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यूपी में 49 बस स्टेशनों का PPP मॉडल पर विकास, कैबिनेट ने प्रस्तावों को मंजूरी
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे बस अड्डे, निजी निवेश से बढ़ेगा राजस्व और यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
उत्तर प्रदेश सरकार ने 49 बस स्टेशनों के पुनर्विकास को PPP मॉडल के तहत मंजूरी दी है। इन बस अड्डों पर आधुनिक सुविधाएं और व्यावसायिक गतिविधियां विकसित की जाएंगी।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के तीन प्रस्तावों को मंगलवार को राज्य कैबिनेट ने मंजूरी दे दी, जिसमें दूसरे चरण में 49 बस स्टेशनों का सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकास शामिल है।
इस पुनर्विकास का उद्देश्य यात्रियों की सुविधा में सुधार करना और व्यावसायिक गतिविधियों के जरिए UPSRTC के राजस्व को बढ़ाना है।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि इन बस स्टेशनों को DBFOT (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट, ट्रांसफर) मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिसमें निजी कंपनियां निवेश और संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगी।
उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने बुलंदशहर के नरौरा, बलरामपुर की तुलसीपुर तहसील और हाथरस की सिकंदराराव तहसील में नए बस स्टेशनों के लिए मुफ्त जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
मंत्री के अनुसार, नए बस स्टेशनों में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ-साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और सिनेमा हॉल जैसी व्यावसायिक सुविधाएं भी होंगी, जिससे इन्हें आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।
निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ने पात्रता मानदंडों को आसान बनाया है। तकनीकी क्षमता की आवश्यकता को 150% से घटाकर 100% कर दिया गया है और परियोजना पात्रता अवधि को 5 साल से बढ़ाकर 8 साल कर दिया गया है।
इसके अलावा, सभी प्रस्तावित स्थलों पर 2.5 का समान फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) और मुफ्त ग्राउंड कवरेज की अनुमति दी जाएगी। लीज शर्तों के अनुसार, यदि डेवलपर रियायत अवधि के बाद भूमि वापस नहीं करता है, तो उसका स्वामित्व UPSRTC को वापस मिल जाएगा।
मंत्री ने यह भी बताया कि बुलंदशहर के नरौरा में पहले बस डिपो NPCIL की लीज पर चल रहा था, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी है। अब नई सुविधा के लिए सिंचाई विभाग की 1.12 हेक्टेयर जमीन दी जाएगी।
तुलसीपुर में देवी पाटन मंदिर के पास लोक निर्माण विभाग की 2 हेक्टेयर जमीन और सिकंदराराव में रतनपुर व हुसैनपुर गांवों की 10 हेक्टेयर से अधिक जमीन मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।
