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दोराहा में फिर गहराया कूड़ा संकट, सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से सात दिन से नहीं उठा कचरा
मांगें पूरी नहीं होने का आरोप लगाकर सफाई कर्मचारियों ने दोबारा शुरू की हड़ताल, शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर से लोग परेशान।
पंजाब के दोराहा में सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण पिछले सात दिनों से कचरा नहीं उठाया गया है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं, जबकि कर्मचारी सरकार पर पहले से स्वीकार की गई मांगों को लागू न करने का आरोप लगा रहे हैं।
दोराहा में सफाई व्यवस्था चरमराई, सात दिनों से नहीं उठा कचरा
पंजाब के दोराहा शहर में एक बार फिर सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। 7 जुलाई से सफाई कर्मचारियों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल दोबारा शुरू किए जाने के बाद पिछले सात दिनों से शहर से कचरा नहीं उठाया गया है।
इसके चलते सड़कों, कूड़ा संग्रहण स्थलों और रिहायशी इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पहले भी 15 दिनों तक चली थी हड़ताल
इससे पहले भी सफाई कर्मचारी 6 जून से 21 जून तक लगातार 15 दिनों की हड़ताल पर रहे थे।कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उन्हें लागू नहीं किया गया। इसी कारण उन्होंने दोबारा आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया।
शहर में बढ़ी गंदगी, लोगों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की
स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं, जिससे गंदगी और दुर्गंध फैल रही है।
लोगों ने राज्य सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर सफाई व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है, ताकि स्थिति और गंभीर न हो।
विधायक बोले— मांगें स्वीकार हो चुकी हैं
पायल विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा ने कहा कि उन्हें सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की जानकारी नहीं थी।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों की मांगें पहले ही स्वीकार की जा चुकी हैं और उन्हें जल्द लागू किया जाएगा।
सफाई कर्मचारियों ने सरकार पर वादा पूरा न करने का लगाया आरोप
सफाई सेवक यूनियन, पंजाब के जिला सचिव रॉकी साहोता ने कहा कि कर्मचारियों ने सरकार को पर्याप्त समय दिया, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उनके अनुसार सरकार ने वादा किया था कि—
- तीन वर्षों से निजी ठेकेदारों के अधीन कार्यरत सीवर और सफाई कर्मचारियों को सरकारी व्यवस्था के तहत लाया जाएगा।
- वेतन सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।
- मासिक वेतन बढ़ाकर 15,100 रुपये किया जाएगा।
- कर्मचारियों को भविष्य निधि (PF), समूह स्वास्थ्य बीमा, ग्रेच्युटी, मातृत्व अवकाश और आकस्मिक अवकाश जैसी कानूनी सुविधाएं मिलेंगी।
- 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को नियमित कर सरकारी सेवा में समायोजित किया जाएगा।
रॉकी साहोता ने कहा कि इन आश्वासनों पर अमल न होने के कारण कर्मचारियों ने दोबारा अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है।
Key Highlights:
- दोराहा में 7 जुलाई से सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी।
- पिछले सात दिनों से शहर में कचरा नहीं उठाया गया।
- सड़कों और रिहायशी क्षेत्रों में कूड़े के ढेर लगे।
- कर्मचारी सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगा रहे हैं।
- वेतन, नियमितीकरण और अन्य कर्मचारी सुविधाओं की मांग प्रमुख मुद्दे।
- स्थानीय लोगों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।
FAQ Section
Q1. दोराहा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल कब से जारी है?
सफाई कर्मचारियों ने 7 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल दोबारा शुरू की है।
Q2. हड़ताल का मुख्य कारण क्या है?
कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने उनकी स्वीकार की गई मांगों को अब तक लागू नहीं किया।
Q3. कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
सरकारी रोजगार, 15,100 रुपये मासिक वेतन, PF, स्वास्थ्य बीमा, ग्रेच्युटी और नियमितीकरण जैसी सुविधाएं।
Q4. शहर की वर्तमान स्थिति क्या है?
सात दिनों से कचरा नहीं उठने के कारण कई स्थानों पर कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं।
Q5. विधायक ने क्या कहा?
विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें स्वीकार हो चुकी हैं और जल्द पूरी की जाएंगी।
Conclusion:
दोराहा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। कर्मचारी अपनी मांगों के क्रियान्वयन पर अड़े हुए हैं, जबकि स्थानीय लोग जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकला तो सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

