 कुमिते (64 किलोग्राम) वर्ग में रजत पदक जीता।

2024 में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान जिला प्रशासन ने भी उन्हें सम्मानित किया। उसी वर्ष उन्होंने जूनियर कुमिते (66 किलोग्राम) वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीता।

Vanshika Yadav राज्य की पहली कराटे खिलाड़ी बनीं जिन्हें स्पोर्ट्स कराटे ग्रेडेशन में ‘बी ग्रेड’ प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ।

 
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Edited By: Karan Singh

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