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अमृतसर में डेयरी किसानों का उग्र प्रदर्शन, सड़कों पर बहाया दूध; नकली डेयरी कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग
दूध के उचित दाम नहीं मिलने से नाराज किसानों ने प्रशासन को घेरा, कहा- मिलावटी दूध के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच रहे डेयरी फार्म
अमृतसर में डेयरी किसानों ने दूध के उचित मूल्य और नकली डेयरी उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि मिलावटी दूध के अवैध कारोबार के कारण शुद्ध दूध उत्पादकों को उचित दाम नहीं मिल रहे, जिससे डेयरी व्यवसाय गंभीर संकट में है।
अमृतसर में डेयरी किसानों का विरोध प्रदर्शन
दूध की उचित कीमत नहीं मिलने और नकली दूध व डेयरी उत्पादों के बढ़ते कारोबार से परेशान किसानों ने सोमवार को अमृतसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और सरकार से मिलावटी डेयरी उत्पादों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
किसानों का कहना है कि बाजार में नकली और मिलावटी दूध की बिक्री ने असली उत्पादकों की आय पर सीधा असर डाला है, जिसके कारण डेयरी व्यवसाय लगातार घाटे में जा रहा है।
विरोध के तौर पर सड़कों पर बहाया दूध
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपना रोष जताने के लिए सड़कों पर दूध बहाया। उनका कहना था कि जब तक प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक डेयरी किसानों की समस्याएं खत्म नहीं होंगी।डेयरी फार्म बंद होने की स्थिति
किसानों ने दावा किया कि शुद्ध दूध के मुकाबले मिलावटी उत्पादों की बिक्री बढ़ने से बाजार में कीमतें दबाव में हैं। इसके चलते कई डेयरी संचालक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और कुछ को अपना व्यवसाय बंद करना पड़ा है।
पंजाब की संस्कृति में दूध का विशेष महत्व
पंजाब की कृषि प्रधान संस्कृति में दूध को समृद्धि और ईश्वर के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। ‘दूध’ और ‘पुत्त’ (पुत्र) को पारंपरिक रूप से भगवान की देन समझा जाता है।
मजबूरी में अपनाया विरोध का तरीका
इसके बावजूद किसानों ने अपनी पीड़ा और नाराजगी व्यक्त करने के लिए पिछले पंद्रह दिनों में दूसरी बार सड़कों पर दूध बहाने जैसा कदम उठाया। किसानों का कहना है कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के जिला अध्यक्ष करमजीत सिंह ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
केवल सैंपलिंग तक सीमित कार्रवाई
उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल औपचारिक सैंपलिंग कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है, जबकि नकली दूध और डेयरी उत्पादों के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
करमजीत सिंह ने आरोप लगाया कि मिलावटी उत्पादों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई न होने से अवैध कारोबार लगातार फल-फूल रहा है।
बढ़ती लागत ने बढ़ाई किसानों की परेशानी
किसानों का कहना है कि डेयरी व्यवसाय की लागत लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि दूध के दामों में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई।
चारा और पशु आहार महंगा
प्रदर्शनकारियों के अनुसार पशु चारा, दाना, खली और सूखे चारे की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। इसके बावजूद दूध उत्पादकों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा।
किसान रणजीत सिंह ने कहा कि डेयरी फार्मिंग की लागत इतनी बढ़ चुकी है कि कई किसान अपना डेयरी व्यवसाय बंद करने के लिए मजबूर हो गए हैं।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों ने सरकार और प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं।
क्या चाहते हैं डेयरी किसान?
- दूध का लाभकारी और उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए
- नकली और मिलावटी दूध उत्पादों के कारोबार पर सख्त कार्रवाई हो
- अवैध कारोबार को संरक्षण देने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जाए
- डेयरी किसानों के लिए राहत और सहायता योजनाएं लागू की जाएं
- पशु चारा और डेयरी लागत कम करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं
Key Highlights:
- अमृतसर में डेयरी किसानों ने किया प्रदर्शन
- उचित मूल्य न मिलने पर सड़कों पर बहाया दूध
- नकली दूध और डेयरी उत्पादों के कारोबार पर लगाए आरोप
- प्रशासन की कार्रवाई को बताया अपर्याप्त
- चारा और पशु आहार की बढ़ती कीमतों से बढ़ी परेशानी
- कई डेयरी फार्म बंद होने की स्थिति में पहुंचे
- अवैध कारोबारियों और संरक्षण देने वालों पर कार्रवाई की मांग
FAQ Section:
Q1. डेयरी किसानों ने विरोध प्रदर्शन क्यों किया?
किसानों का कहना है कि उन्हें दूध का उचित मूल्य नहीं मिल रहा और नकली डेयरी उत्पादों की बिक्री से उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
Q2. किसानों ने विरोध कैसे दर्ज कराया?
उन्होंने सड़कों पर दूध बहाकर प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया।
Q3. किसानों ने किस पर आरोप लगाए हैं?
किसानों ने प्रशासन पर नकली दूध और मिलावटी डेयरी उत्पादों के कारोबार को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
Q4. डेयरी व्यवसाय किन समस्याओं का सामना कर रहा है?
पशु चारा, दाना और अन्य लागतों में वृद्धि के बावजूद दूध की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे किसानों की आय प्रभावित हो रही है।
Q5. किसानों की मुख्य मांग क्या है?
नकली डेयरी उत्पादों के कारोबार पर सख्त कार्रवाई और दूध के लिए उचित एवं लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना।
Conclusion:
अमृतसर में डेयरी किसानों का यह प्रदर्शन राज्य के डेयरी क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों को उजागर करता है। एक ओर उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर नकली और मिलावटी डेयरी उत्पादों का कारोबार असली उत्पादकों के लिए गंभीर संकट पैदा कर रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो डेयरी उद्योग से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

