दूध मिलावट के खिलाफ जागृति सेना का अनोखा प्रदर्शन, दूरबीन से ढूंढे टेस्टिंग लैब

लैब की कमी पर सरकार को घेरा, “सफेद जहर” से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाने की मांग

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लुधियाना में जागृति सेना के सदस्यों ने दूध मिलावट के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने दूरबीन से दूध परीक्षण लैब खोजने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।

मंगलवार को जागृति सेना के सदस्य जगराओं ब्रिज पर एकत्र हुए और दूध परीक्षण प्रयोगशालाओं को “खोजने” के लिए दूरबीन का इस्तेमाल करते हुए अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने दूध में मिलावट करने वाले तथाकथित “माफिया” के खिलाफ नाराजगी जताई।

जब उनके इस अनोखे प्रदर्शन के बारे में पूछा गया, तो कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि पूरे शहर में खोजने के बावजूद उन्हें दूध जांच के लिए एक भी प्रयोगशाला नहीं मिली।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि तीन जिलों के लिए केवल एक ही दूध परीक्षण वैन उपलब्ध है, जिसे उन्होंने “मजाक और दिखावा” करार दिया।

जागृति सेना के प्रमुख प्रवीण डांग ने मिलावटी दूध से हो रही मौतों और गंभीर बीमारियों पर चिंता जताई। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर इस “सफेद जहर” से खुद को बचाएं।

व्यावहारिक समाधान सुझाते हुए उन्होंने कहा कि हर सरकारी और निजी स्कूल में कक्षा 8 के छात्रों को दूध के नमूनों की जांच करने का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

डांग ने हाल ही में लुधियाना के वेरका मिल्क प्लांट द्वारा सेना को सप्लाई किए गए दूध पाउडर की गुणवत्ता पर उठे सवालों को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा, “अगर सेना को ही घटिया गुणवत्ता का दूध पाउडर दिया जा रहा है, तो आम लोगों को मिलने वाले दूध की गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है।”

उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की कि वेरका मिल्क प्लांट के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए, ताकि सहकारी संस्था की साख बहाल हो सके।Screenshot_176

Edited By: Karan Singh

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