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फगवाड़ा में मनरेगा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन पेन-डाउन हड़ताल शुरू, वेतन जारी करने और नियमितीकरण की मांग तेज
6-7 महीने से वेतन न मिलने का आरोप, 10 से 12 वर्षों से संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
फगवाड़ा के ब्लॉक विकास एवं पंचायत कार्यालय में तैनात मनरेगा कर्मचारियों ने लंबित वेतन और सेवाओं के नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन पेन-डाउन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों का कहना है कि कई महीनों से वेतन न मिलने के कारण उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
मनरेगा कर्मचारियों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
फगवाड़ा स्थित ब्लॉक विकास एवं पंचायत कार्यालय (BDPO) में कार्यरत मनरेगा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन पेन-डाउन हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों से संविदा आधार पर सेवाएं देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।
कई महीनों से वेतन न मिलने का आरोप
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने दावा किया कि उन्हें पिछले छह से सात महीनों से वेतन नहीं मिला है।आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारी
कर्मचारियों के अनुसार वेतन न मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि राशन, बच्चों की स्कूल फीस, नए शैक्षणिक सत्र में दाखिले और परिवार के बुजुर्ग एवं बीमार सदस्यों के इलाज जैसी आवश्यक जरूरतों को पूरा करना चुनौती बन गया है।
कर्ज लेकर चला रहे परिवार
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि लगातार वेतन न मिलने के कारण कई लोगों को अपने परिवार का गुजारा चलाने के लिए उधार लेना पड़ रहा है।
बढ़ती महंगाई ने बढ़ाई परेशानी
कर्मचारियों ने कहा कि पहले से लंबित वेतन के बीच पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने उनकी आर्थिक स्थिति को और अधिक कमजोर कर दिया है।
नियमितीकरण की मांग फिर हुई तेज
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई।
चुनावी वादों को लेकर सरकार पर सवाल
सभा को संबोधित करते हुए एपीओ (APO) सुरिंदर पाल सिंह बघाना ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का कार्यकाल समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
10 से 12 वर्षों से संविदा पर दे रहे सेवाएं
कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 10 से 12 वर्षों से संविदा आधार पर विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
फिर भी नहीं मिला स्थायी दर्जा
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद न तो उन्हें नियमित किया गया और न ही समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया गया।
उनका कहना है कि यह स्थिति कर्मचारियों के साथ अन्याय के समान है।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल
मनरेगा कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक पेन-डाउन हड़ताल जारी रहेगी।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- पिछले 6-7 महीनों का लंबित वेतन तुरंत जारी किया जाए
- मनरेगा कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित किया जाए
- संविदा कर्मचारियों के लिए स्थायी रोजगार नीति बनाई जाए
- वेतन भुगतान में होने वाली देरी को रोका जाए
- कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
Key Highlights:
- फगवाड़ा में मनरेगा कर्मचारियों ने शुरू की अनिश्चितकालीन पेन-डाउन हड़ताल
- 6-7 महीनों से वेतन न मिलने का लगाया आरोप
- 10 से 12 वर्षों से संविदा पर कार्यरत हैं कर्मचारी
- नियमितीकरण और बकाया वेतन जारी करने की मांग
- बढ़ती महंगाई से आर्थिक संकट गहराने की बात कही
- कर्मचारियों ने सरकार पर चुनावी वादे पूरा न करने का आरोप लगाया
- मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
FAQ Section:
Q1. मनरेगा कर्मचारियों ने हड़ताल क्यों शुरू की है?
कर्मचारियों ने लंबित वेतन जारी करने और सेवाओं के नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन पेन-डाउन हड़ताल शुरू की है।
Q2. कर्मचारियों का कितना वेतन लंबित है?
प्रदर्शनकारियों के अनुसार पिछले 6 से 7 महीनों से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है।
Q3. कर्मचारी कितने समय से संविदा पर कार्य कर रहे हैं?
कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 10 से 12 वर्षों से संविदा आधार पर सेवाएं दे रहे हैं।
Q4. कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
बकाया वेतन का भुगतान, सेवाओं का नियमितीकरण और रोजगार सुरक्षा उनकी प्रमुख मांगें हैं।
Q5. हड़ताल कब तक जारी रहेगी?
कर्मचारियों ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पेन-डाउन हड़ताल जारी रहेगी।
Conclusion:
फगवाड़ा में मनरेगा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने संविदा कर्मचारियों की समस्याओं और लंबित वेतन के मुद्दे को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि आर्थिक संकट और अनिश्चित भविष्य के कारण वे आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं। अब देखना होगा कि सरकार उनकी मांगों पर क्या कदम उठाती है और इस गतिरोध का समाधान कैसे निकलता है।

