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पंजाब में धान खरीद को लेकर सरकार की तैयारी पूरी, 3.44 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी खरीद
मंत्री लाल चंद कटारूचक ने खरड़ मंडी में व्यवस्थाओं का लिया जायजा, किसानों को 188 करोड़ रुपये का भुगतान
पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक ने सोमवार को खरड़ अनाज मंडी में धान खरीद व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों को खरीद के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
पंजाब में धान खरीद व्यवस्था की समीक्षा
पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक ने सोमवार को खरड़ अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में धान की सुचारू और परेशानी मुक्त खरीद के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
मंत्री ने बताया कि खरीद प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
मंडियों में पहुंचा 3.83 लाख मीट्रिक टन धान
लाल चंद कटारूचक के अनुसार, राज्य की मंडियों में अब तक 3.83 लाख मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है। इनमें से सरकारी खरीद एजेंसियों ने 3.44 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी कर ली है।उन्होंने बताया कि खरीदी गई फसल के एवज में किसानों को अब तक 188 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
आने वाले दिनों में उठान में लाई जाएगी तेजी
मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में खरीदे गए धान के उठान की रफ्तार बढ़ाई जाएगी। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि मंडियों में बारदाने की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने सरकारी कोटे के लिए 180 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद के लक्ष्य को आसानी से पूरा करेगी।
खरीद के लिए 42,786 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट
लाल चंद कटारूचक ने बताया कि खरीद अभियान के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने खरीद प्रक्रिया के लिए 42,786 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट मंजूर की है।
मंत्री ने खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए कि खरीद, उठान और किसानों को भुगतान की प्रक्रिया के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखा जाए।
24 घंटे में किसानों के खातों में भुगतान का निर्देश
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खरीद एंट्री दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में भुगतान पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री ने कहा कि खरीद प्रक्रिया में तेजी के साथ पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखना भी जरूरी है।
किसानों और आढ़तियों से की बातचीत
खरड़ मंडी के दौरे के दौरान मंत्री ने किसानों, आढ़तियों और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत कर जमीनी स्तर पर खरीद व्यवस्था की जानकारी ली।
उनकी मौजूदगी में PUNSUP ने त्रिपड़ी गांव के किसान मनदीप सिंह द्वारा मंडी में लाई गई धान की फसल की खरीद की।
पंजाब में मौजूदा धान स्टॉक को लेकर भी चर्चा
इस दौरान सांसद मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि पंजाब में मौजूदा धान के स्टॉक को केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के साथ समन्वय कर निकालने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने खरीद और स्टॉक प्रबंधन को लेकर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की जरूरत पर जोर दिया।
Key Highlights:
- पंजाब की मंडियों में 3.83 लाख मीट्रिक टन धान पहुंचा।
- सरकारी खरीद एजेंसियां 3.44 लाख मीट्रिक टन धान खरीद चुकी हैं।
- किसानों को खरीदी गई फसल के बदले 188 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
- सरकार ने 180 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है।
- RBI ने खरीद कार्यों के लिए 42,786 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट मंजूर की।
- मंत्री ने धान उठान की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए।
- बारदाने की कमी नहीं होने का दावा किया गया।
- खरीद एंट्री के 24 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान करने के निर्देश दिए गए।
FAQ Section:
पंजाब में अब तक कितना धान मंडियों में पहुंचा है?
सरकार के अनुसार, पंजाब की मंडियों में अब तक 3.83 लाख मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है।
सरकारी एजेंसियों ने कितने धान की खरीद की है?
सरकारी खरीद एजेंसियों ने 3.44 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है।
किसानों को कितना भुगतान किया गया है?
खरीदी गई धान की फसल के एवज में किसानों को 188 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
पंजाब सरकार का धान खरीद लक्ष्य कितना है?
सरकारी कोटे के लिए पंजाब सरकार ने 180 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है।
किसानों को भुगतान कितने समय में करने के निर्देश दिए गए हैं?
मंत्री ने खरीद एंट्री दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
Conclusion:
पंजाब सरकार ने धान खरीद सीजन के दौरान मंडियों में खरीद, उठान और भुगतान व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर जोर दिया है। खरड़ मंडी में समीक्षा के दौरान मंत्री लाल चंद कटारूचक ने किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देने और खरीद के बाद समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सरकार के अनुसार, खरीद के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और बारदाने की उपलब्धता है।

