राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने ‘रचनांजलि’ पत्रिका के चौथे अंक का किया विमोचन, साहित्य और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

सुल्तानपुर लोधी में आयोजित कार्यक्रम में हिंदी साहित्य को बढ़ावा देने की सराहना, प्रकृति संरक्षण के लिए जनभागीदारी का किया आह्वान।

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राज्यसभा सांसद और पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने सुल्तानपुर लोधी में हिंदी साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका ‘रचनांजलि’ के चौथे अंक का विमोचन किया। उन्होंने हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक रहने का संदेश दिया।

सुल्तानपुर लोधी में ‘रचनांजलि’ के नए अंक का हुआ विमोचन

राज्यसभा सांसद एवं प्रसिद्ध पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने मंगलवार को सुल्तानपुर लोधी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हिंदी साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका ‘रचनांजलि’ के चौथे अंक का विमोचन किया।

इस अवसर पर उन्होंने पत्रिका के नए संस्करण का लोकार्पण करते हुए हिंदी साहित्य के संरक्षण और संवर्धन में इसके योगदान की सराहना की।


हिंदी साहित्य को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना

पत्रिका के नवीन अंक का विमोचन करते हुए संत सीचेवाल ने संपादक माला अग्रवाल माधवी को हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए बधाई दी।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की साहित्यिक पत्रिकाएं समाज में सकारात्मक सोच और रचनात्मक लेखन को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने संपादक को भविष्य में भी सार्थक साहित्य पाठकों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित किया।


पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों से की अपील

कार्यक्रम के दौरान संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण का संरक्षण बेहद आवश्यक है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण बचाने के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने और प्रकृति संरक्षण के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।


संत सीचेवाल का किया गया सम्मान

कार्यक्रम के दौरान माला अग्रवाल माधवी और राकेश शांतिदूत ने संत बलबीर सिंह सीचेवाल को सम्मानित किया।

समारोह के अंत में पत्रिका की संपादक ने सभी अतिथियों और उपस्थित प्रतिभागियों का कार्यक्रम में शामिल होने और सहयोग देने के लिए आभार व्यक्त किया।


Key Highlights:

  • संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने ‘रचनांजलि’ के चौथे अंक का विमोचन किया।
  • कार्यक्रम सुल्तानपुर लोधी में आयोजित किया गया।
  • हिंदी साहित्य को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की गई।
  • पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया गया।
  • माला अग्रवाल माधवी और राकेश शांतिदूत ने संत सीचेवाल का सम्मान किया।

FAQ Section

Q1. ‘रचनांजलि’ पत्रिका के चौथे अंक का विमोचन किसने किया?

राज्यसभा सांसद और पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने इसका विमोचन किया।

Q2. कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ?

यह कार्यक्रम सुल्तानपुर लोधी में आयोजित किया गया।

Q3. पत्रिका की संपादक कौन हैं?

पत्रिका की संपादक माला अग्रवाल माधवी हैं।

Q4. संत सीचेवाल ने कार्यक्रम में किस विषय पर जोर दिया?

उन्होंने हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया।

Q5. कार्यक्रम के अंत में क्या हुआ?

माला अग्रवाल माधवी और राकेश शांतिदूत ने संत सीचेवाल को सम्मानित किया तथा संपादक ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।


Conclusion:

‘रचनांजलि’ के चौथे अंक का विमोचन केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदी भाषा, रचनात्मक लेखन और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर भी रहा। कार्यक्रम में साहित्य और प्रकृति दोनों के संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।Screenshot_3272

Edited By: Karan Singh

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